माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में पहले भी सीमित पात्रता वाला स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम शुरू किया था। अब नई वॉलंटरी एग्जिट योजना का दायरा व्यापक बताया जा रहा है, जिसमें भारत समेत चार देशों की चुनिंदा टीमों के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।
वाशिंगटन, डीसी/ नई दिल्ली: दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (Voluntary Exit Offer) की घोषणा की है। इस कार्यक्रम के तहत दुनिया भर में कंपनी के करीब 60,000 कर्मचारियों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प मिल सकता है।
यह वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में काम करने वाली कुछ चुनिंदा टीमों के योग्य कर्मचारियों के लिए पेश किया गया है। इसके तहत कंपनी छोड़ने का निर्णय लेने वाले कर्मचारियों को आर्थिक लाभ के साथ करियर से जुड़ी योजना बनाने में भी मदद दी जाएगी।
माइक्रोसॉफ्ट की चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर एमी कोलमैन ने 26 अक्टूबर को कर्मचारियों को भेजे गए संदेश के जरिए इस योजना की घोषणा की। कंपनी ने बताया कि यह योजना एक तय अवधि तक ही लागू रहेगी। इसके तहत कर्मचारियों को दूसरे संस्थानों में नौकरी के अवसर तलाशने में मदद मिलेगी। साथ ही, माइक्रोसॉफ्ट अपने अलग-अलग विभागों की जरूरतों को देखते हुए कर्मचारियों की संख्या और उनकी जिम्मेदारियों में जरूरी फेरबदल कर सकेगी।
60 हजार कर्मचारियों के लिए विकल्प
रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट के लगभग 60,000 कर्मचारी इस स्वैच्छिक एग्जिट कार्यक्रम के दायरे में आ सकते हैं। कंपनी ने जून 2026 के अंत तक दुनिया भर में लगभग 2,23,000 पूर्णकालिक कर्मचारियों की जानकारी दी थी। इस हिसाब से प्रस्तावित योजना कंपनी के वैश्विक कार्यबल के एक बड़े हिस्से तक पहुंच सकती है।
हालांकि, 60 हजार कर्मचारियों का आंकड़ा उन लोगों की संभावित संख्या को दर्शाता है, जो इस योजना के लिए योग्य हो सकते हैं। इसे कंपनी में इतनी नौकरियों की कटौती के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। माइक्रोसॉफ्ट ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि कुल कितने कर्मचारी इस प्रस्ताव को स्वीकार कर नौकरी छोड़ने का फैसला कर सकते हैं।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह योजना सभी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध नहीं होगी। इसकी पात्रता इस बात पर निर्भर करेगी कि कर्मचारी किस कारोबारी इकाई या टीम में काम करता है और संबंधित इकाई इस कार्यक्रम में शामिल है या नहीं।
किन कर्मचारियों को मिलेगा वॉलंटरी एग्जिट ऑफर?
माइक्रोसॉफ्ट की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, इस कार्यक्रम में शामिल टीमों के लेवल 70 या उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकता है। यह सीमा कंपनी के आंतरिक जॉब-लेवल सिस्टम पर आधारित है, जो कर्मचारियों की भूमिका और वरिष्ठता के विभिन्न स्तरों को दर्शाता है।
रिपोर्टों के मुताबिक, इस दायरे में कुछ वरिष्ठ पदों पर काम करने वाले कर्मचारी भी आ सकते हैं। इनमें जनरल मैनेजर और वाइस प्रेसिडेंट पदनाम वाले कुछ कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, कंपनी के कॉरपोरेट वाइस प्रेसिडेंट इस कार्यक्रम के दायरे से बाहर बताए गए हैं।
इस योजना में शामिल होने के लिए किसी कर्मचारी की न्यूनतम उम्र या सेवा अवधि की शर्त होने की जानकारी सामने नहीं आई है। पहले शुरू किए गए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम के मुकाबले यह योजना अधिक व्यापक मानी जा रही है, क्योंकि इसमें केवल लंबे समय से काम कर रहे या सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचे कर्मचारियों तक ही विकल्प सीमित नहीं है।
किन विभागों पर पड़ सकता है असर?
माइक्रोसॉफ्ट की कुछ प्रमुख कारोबारी इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारी इस ऑफर के पात्र हो सकते हैं। इनमें एआई एक्सपीरियंस, कोपायलट, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेज, एक्सबॉक्स और विंडोज एंड डिवाइसेज से जुड़े विभाग शामिल बताए गए हैं।
कंपनी ने अब तक आधिकारिक तौर पर उन सभी विभागों के नाम साझा नहीं किए हैं, जिनके कर्मचारी इस ऑफर का लाभ उठा सकते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मार्केटिंग, कमर्शियल बिजनेस और सिक्योरिटी से जुड़े कुछ विभागों को इस योजना से अलग रखा गया है। वहीं, सेल्स, इंजीनियरिंग और कॉरपोरेट टीमों के कुछ हिस्सों में भी इसकी पहुंच सीमित हो सकती है।
माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, कंपनी के प्रत्येक विभाग की कारोबारी प्राथमिकताएं और कर्मचारियों से जुड़ी आवश्यकताएं अलग-अलग हैं। इसी वजह से कुछ टीमों में पदों की संख्या घटाने या कर्मचारियों की भूमिका में बदलाव की जरूरत हो सकती है, जबकि दूसरे विभागों में मौजूदा स्टाफ के साथ काम जारी रखना जरूरी होगा। इन परिस्थितियों को देखते हुए कंपनी ने स्वैच्छिक एग्जिट योजना का दायरा चुनिंदा विभागों तक सीमित रखा है, न कि इसे पूरे संगठन में एक समान तरीके से लागू किया है।
भारत के 23 हजार कर्मचारियों का क्या होगा?
माइक्रोसॉफ्ट के भारतीय कार्यबल में करीब 23,000 कर्मचारी शामिल हैं। ऐसे में कंपनी के इस नए एग्जिट प्रोग्राम का असर भारत में भी देखने को मिल सकता है। भारत उन चार देशों में से एक है, जहां चुनिंदा विभागों के योग्य कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने के बदले यह प्रस्ताव दिया जा रहा है।
हालांकि, भारत में माइक्रोसॉफ्ट के कुल 23 हजार कर्मचारियों को इस योजना का संभावित लाभार्थी मानना सही नहीं होगा। कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि देश में कितने कर्मचारी एग्जिट ऑफर की शर्तों के दायरे में आएंगे। इसके अलावा, कितने लोग इस प्रस्ताव को स्वीकार कर कंपनी से अलग होने का फैसला करेंगे, इस बारे में भी कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक घोषणा में भारत के लिए अलग से पात्रता संख्या, विभागवार विवरण या सभी कर्मचारियों के लिए लागू होने वाली एक समान भुगतान राशि नहीं दी गई है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि भारत में माइक्रोसॉफ्ट के सभी 23,000 कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा है।
भारत में माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, नए उत्पादों के निर्माण और कंपनी के दूसरे व्यावसायिक कार्यों में अहम भूमिका निभाते हैं। नई योजना का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि किन भारतीय टीमों को इसमें शामिल किया जाता है और कितने कर्मचारी स्वेच्छा से कंपनी छोड़ने का फैसला करते हैं।
एग्जिट पैकेज की सुविधाएं
माइक्रोसॉफ्ट की आधिकारिक घोषणा में कहा गया है कि वॉलंटरी एग्जिट ऑफर के तहत पात्र कर्मचारियों को वित्तीय सहायता और करियर प्लानिंग से जुड़ी सुविधाएं मिलेंगी। कंपनी ने यह भी बताया है कि यह कार्यक्रम उसके पहले के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम से मिले अनुभव पर आधारित है।
इस पैकेज में निम्नलिखित सुविधाएं शामिल हो सकती हैं:
- वित्तीय सहायता: कर्मचारी को नौकरी छोड़ने पर मिलने वाली राशि उसकी भूमिका, वेतन और कंपनी में काम करने की अवधि के आधार पर तय हो सकती है।
- स्टॉक वेस्टिंग: कुछ पात्र कर्मचारियों के लिए कंपनी के शेयरों से जुड़े लाभ निर्धारित अवधि तक जारी रह सकते हैं। इसकी शर्तें संबंधित ऑफर पर निर्भर करेंगी।
- स्वास्थ्य बीमा: पात्र कर्मचारियों को सीमित अवधि के लिए स्वास्थ्य बीमा सुविधा मिल सकती है। इसकी अवधि और शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं।
- करियर ट्रांजिशन सहायता: कंपनी से बाहर नया काम तलाशने, करियर की अगली दिशा तय करने और नौकरी बदलने की प्रक्रिया में मदद देने वाले संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि अमेरिका में सामने आई पैकेज संबंधी जानकारी को भारत के कर्मचारियों पर सीधे लागू नहीं माना जा सकता। अलग-अलग देशों में रोजगार संबंधी नियम, बीमा व्यवस्था और कंपनी की भुगतान नीतियां अलग होती हैं। भारत में किसी कर्मचारी को कितनी राशि मिलेगी, यह उसके व्यक्तिगत ऑफर और लागू शर्तों से ही स्पष्ट होगा।
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कर्मचारियों को कब तक लेना होगा फैसला?
मीडिया रिपोर्टों में कर्मचारियों के लिए दिसंबर की शुरुआत तक फैसला लेने की समयसीमा बताई गई है। भारत में पात्र कर्मचारियों के लिए 1 दिसंबर तक जवाब देने की जानकारी भी कुछ रिपोर्टों में सामने आई है। हालांकि, कर्मचारियों को अपने व्यक्तिगत ईमेल में दी गई अंतिम तारीख और शर्तों को ही निर्णायक मानना चाहिए।
कार्यक्रम के तहत कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों की विदाई साल के अंत तक हो सकती है। लेकिन सभी देशों और कर्मचारियों के लिए लागू अंतिम तारीख की पुष्टि व्यक्तिगत ऑफर की शर्तों से की जानी चाहिए।
कर्मचारियों के लिए यह फैसला केवल तत्काल मिलने वाली रकम तक सीमित नहीं होगा। नौकरी छोड़ने के बाद नई नौकरी मिलने में लगने वाला समय, परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां, स्वास्थ्य बीमा, शेयरों से जुड़े लाभ और भविष्य के करियर विकल्प भी इसमें अहम भूमिका निभाएंगे।
माइक्रोसॉफ्ट ने क्यों दिया विकल्प?
इस कदम के पीछे कंपनी की बदलती कारोबारी जरूरतें और लागत प्रबंधन अहम कारण माने जा रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई से जुड़े कारोबार का विस्तार करने के लिए बड़े निवेश कर रही है। इन सेवाओं को चलाने और विकसित करने के लिए डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग क्षमता, चिप्स और अन्य तकनीकी संसाधनों की जरूरत होती है।
एआई से जुड़ी बढ़ती मांग के बीच बड़ी टेक कंपनियां यह तय कर रही हैं कि कर्मचारियों, तकनीकी संसाधनों और पूंजी का इस्तेमाल किन क्षेत्रों में अधिक प्रभावी ढंग से किया जाए। माइक्रोसॉफ्ट भी अपने कारोबारी ढांचे को बदलती जरूरतों के अनुरूप ढालने की कोशिश कर रही है।
स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर कंपनियों को कार्यबल में बदलाव का एक विकल्प देता है। इसमें कर्मचारियों को जबरन नौकरी से हटाने के बजाय आर्थिक सहायता के साथ कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया जाता है। इससे कंपनी को कुछ भूमिकाओं में कर्मचारियों की संख्या घटाने या संसाधनों को दूसरे क्षेत्रों में लगाने में मदद मिल सकती है।
पहले भी यह योजना ला चुकी है कंपनी
माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में इससे पहले भी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम शुरू किया था। वह योजना अपेक्षाकृत सीमित समूह के कर्मचारियों के लिए थी और उसमें पात्र कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने के बदले वित्तीय लाभ लेने का विकल्प दिया गया था।
पहले कार्यक्रम के लिए करीब 8,750 अमेरिकी कर्मचारियों को पात्र माना गया था। इनमें से लगभग 30 प्रतिशत कर्मचारियों ने ऑफर स्वीकार किया था। इस कार्यक्रम में वरिष्ठता और सेवा संबंधी शर्तों की भूमिका थी।
नई वॉलंटरी एग्जिट योजना का दायरा इससे व्यापक बताया जा रहा है। इसमें भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के चुनिंदा विभागों के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं और पात्रता का दायरा लेवल 70 तक रखा गया है।
इस साल हजारों कर्मचारियों की नौकरियां भी गईं
नई स्वैच्छिक निकास योजना ऐसे समय में आई है, जब माइक्रोसॉफ्ट पहले ही कई दौर में कर्मचारियों की संख्या घटा चुकी है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी ने जुलाई 2026 में लगभग 4,800 पदों में कटौती की थी। सितंबर में भी कुछ और कर्मचारियों की छंटनी की खबरें सामने आई थीं।
इसके अलावा, 2025 में कंपनी ने 15,000 से अधिक नौकरियों में कटौती की थी। इन बदलावों का असर कंपनी के अलग-अलग कारोबारों पर पड़ा, जिनमें गेमिंग और कमर्शियल गतिविधियां भी शामिल थीं।
माइक्रोसॉफ्ट का गेमिंग कारोबार, खास तौर पर एक्सबॉक्स से जुड़ा विभाग, पहले भी पुनर्गठन की प्रक्रिया से गुजर चुका है। कंपनी ने लागत और कारोबारी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए अपने कुछ प्रोजेक्ट और टीमों के ढांचे में बदलाव किए हैं।
हालांकि, जबरन छंटनी और स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। छंटनी में कंपनी रोजगार समाप्त करने का फैसला लेती है, जबकि स्वैच्छिक योजना में पात्र कर्मचारी शर्तों को स्वीकार करके स्वयं नौकरी छोड़ने का निर्णय लेते हैं।


