Sunday, 16 August 2026
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भारतीय निवेशक ही डाटो डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने ‘कंपुंग भरू 2.0’ हेतु प्राप्त किया शाही आशीर्वाद

प्रतिष्ठित ट्विन-टावर परियोजना को गति देने हेतु महत्वपूर्ण समझौता; एफडीआई आकर्षण, उच्च मूल्य रोजगार सृजन और मलेशिया–भारत संबंधों को नई मजबूती

मलेशिया / भारत: ही डाटो डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने 15 फरवरी 2026 को कुआलालंपुर में पेराक शाही परिवार के सदस्य से शिष्टाचार भेंट कर ‘कंपुंग भरू 2.0’ परियोजना के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर डॉ. मल्लप्पा ने महत्वाकांक्षी ‘कंपुंग भरू 2.0’ पुनर्विकास परियोजना के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बैठक के दौरान राजधानी कुआलालंपुर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र कंपुंग भरू के संतुलित एवं दूरदर्शी विकास पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने विरासत संरक्षण और आधुनिक शहरी प्रगति के समन्वय पर सहमति व्यक्त की।

बैठक के उपरांत, डीसेट प्राइवेट इक्विटी एसडीएन. बीएचडी. के साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी को औपचारिक रूप दिया गया। इस समझौते के तहत डॉ. मल्लप्पा ने परियोजना को गति देने के लिए उल्लेखनीय निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। प्रस्तावित परियोजना का प्रमुख आकर्षण एक प्रतिष्ठित ट्विन-टावर विकास योजना है, जो कुआलालंपुर की आकाशरेखा को नई पहचान देने के साथ-साथ कंपुंग भरू की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने पर केंद्रित होगी।

समझौते के अंतर्गत डॉ. मल्लप्पा ने डीसेट प्राइवेट इक्विटी एसडीएन. बीएचडी. में इक्विटी हिस्सेदारी भी अर्जित की है। यह कंपनी मलेशिया के प्रतिभूति आयोग द्वारा लाइसेंस प्राप्त और विनियमित है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि समस्त निवेश कानूनी, नियामकीय और सुशासन मानकों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ संचालित होंगे।

परियोजना पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने कहा,
“मलेशिया अपनी आर्थिक स्थिरता, सुदृढ़ प्रशासन और शहरी परिवर्तन की अपार संभावनाओं के कारण वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य है। ‘कंपुंग भरू 2.0’ एक ऐसा अवसर है जहाँ हम विरासत का सम्मान करते हुए आधुनिक प्रगति का प्रतीक स्थापित कर सकते हैं। हमारा लक्ष्य जिम्मेदार, पारदर्शी और दीर्घकालिक दृष्टि के साथ निवेश करना है।”

इस पर आगे बोलते हुए डॉ. एस. सेल्वगनेश सेल्वराज ने कहा,
“यह साझेदारी मलेशिया–भारत के बीच रणनीतिक विकास सहयोग को नई दिशा देती है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता और स्थानीय दृष्टिकोण के संयोजन से हम सतत विकास, रोजगार सृजन और दीर्घकालिक आर्थिक मूल्य निर्माण में सार्थक योगदान देना चाहते हैं।”

इस पहल का स्वागत करते हुए याम राजा इज़्ज़ुद्दीन इस्कंदर शाह अल-हाज ने कहा,
“मलेशिया की विकास यात्रा में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का विश्वास हमारे लिए उत्साहजनक है। विकास ऐसा होना चाहिए जो भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखे और हमारी सांस्कृतिक जड़ों का सम्मान भी करे। ‘कंपुंग भरू 2.0’ जैसी परियोजनाएँ आर्थिक मूल्य सृजन, कौशलयुक्त रोजगार और मलेशिया–भारत संबंधों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।”

यह रणनीतिक साझेदारी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को आकर्षित करने, उच्च मूल्य रोजगार अवसरों का सृजन करने, शहरी अवसंरचना के आधुनिकीकरण और मलेशिया–भारत के आर्थिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही यह समावेशी और सतत राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को भी सशक्त आधार प्रदान करेगी।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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