
सुरुचि बोलीं- मुझे प्रेशर फील नहीं होता
नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे
जर्मनी के म्यूनिख में चल रहे आईएसएसएफ (ISSF) राइफल/पिस्टल वर्ल्ड कप के चौथे दिन भारतीय महिला निशानेबाजों ने इतिहास रच दिया है। महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भारत को ‘डबल ब्लॉकबस्टर’ सफलता मिली। स्टार शूटर सुरुचि इंदर सिंह ने 242.1 के स्कोर के साथ लगातार दूसरे साल म्यूनिख में अपना गोल्ड मेडल बरकरार रखा। वहीं, उनकी सीनियर जोड़ीदार ईशा सिंह ने 241.2 का स्कोर बनाकर सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया।
इस दोहरी जीत के दम पर भारत अब इस वर्ल्ड कप की मेडल लिस्ट (पदक तालिका) में दो गोल्ड और एक सिल्वर के साथ शीर्ष (नंबर-1) पर पहुंच गया है। दक्षिण कोरिया की चू गेउन को कांस्य (ब्रॉन्ज) से संतोष करना पड़ा।
आखिरी शॉट्स तक ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा’
क्वालिफिकेशन राउंड में दोनों भारतीय शूटरों ने 578 का समान स्कोर कर आठवें और नौवें नंबर पर रहते हुए बमुश्किल फाइनल में जगह बनाई थी। लेकिन फाइनल की जंग में कहानी पूरी तरह बदल गई। फाइनल की पहली सीरीज (5 शॉट्स) के बाद सुरुचि 5वें नंबर पर पिछड़ रही थीं, जबकि ईशा तीसरे नंबर पर थीं। फ्रांस की सेलिन और कोरिया की चू गेउन लीड कर रही थीं। 14वें शॉट के बाद सुरुचि ने लगातार 10 से ऊपर का स्कोर दागना शुरू किया। 15वें और 16वें शॉट पर ऐसा रोमांच आया कि फ्रांस की सेलिन बाहर हो गईं और दोनों भारतीय शूटर पदक की रेस में आ गए। 19वें शॉट पर सुरुचि ने कोरियाई शूटर चू गेउन को पीछे छोड़ा और 20वें शॉट पर ईशा ने ऐसा अचूक निशाना लगाया कि कोरियाई खिलाड़ी ब्रॉन्ज मेडल पर ही लॉक हो गई। आखिरी शॉट से पहले सुरुचि 1.3 अंक आगे थीं। 24वें यानी फाइनल शॉट में ईशा ने 10.7 का जबरदस्त स्कोर किया, लेकिन सुरुचि ने भी सूझबूझ दिखाते हुए 10.3 का स्कोर किया और गोल्ड अपने नाम कर लिया।
‘मुझे दबाव महसूस नहीं होता’
सिर्फ दो साल के करियर में अपना चौथा वर्ल्ड कप और पांचवां आईएसएसएफ गोल्ड मेडल जीतने वाली युवा सनसनी सुरुचि ने अपनी कूल अप्रोच के बारे में हंसते हुए कहा, “मुझे मैच के दौरान कभी भी किसी तरह का प्रेशर महसूस नहीं होता। मैं बस अपना स्वाभाविक गेम खेलती हूं।” वहीं, ईशा सिंह का इस वर्ल्ड कप में यह दूसरा मेडल है। इससे पहले बुधवार को उन्होंने 25 मीटर पिस्टल में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता था।
