न्यूज़ीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज Kane Williamson ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। 16 साल लंबे शानदार करियर में 9500 से अधिक टेस्ट रन, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीत और “जेंटलमैन क्रिकेटर” छवि के साथ उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहा।
नई दिल्ली: न्यूज़ीलैंड क्रिकेट के सबसे महान बल्लेबाजों में शामिल केन विलियमसन (Kane Williamson) ने शुक्रवार (12 जून) को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। अपने शांत स्वभाव, बेहतरीन तकनीक और मैदान पर अनुशासित बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले विलियमसन ने 16 साल लंबे करियर का अंत करते हुए आज क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया है।
विलियमसन क्रिकेट जगत के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शुमार हैं जो सिर्फ आंकड़ों के मोहताज नहीं हैं। वे मैदान में अपने आचरण और लीडरशिप की योग्यता के आधार पर भी हमेशा-हमेशा के लिए याद रखे जाएंगे।
उनके इस फैसले के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम और दुनियाभर के क्रिकेट फैंस ने उन्हें “आधुनिक युग का सबसे सुसंस्कृत बल्लेबाज” कहकर श्रद्धांजलि दी है।
16 साल के शानदार करियर का अंत
कैन विलियमसन ने 2010 में न्यूज़ीलैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में अपनी अलग पहचान बनाई।
अपने करियर में उन्होंने:
- 110 टेस्ट मैचों में 54.06 की औसत से 9515 रन बनाए। (38 अर्धशतक, 33 शतक)
- 175 वनडे मैचों में 48.69 की औसत से 7256 रन बनाए। (47 अर्धशतक, 15 शतक) और
- 93 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 123.08 की स्ट्राइक रेट के साथ 2575 रन बनाए। इस प्रारूप में उनके नाम 18 अर्धशतक भी शामिल हैं।
विलियमसन को खास तौर पर उनकी टेस्ट क्रिकेट तकनीक, धैर्य और मैच को पढ़ने की क्षमता के लिए जाना जाता है।
कप्तान के रूप में स्वर्णिम दौर
केन विलियमसन लंबे समय तक न्यूज़ीलैंड के कप्तान रहे और उन्होंने टीम को एक नए स्तर पर पहुंचाया।
उनकी कप्तानी में न्यूज़ीलैंड ने:
- 2019 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल खेला
- 2021 में ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीती
2021 की यह जीत न्यूज़ीलैंड क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।
BLACKCAPS ने दी अपने हीरो को श्रद्धांजलि
न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम (BLACKCAPS) ने दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान Kane Williamson के सम्मान में सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए उनके शानदार करियर, नेतृत्व क्षमता और न्यूजीलैंड क्रिकेट में उनके योगदान को याद किया।
उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए लिखा – “यह एक ऐसी टीम है जिससे मैं प्यार करता हूँ और यह मेरे दिल के बेहद करीब है।” यादों के लिए धन्यवाद, केन।
संन्यास के पीछे का कारण
आपको बता दें कि, विलियमसन ने यह अहम फैसला इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच खेले जा रहे टेस्ट सीरीज के पहले टेस्ट मैच के बाद लिया है। लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने न्यूज़ीलैंड को 115 रनों से हरा दिया। विलियमसन ने इस मैच की दोनों पारियों में 0 और 18 रन बनाए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, विलियमसन पिछले कुछ समय से लगातार चोटों से जूझ रहे थे और उनके सामने वर्कलोड मैनेजमेंट की भी समस्या थी। इसके साथ ही वे नए खिलाड़ियों को मौका देने की सोच रहे थे, जिसके कारण इन सभी परिस्थितियों ने मिलकर उनके संन्यास के फैसले को प्रभावित किया।
दुनिया के सबसे ‘जेंटलमैन क्रिकेटर’ क्यों कहे जाते हैं विलियमसन?
विलियमसन को अक्सर क्रिकेट का “जेंटलमैन” कहा जाता है। इसका कारण उनका व्यवहार, मैदान पर संयम और विपक्षी खिलाड़ियों के प्रति सम्मान है।
वे कभी आक्रामक जश्न या विवादित व्यवहार के लिए नहीं जाने गए। उनकी छवि हमेशा एक शांत, विनम्र और अनुशासित खिलाड़ी की रही।
कैन विलियमसन के 5 ऐसे पल जिन्होंने सभी का दिल जीत लिया
1. 2019 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद मुस्कान के साथ हार स्वीकार करना
2019 का वनडे वर्ल्ड कप फाइनल इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला गया था। मैच टाई होने के बाद सुपर ओवर भी टाई हुआ और इंग्लैंड को बाउंड्री काउंट नियम के आधार पर विजेता घोषित किया गया।
हार के बावजूद विलियमसन ने जिस तरह शांत मुस्कान के साथ इंग्लैंड टीम को बधाई दी, वह क्रिकेट इतिहास के सबसे भावुक पलों में से एक बन गया। उनकी खेल भावना की पूरी दुनिया ने सराहना की।
2. मैन ऑफ द टूर्नामेंट बनने के बाद भी ट्रॉफी न मिलने पर विनम्र प्रतिक्रिया
2019 वर्ल्ड कप में विलियमसन को “Player of the Tournament” चुना गया, लेकिन टीम के हारने के बाद उन्होंने इसे बहुत साधारण तरीके से स्वीकार किया।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत पुरस्कार टीम की हार के सामने महत्व नहीं रखते। यह उनकी विनम्रता का एक बड़ा उदाहरण था।
3. विराट कोहली के साथ दोस्ती और सम्मान
केन विलियमसन और भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की दोस्ती क्रिकेट जगत में काफी मशहूर है। 2008 में मलेशिया में हुए ICC U-19 World Cup के दौरान दोनों ने अपनी-अपनी टीम का प्रतिनिधित्व भी किया था।
इसके बाद दोनों का करियर एक अलग ऊंचाईयों पर पहुंच गया। साल 2019 के वनडे विश्व कप सेमीफाइनल में दोनों खिलाड़ी एक बार फिर बतौर कप्तान आमने-सामने देखने को मिले।
दोनों खिलाड़ियों के बीच मैदान के अंदर प्रतिस्पर्धा और बाहर गहरी दोस्ती देखने को मिली। कई मौकों पर दोनों एक-दूसरे की तारीफ करते नजर आए और युवा खिलाड़ियों के लिए यह “स्पोर्ट्समैनशिप का उदाहरण” बन गया।
4. चोट के बावजूद टीम के लिए मैदान पर उतरना
अपने करियर के दौरान विलियमसन कई बार चोटों से जूझे, खासकर कोहनी और घुटने की समस्याओं से।
इसके बावजूद कई अहम मैचों में उन्होंने दर्द के बावजूद बल्लेबाजी की और टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। यह उनकी प्रतिबद्धता और टीम भावना को दर्शाता है।
5. WTC 2021 जीत के बाद भी सादगी बनाए रखना
2021 में न्यूज़ीलैंड ने भारत को हराकर ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता। यह न्यूज़ीलैंड क्रिकेट का सबसे बड़ा पल था।
लेकिन ट्रॉफी जीतने के बाद भी विलियमसन ने बेहद साधारण अंदाज में जीत का जश्न मनाया। उन्होंने इसे “टीम की मेहनत का परिणाम” बताया और खुद को इससे अलग नहीं रखा।
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