‘ए कम्प्लीट गाइड टू न्यूज़ एंड न्यूज़ रिपोर्टिंग’ में खबरों का चुनाव, तथ्य-जांच, मीडिया कानून और पत्रकारिता की नैतिकता जैसे विषय शामिल
नई दिल्ली: खबरों की तेज रफ्तार और मीडिया पर भरोसे से जुड़े सवालों के बीच मेल्विन विलियम्स की नई पुस्तक ‘ए कम्प्लीट गाइड टू न्यूज़ एंड न्यूज़ रिपोर्टिंग: प्रिंसिपल्स, प्रैक्टिस, एथिक्स एंड स्टोरीक्राफ्ट इन मॉडर्न जर्नलिज्म’ पत्रकारिता की बुनियादी बातों को समझने पर जोर देती है। पैडिया बुक्स द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक खबरों की रिपोर्टिंग से लेकर पत्रकारों की पेशेवर जिम्मेदारियों तक कई विषयों को समेटती है।
पुस्तक के अनुसार, पत्रकारिता केवल घटनाओं की जानकारी देने या सुर्खियां तैयार करने का काम नहीं है। एक पत्रकार को सही सवाल पूछने, तथ्यों की पुष्टि करने और घटना का संदर्भ समझकर पाठकों तक जानकारी पहुंचाने की जरूरत होती है।
नौ अध्यायों में रिपोर्टिंग और मीडिया नैतिकता
पुस्तक में नौ अध्याय हैं। इनमें खबरों का चयन, रिपोर्टिंग, कहानी लिखने की शैली, साक्षात्कार, मीडिया कानून और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांत शामिल हैं। इसमें सैद्धांतिक जानकारी के साथ न्यूज़रूम में काम करने के व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा की गई है।
लेखक ने पुस्तक को पत्रकारिता के विद्यार्थियों, नए पत्रकारों, शिक्षकों और मीडिया क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया है। अभ्यास से जुड़ी सामग्री पाठकों को सीखी गई बातों को समझने और उनका इस्तेमाल करने में मदद करने के उद्देश्य से शामिल की गई है।
डिजिटल पत्रकारिता और फील्ड रिपोर्टिंग पर ध्यान
डिजिटल मीडिया के विस्तार ने खबरें जुटाने, लिखने और लोगों तक पहुंचाने के तरीकों को बदला है। ऐसे में पत्रकारों के लिए सही खबर पहचानना, जानकारी की पुष्टि करना और उसे स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करना जरूरी हो गया है।
पुस्तक फील्ड रिपोर्टिंग, डिजिटल पत्रकारिता, मीडिया कानून और न्यूज़रूम की कार्यप्रणाली जैसे विषयों पर चर्चा करती है। इसका उद्देश्य पाठकों को यह समझने में मदद करना है कि खबर तैयार करने की प्रक्रिया कैसे काम करती है और समाज में पत्रकारिता की क्या भूमिका है।
मेल्विन विलियम्स का मीडिया अनुभव
मेल्विन विलियम्स को सिनेमा, मीडिया, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह फिल्मकार, पत्रकार, लेखक और सांस्कृतिक सलाहकार हैं। उन्होंने लद्दाख इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (LIFF) की शुरुआत की है और वर्तमान में WFy Magazine के प्रधान संपादक हैं।
उनका काम पत्रकारिता, कहानी कहने और सांस्कृतिक विषयों से जुड़ा रहा है। पुस्तक में इन क्षेत्रों से जुड़े उनके अनुभव की झलक देखने को मिलती है।
जयन्ती रंगनाथन ने लिखी प्रस्तावना
पुस्तक की प्रस्तावना वरिष्ठ पत्रकार और लेखिका जयन्ती रंगनाथन ने लिखी है। उन्हें भारतीय प्रिंट मीडिया में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। वह हिंदुस्तान और नंदन की कार्यकारी संपादक रह चुकी हैं और वर्तमान में हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स में परामर्श संपादक हैं।
उन्होंने 16 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। उनकी रचनाओं में ‘ममराज्जी’, ‘शुगर डैडी’ और ‘अपने-अपने बुर्ज खलीफा’ शामिल हैं। वह हिंदी और अंग्रेजी में लेखन के साथ पटकथा लेखन से भी जुड़ी रही हैं।
जिम्मेदार पत्रकारिता को समझने की कोशिश
पुस्तक का मुख्य जोर तथ्यों की सच्चाई, सही संदर्भ और पत्रकारिता में नैतिक फैसलों के महत्व पर है। यह नए पत्रकारों को पेशे की बुनियादी प्रक्रियाओं से परिचित कराने के साथ अनुभवी पत्रकारों को भी अपनी कार्यशैली पर विचार करने का अवसर देने का प्रयास करती है।



