Saturday, 03 October 2026
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सनातन गुरुओं के सामूहिक आशीर्वाद से दिल्ली में इशिका श्री महालक्ष्मी भारत अभियान का शुभारंभ

संतों और नागरिक समाज के सदस्यों की उपस्थिति में यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू हुआ

नई दिल्ली, 5 फरवरी, 2026-

दिल्ली के भारत मंडपमसभागार में ईशिका श्री महालक्ष्मी फाउंडेशन द्वारा देश भर से आए सनातन गुरुओं के उपस्थित में श्री महालक्ष्मी भारत अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया l व्यापक रूप में एक नए युग की शुरुआत के तौर पर वर्णित इशिका श्री महालक्ष्मी भारत अभियान के तहत इशिका श्री महालक्ष्मी ने आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक आत्मविश्वास और सामाजिक पुनरुत्थान पर आधारित एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की है। पूर्व में इशिका तनेजा के तौर पर जानी जाने वाली अभिनेत्री, गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक और योगी आदित्यनाथ के साथ जुड़ी सीता मैया अब इशिका श्री महालक्ष्मी में रूपांतरित हो गई हैं और उनका परिवर्तन एवं इस अभियान का नेतृत्व समकालीन आध्यात्मिक एवं सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक क्षण है। इस अभियान के शुभारंभ के मौके पर प्रख्यात संतों, विचारकों और पूरे भारत से प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और आशीर्वाद प्रदान किया।

इस अवसर पर, श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने इस अभियान के व्यापक स्तर, दृष्टि और क्रियान्वयन की यह कहते हुए सराहना की कि जिस समर्पण और अनुशासन के साथ इस तरह की एक विशाल पहल की अवधारणा तैयार उसे साथ लाया गया है, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने एक कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए इशिका श्री महालक्ष्मी को आशीर्वाद दिया और इस पहल को सही समय पर और आज समाज के लिए आवश्यक बताया।

युवा नेतृत्व का महत्व रेखांकित करते हुए श्री गोविंद गिरि जी महाराज ने कहा, “इशिका श्री महालक्ष्मी जैसी नेता, आध्यात्मिक आधार और आधुनिक नेतृत्व का एक दुर्लभ मेल प्रस्तुत करती हैं। इस तरह की पहल समाज को विश्वास के साथ वर्तमान और भविष्य से जुड़े रहते हुए मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देती है।”

इशिका के निजी जीवन की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण जी ने कहा, “इशिका तनेजा का इशिका श्री महालक्ष्मी में रूपांतरण, वर्षों के अनुशासन, प्रयास और अटूट प्रतिबद्धता का परिणाम है। इस अभियान को संतों और गुरुओं के सामूहिक मार्गदर्शन और आशीर्वाद से बल मिलता है जिससे यह एक व्यक्ति के प्रयास के बजाय एक साझा आध्यात्मिक आंदोलन बनने जा रहा है। इस तरह के उदाहरण युवाओं को गहरे रूप से प्रेरित करते हैं।”

सभा को संबोधित करते हुए इशिका श्री महालक्ष्मी ने माघ पूर्णिमा के पवित्र समय का उल्लेख किया और इस क्षण के गहन आध्यात्मिक एवं आर्थित प्रतीकात्मक महत्व के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “जब एक राष्ट्र धर्म, आंतरिक समृद्धि और आत्मविश्वास के साथ जुड़ जाता है तो समृद्धि स्वाभाविक रूप से प्राप्त होती है। आध्यात्मिक चेतना से स्वदेशी प्रणालियों को मजबूती मिलती है, हमारी अपनी अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ता है और धीरे धीर बाहरी निर्भरता घटती जाती है जिससे दीर्घकालीन स्थायित्व और वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।”

इस पहल की व्यापक सामाजिक प्रासंगिकता का जिक्र करते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के श्री आलोक कुमार जी ने कहा, “इशिका श्री महालक्ष्मी भारत अभियान जैसे आंदोलन आज के समय में महत्वपूर्ण हैं। सामाजिक चेतना जगाने और सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता मजबूत करने में इस तरह का नेतृत्व एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”

विहिप, आरएसएस और अन्य नागरिक समाज समूहों सहित विभिन्न संगठनों से प्रतिभागियों ने इस अभियान को एक एकल आयोजन से कहीं अधिक बड़ा अभियान बताया। उन्होंने इसे एक सामूहिक संकल्प के तौर पर देखा जिसमें संत, युवा और समाज के अन्य लोग एक साथ आकर आध्यात्मिक समृद्धि, सांस्कृतिक विश्वास और नवीन राष्ट्रीय उद्देश्य की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत दे रहे हैं।

आगे चलकर, फरवरी और अप्रैल, 2026 के बीच आठ राज्यों में इशिका श्री महालक्ष्मी भारत अभियान के तहत पायलट कार्यक्रम चलाए जाएंगे और यह इसके राष्ट्रव्यापी क्रियान्वयन का पहला चरण होगा।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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