Friday, 02 October 2026
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जेपीएसआर प्रभु श्रीराम ने नोएडा फ्लावर शो 2026 में भारत की पहली “सांस्कृतिक फ्लावर वैली” का किया अनावरण

1500 वर्ष पुरानी कथाचित्र कला और सुगंध के संगम से सजी श्रीकृष्ण लीला को समर्पित जीवंत प्रस्तुति, ब्लूमिंग बड्स फेस्टिवल के अंतर्गत

एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक प्रस्तुति में जेपीएसआर प्रभु श्रीराम ने प्रतिष्ठित नोएडा फ्लावर शो 2026 (38वां वसंत उत्सव) में भारत की पहली “सांस्कृतिक फ्लावर वैली” का अनावरण किया। इस अभिनव पहल ने पारंपरिक पुष्प प्रदर्शनी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जीवंत कथा में परिवर्तित कर दिया।

ब्रांड के वार्षिक सांस्कृतिक अभियान ‘ब्लूमिंग बड्स फेस्टिवल’ के अंतर्गत यह दूसरी लगातार प्रस्तुति है, जो भारतीय कला, संस्कार और आध्यात्मिक कथाओं को आज की युवा पीढ़ी और समाज के लिए प्रासंगिक एवं प्रेरणादायी बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

एक फ्लावर वैली जो सुनाती है कहानी

सामान्य पुष्प सजावटों से अलग, “सांस्कृतिक फ्लावर वैली” केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बहु-इंद्रिय अनुभव प्रदान करती है। आगंतुक एक सुव्यवस्थित पुष्प परिदृश्य से होकर गुजरते हैं, जहाँ श्रीकृष्ण लीला के प्रसंगों को प्राचीन पट्टचित्र कला और सुगंध आधारित कथानक के माध्यम से जीवंत किया गया है।

पट्टचित्र ओडिशा की एक शास्त्रीय स्क्रॉल-पेंटिंग परंपरा है, जिसका इतिहास 1000 से अधिक वर्षों पुराना है। पारंपरिक रूप से तैयार कपड़े पर प्राकृतिक रंगों से बनाई जाने वाली ये कलाकृतियाँ अपनी सूक्ष्म रेखांकन शैली और पौराणिक कथाओं के चित्रण के लिए प्रसिद्ध हैं। सदियों से कलाकार पवित्र ग्रंथों, विशेषकर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों को इन चित्रों के माध्यम से संरक्षित करते आए हैं।

इस विरासत कला को विशेष रूप से निर्मित सुगंधों के साथ संयोजित कर यह स्थापना एक बहु-संवेदी यात्रा का रूप लेती है, जहाँ संस्कृति, सुगंध और कथा एक साथ अनुभव की जाती हैं।

परिणामस्वरूप, यह एक जीवंत अनुभव बन जाता है जिसमें फूल दृश्य सौंदर्य रचते हैं, कला सांस्कृतिक कथा कहती है, और सुगंध भावनात्मक स्मृति को स्थायी बनाती है।

कला और सुगंध के माध्यम से भारतीय विरासत की अभिव्यक्ति

इस प्रस्तुति के केंद्र में भारत की प्राचीनतम कथात्मक चित्र परंपराओं में से एक—पट्टचित्र—स्थित है। मंदिर परंपराओं और भक्ति-आधारित कथाओं से जुड़ी इस कला को आधुनिक दर्शकों के अनुरूप पुनर्परिभाषित किया गया है, ताकि इसकी प्रामाणिकता बनी रहे और नई पीढ़ी से इसका भावनात्मक जुड़ाव स्थापित हो सके।

माननीय सांसद का आगमन

प्रदर्शनी के दौरान गौतम बुद्ध नगर से सांसद डॉ. महेश शर्मा ने वसंत उत्सव फ्लावर शो में इस विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उनके आगमन पर उन्हें ‘श्रीकृष्ण लीला कलेक्शन’ भेंट किया गया।

डॉ. शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को समकालीन प्रारूप में प्रस्तुत करना युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उनका यह दौरा सार्वजनिक आयोजनों में सांस्कृतिक नवाचार के महत्व को रेखांकित करता है।

सुगंध: अदृश्य सांस्कृतिक सेतु

“सांस्कृतिक फ्लावर वैली” में सुगंध को एक सूक्ष्म किंतु प्रभावशाली स्मृति-उत्प्रेरक के रूप में शामिल किया गया है। प्रत्येक कथा प्रसंग के साथ विशेष सुगंध-नोट्स को जोड़ा गया है, जिससे आगंतुक केवल दृश्य नहीं, बल्कि भावनात्मक और संवेदनात्मक अनुभव भी प्राप्त करते हैं।

दूसरा संस्करण सांस्कृतिक निरंतरता और बढ़ती दर्शक सहभागिता का प्रतीक है, जहाँ आगंतुकों ने इस बहु-संवेदी कथात्मक प्रारूप को उत्साहपूर्वक सराहा।

जेपीएसआर प्रभु श्रीराम के प्रवक्ता ने कहा:

“सांस्कृतिक फ्लावर वैली केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक संदेश है। यह सिद्ध करती है कि भारतीय कला, कथाएँ और सुगंध परंपराएँ आधुनिक प्रारूप में भी युवाओं और समाज में गर्व की भावना जगा सकती हैं। हम संस्कृति को केवल अतीत की स्मृति के रूप में नहीं, बल्कि वर्तमान की जीवंत प्रासंगिकता के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।”

जेपीएसआर प्रभु श्रीराम के बारे में

जेपीएसआर प्रभु श्रीराम एक सांस्कृतिक-लक्ज़री ब्रांड है, जो भारतीय कला, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रीमियम सुगंध-आधारित कथात्मक अनुभवों के माध्यम से बढ़ावा देता है। ‘ब्लूमिंग बड्स फेस्टिवल’ और भारतीय विरासत से प्रेरित विशेष संग्रहों के जरिए ब्रांड भारत और वैश्विक स्तर पर संस्कृति को आधुनिक जीवनशैली से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

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BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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