जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड्स 2025 में वैश्विक परिवर्तनकर्ताओं को सम्मानित किया

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड्स 2025 में वैश्विक परिवर्तनकर्ताओं को सम्मानित किया

दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में HRDS INDIA की जनजातीय एवं सामाजिक विकास पहलों की सराहना करते हुए एलजी मनोज सिन्हा ने J&K में 1,500 आवासों के निर्माण को परिवर्तनकारी कदम बताया।

नई दिल्ली | 10 दिसंबर 2025

नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में HRDS INDIA द्वारा भव्य रूप से आयोजित ‘वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड्स 2025’ में जम्मू-कश्मीर के माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में राष्ट्रीय नेताओं, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति ने समारोह को विशेष बना दिया।

समारोह का उद्देश्य उन्हीं परिवर्तनकर्ताओं को सम्मानित करना था जिनका कार्य स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर के अदम्य साहस, प्रगतिशील सोच और राष्ट्रहित की भावना को जीवंत करता है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की HRDS INDIA–J&K की आवासीय परियोजना की सराहना

अपने संबोधन में श्री सिन्हा ने कहा कि वे सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को हार्दिक बधाई देते हैं। उन्होंने बताया कि HRDS INDIA और जम्मू-कश्मीर सरकार के सहयोग से शुरू की गई आवासीय पहल के प्रथम चरण में 1,500 आधुनिक घरों का निर्माण किया जा रहा है। यह पहल आपदाओं से प्रभावित परिवारों एवं वंचित समुदायों के जीवन में स्थायी सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा, “वीर सावरकर एक दूरदर्शी, क्रांतिकारी व्यक्तित्व थे। उनका राष्ट्र-समर्पण आज भी हमें प्रेरित करता है। HRDS INDIA के साथ मिलकर चल रही आवासीय परियोजना कई परिवारों के जीवन में नई आशा जगाएगी।”

HRDS INDIA के नेतृत्व ने साझा की संगठन की विकास-यात्रा

स्वागत भाषण में स्वामी आत्मा नम्बि जी ने ‘वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड्स’ के आदर्शों और HRDS INDIA के मिशन पर प्रकाश डाला।

HRDS INDIA के चेयरमैन डॉ. एस. कृष्ण कुमार ने कहा कि संगठन एक छोटी जमीनी पहल से विकसित होकर जनजातीय कल्याण का राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है और अब दस लाख आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एलजी मनोज सिन्हा का समर्थन इस उद्देश्य को और मजबूत करता है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड्स 2025 में वैश्विक परिवर्तनकर्ताओं को सम्मानित किया

संस्कृति और कला से सजी शानदार प्रस्तुतियाँ

समारोह में वीर सावरकर पर आधारित विशेष ऑडियो-विजुअल प्रस्तुत किया गया। इसके बाद पद्मश्री वी. जयरामा राव की शिष्या सुश्री वैष्णवी पी.जे. ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड 2025 – सम्मानित व्यक्तित्व

HRDS INDIA ने निम्नलिखित वैश्विक हस्तियों को शासन, नवाचार, सांस्कृतिक योगदान, सामाजिक सुधार और मानवीय सेवा में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया:

  1. करुणा गोपाल – प्रेसिडेंट, फाउंडेशन फॉर फ्यूचरिस्टिक सिटीज़
    शहरी नवाचार, प्रौद्योगिकी और सार्वजनिक नीति में उनके दूरदर्शी कार्यों के लिए सम्मान। ‘Sculpt Your City’ कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।
  2. डॉ. बू अब्दुल्ला – परोपकारी, संयुक्त अरब अमीरात
    विश्वविख्यात उद्यमी एवं मानवतावादी, जिन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।
  3. आचार्य के. आर. मनोज – अरुषा विद्या समाजम
    मूल्य-आधारित शिक्षा, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और युवा सशक्तिकरण के लिए दशकों की सेवा।
  4. डॉ. डायना स्यूटर – सामाजिक कार्यकर्ता, स्विट्ज़रलैंड
    पुनर्वास, सामाजिक कल्याण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में महत्वपूर्ण योगदान।
  5. कामी (कमलावती) नेत्रम – संयुक्त राज्य अमेरिका
    सामुदायिक विकास, निर्माण क्षेत्र और जमीनी सशक्तिकरण में सक्रिय नेतृत्व।
  6. सुश्री प्रियंका सिंह – डबलिन, आयरलैंड
    विशेष आवश्यकताओं वाली शिक्षा, युवा मार्गदर्शन और बहुसांस्कृतिक पहलों में उल्लेखनीय कार्य।
  7. एम. जयचन्द्रन – संगीतकार
    मलयालम संगीत के अग्रणी स्वर, जिनके पुरस्कार-विजेता संगीत ने भारतीय फिल्म संगीत को समृद्ध किया।
  8. मित्सुआकि निशिहारा – निदेशक, M.H.I Co., Ltd., टोक्यो, जापान
    कचरा-दहन, जल प्रबंधन, कृषि और उन्नत विनिर्माण में वैश्विक संचालन का नेतृत्व।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड्स 2025 में वैश्विक परिवर्तनकर्ताओं को सम्मानित किया

HRDS INDIA की 1995 से जनसेवा की यात्रा

HRDS INDIA जनजातीय आवास, ग्रामीण विकास, कौशल प्रशिक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापक कार्य कर रहा है। देश के कई राज्यों में इसकी पहलें सतत एवं समुदाय-केंद्रित विकास को मजबूत कर रही हैं।

कार्यक्रम का समापन ‘सुदर्शनम्: भारतम्’ नृत्य-नाटिका से हुआ, जिसे ‘सुदर्शनम् डी-रैडिकलाइजेशन कार्यक्रम’ से पुनर्वासित महिलाओं ने प्रस्तुत किया—जो सामाजिक पुनर्निर्माण और परिवर्तन की एक प्रेरक मिसाल बनी।

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