Sunday, 02 August 2026
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IIM रोहतक में उत्साहपूर्वक मनाया गया 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, छात्रों और स्टाफ ने बढ़-चढ़कर लिया भाग

‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ की भावना के साथ योग दिवस पर जागरूकता और एकजुटता का संदेश

भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रोहतक ने 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह और एकजुटता के साथ मनाया। इस अवसर पर संस्थान के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने योग सत्रों में सक्रिय भागीदारी की और योग को एक स्वस्थ व संतुलित जीवनशैली का आधार मानते हुए इसे अपनाने का संकल्प लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लाइव प्रसारण से हुई। उन्होंने इस वर्ष की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” पर प्रकाश डाला और 2 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी को सराहते हुए योग को विश्व कल्याण के लिए आवश्यक बताया। प्रधानमंत्री ने योग को “मी से वी” की सोच की ओर ले जाने वाला एक ‘पॉज़ बटन’ बताया।

निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने योग को बताया जीवन की आवश्यकता

आईआईएम (IIM) रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में संतुलन बनाए रखने के लिए योग अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता दिया जाना भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की वैश्विक स्वीकृति का प्रतीक है। योग को उन्होंने न केवल एक चिकित्सा पद्धति, बल्कि भारतीय संस्कृति की एकता का प्रतीक भी बताया।

सभी के लिए सामूहिक योग सत्र, अनुशासन और एकाग्रता पर जोर

मुख्य कार्यक्रम में सामूहिक योग सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने पारंपरिक आसनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। इसका उद्देश्य अनुशासन, मानसिक एकाग्रता और सहयोग की भावना को बढ़ाना था। छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ इसमें भाग लिया।

योग को रोजमर्रा की आदत में बदलने का आह्वान

समारोह का समापन निदेशक प्रो. धीरज शर्मा द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है। इस अवसर पर प्रतिभागियों के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई।

आईआईएम (IIM) रोहतक: विविधता, उत्कृष्टता और वैश्विक मान्यता की ओर अग्रसर

आईआईएम (IIM) रोहतक, जो कि राष्ट्रीय महत्व का एक अग्रणी संस्थान है, वर्तमान में 1600 से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न कार्यक्रमों में शिक्षा दे रहा है। संस्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एएमबीए (AMBA) जैसी मान्यता प्राप्त है और यह विश्व के शीर्ष 2% प्रबंधन संस्थानों में शामिल है। पहली बार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2024 में शामिल होकर संस्थान ने 151+ वैश्विक स्थान हासिल किया और एनआईआरएफ 2024 की रैंकिंग में प्रबंधन संस्थानों की श्रेणी में 12वां स्थान प्राप्त किया। देश के 30 से अधिक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए छात्रों के साथ यह संस्थान विविधता और शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक बन चुका है।

आईआईएम (IIM) रोहतक का यह आयोजन योग को समर्पित एक समावेशी, स्वास्थ्य-प्रेरित और जागरूक परिसर संस्कृति का प्रमाण है, जहाँ योग को सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला के रूप में अपनाया जाता है।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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