दिल्ली के करोल बाग स्थित गफ्फार मार्केट में भी शुक्रवार तड़के मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान में भीषण आग लगी। चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग बुझाने के लिए 22 दमकल वाहन लगाए गए।
नई दिल्ली: दिल्ली में शुक्रवार, 6 नवंबर की सुबह आग लगने की दो घटनाओं से हड़कंप मच गया। पहले करोल बाग के गफ्फार मार्केट में देर रात एक मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान में आग लगी, जिसने चार मंजिला व्यावसायिक इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना के कुछ घंटे बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू आजादपुर मार्केट में भी एक दुकान में आग लग गई।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। न्यू आजादपुर में आग बुझाने के लिए 12 दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, आग सुबह शांति मोहल्ला स्थित एक दुकान में लगी थी। घटना की सूचना मिलने के बाद दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।
सुबह करीब 8:40 बजे लगी आग
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू आजादपुर इलाके में शुक्रवार सुबह एक दुकान में आग लगने की सूचना मिली। आग शांति मोहल्ला में गीता बाल भवन स्कूल के पास स्थित दुकान में लगी थी। घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस को सूचित किया गया और दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं।
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, आग सुबह करीब 8:40 बजे लगी थी। शुरुआत में दमकल की तीन गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। हालांकि, कुछ ही देर में आग की स्थिति गंभीर हो गई। सुबह करीब 9:10 बजे तक आग बढ़ने के बाद इसे मेजर-4 श्रेणी में घोषित किया गया और दमकल की कुल 12 गाड़ियों को मौके पर तैनात किया गया।
क्या होता है मेजर-4 फायर अलर्ट?
दमकल विभाग आग की गंभीरता और उससे निपटने के लिए जरूरी संसाधनों के आधार पर अलग-अलग स्तरों पर प्रतिक्रिया देता है। मेजर-4 स्तर का उल्लेख यह बताता है कि घटनास्थल पर आग से निपटने के लिए बड़े स्तर पर दमकल संसाधनों की जरूरत पड़ी।
इस मामले में शुरुआती तीन गाड़ियों के बाद अतिरिक्त दमकल वाहनों को भेजा गया। आग बढ़ने की सूचना के बाद दमकल विभाग ने मौके पर संसाधन बढ़ाए। हालांकि, आग कितने क्षेत्र में फैली थी, दुकान में किस तरह का सामान रखा था और आसपास की अन्य दुकानों पर इसका कितना असर पड़ा, इस बारे में उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
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गफ्फार मार्केट में भी लगी थी भीषण आग
न्यू आजादपुर में आग लगने से कुछ घंटे पहले दिल्ली के करोल बाग स्थित गफ्फार मार्केट में भी बड़ी आग की घटना हुई। यह आग शुक्रवार तड़के करीब 1:28 बजे पुरी प्लाजा की 13 ब्लॉक स्थित चेन वाली गली में एक मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान में लगी थी। पुलिस के मुताबिक, दुकान नंबर 13/21 में मोबाइल से जुड़े सामान का कारोबार होता था।
आग की सूचना मिलने के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। शुरुआत में कई दमकल गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन आग बढ़ने पर अतिरिक्त वाहन भी तैनात करने पड़े। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान में कुल 22 दमकल सेवा वाहन लगाए गए। इनमें दमकल गाड़ियों के अलावा पानी के टैंकर और अन्य आपातकालीन वाहन शामिल थे।
आग चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में फैल गई थी। घटना के बाद इमारत से धुएं के घने गुबार उठते दिखाई दिए। आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों को कई घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। बाद में आग पर काबू पा लिया गया और उसे पूरी तरह बुझा दिया गया।
इस घटना में किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं मिली। हालांकि, इमारत और दुकानों में संपत्ति का काफी नुकसान हुआ। पुलिस ने बताया कि आग ग्राउंड फ्लोर पर स्थित मोबाइल बैटरी वाली दुकान से शुरू हुई थी और फिर ऊपर की मंजिलों तक फैल गई।
मोबाइल बैटरियों की ओवरचार्जिंग की आशंका
गफ्फार मार्केट की आग को लेकर पुलिस ने शुरुआती जांच में मोबाइल बैटरियों के गर्म होने या ओवरचार्जिंग को संभावित वजह बताया है। आशंका है कि ग्राउंड फ्लोर पर रखी बैटरियों में गर्मी बढ़ने के कारण आग शुरू हुई होगी। हालांकि, पुलिस ने इसे अंतिम कारण नहीं माना है।
इस घटना की वास्तविक वजह जानने के लिए दिल्ली फायर सर्विस और इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से रिपोर्ट ली जाएगी। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी घटनास्थल की जांच करेगी। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि इमारत में कोई अन्य ज्वलनशील सामग्री तो नहीं रखी गई थी, जिसने आग को तेजी से फैलने में मदद की।
इसके अलावा, दिल्ली पुलिस ने नगर निगम से इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन कराने की बात कही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आग से प्रभावित भवन में किसी तरह का खतरा तो नहीं है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के कारण और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं पर आगे की कार्रवाई होगी।
बाजारों में अग्नि सुरक्षा क्यों है जरूरी?
घनी आबादी वाले व्यावसायिक इलाकों में आग से निपटना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। दुकानों में बिजली के उपकरण, तार, पैकिंग सामग्री, प्लास्टिक, कपड़े, कागज और अन्य सामान बड़ी मात्रा में रखे हो सकते हैं। इनमें से कुछ सामग्री आग लगने पर तेजी से जल सकती हैं। यदि दुकानें एक-दूसरे के काफी करीब हों, तो आग के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।
बाजारों में बिजली के तारों और उपकरणों की नियमित जांच, ओवरलोडिंग से बचाव, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन रास्तों को खुला रखना जरूरी है। दुकानदारों और बाजार संगठनों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आग लगने की स्थिति में लोगों को बाहर निकलने का रास्ता मिले और दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में बाधा न आए।
मोबाइल बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक सामान का कारोबार करने वाली दुकानों में सुरक्षित चार्जिंग, सही गुणवत्ता वाले चार्जर और बैटरियों के भंडारण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
फिलहाल, दोनों घटनाओं की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई कमी थी या नहीं। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई ने दोनों घटनाओं में आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश की है।
