बुद्ध पूर्णिमा पर रवि कुंडली का संदेश: शांति, समानता और सामाजिक न्याय के संकल्प को दोहराया

आरपीआई (आठवले) हरियाणा अध्यक्ष ने बाबा साहब अंबेडकर और गौतम बुद्ध के विचारों को बताया आज के समय में बेहद प्रासंगिक, युवाओं से सामाजिक बदलाव में भागीदारी की अपील की

हरियाणा, बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता रवि (सोनू) कुंडली ने प्रदेश और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार आज भी सामाजिक समरसता, शांति और न्याय की स्थापना के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विशेष रूप से उन वर्गों की बात की जो वर्षों से भेदभाव और अन्याय का शिकार रहे हैं।

रवि कुंडली ने कहा कि भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और अहिंसा के सिद्धांत आज के समाज में बराबरी और आत्मसम्मान को समझने का मजबूत जरिया हैं। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बौद्ध धर्म अपनाने को एक ऐतिहासिक सामाजिक क्रांति करार दिया और बताया कि यह कदम सिर्फ आध्यात्मिक नहीं था, बल्कि सामाजिक अन्याय के खिलाफ एक शांतिपूर्ण विद्रोह भी था।

उन्होंने कहा कि अंबेडकर का धर्मांतरण यह दिखाता है कि अत्याचार और भेदभाव से लड़ने के लिए शांति और विवेकपूर्ण मार्ग भी अपनाए जा सकते हैं। रवि कुंडली ने बताया कि आरपीआई (आठवले) हरियाणा में दलितों के अधिकारों और सामाजिक समानता के लिए लगातार प्रयासरत है।

वर्तमान सामाजिक माहौल में बढ़ते विभाजन और वैमनस्य पर चिंता जताते हुए, उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गौतम बुद्ध और डॉ. अंबेडकर के विचारों को न केवल पढ़ें और समझें, बल्कि अपने जीवन में अपनाकर सामाजिक बदलाव का हिस्सा बनें। उन्होंने युवाओं से सामाजिक न्याय, समानता और अहिंसा के मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह भी किया।

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