Wednesday, 16 September 2026
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विकसित भारत के लक्ष्य में पारदर्शिता और जवाबदेही पर फोकस के साथ आईसीएमएआई (ICMAI) आयोजित करेगा कॉस्ट ऑडिट पर राष्ट्रीय सेमिनार

“वैल्यू, विश्वास और विजन” थीम के साथ आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने पर होगी चर्चा

मुंबई, 9 अप्रैल 2026:

देश के बदलते आर्थिक परिदृश्य और पारदर्शिता व जवाबदेही की बढ़ती जरूरत के बीच, इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICMAI) शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर, नरीमन पॉइंट में कॉस्ट ऑडिट पर एक राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करने जा रहा है। “विकसित भारत के लिए कॉस्ट ऑडिट: वैल्यू, विश्वास और विजन” थीम पर आधारित यह सेमिनार नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं और पेशेवरों को एक मंच पर लाएगा, जहां भारत की आर्थिक व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में कॉस्ट ऑडिट की भूमिका पर चर्चा होगी।

यह सेमिनार ऐसे समय में हो रहा है जब सरकार की नीतियों में बेहतर वित्तीय निगरानी, लागत नियंत्रण और कुशल संसाधन प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ऐसे में कॉस्ट ऑडिट को न केवल अनुपालन का साधन, बल्कि रणनीतिक निर्णय लेने का एक महत्वपूर्ण उपकरण माना जा रहा है।

इस सेमिनार में महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. रामाकांत पांडा, प्रबंध निदेशक, एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर; डॉ. राहुल मिर्चंदानी, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, एरीज एग्रो लिमिटेड; और डॉ. विजय सतबीर सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त), पूर्व मुख्य सचिव, महाराष्ट्र सरकार भी उपस्थित रहेंगे।

इनकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि कॉस्ट ऑडिट अब सुशासन, वित्तीय अनुशासन और राष्ट्रीय विकास के केंद्र में आ रहा है।

सेमिनार में कई अनुभवी विशेषज्ञ और विचारक अपने विचार साझा करेंगे। वक्ताओं में सीएमए प्रवीण निगम, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (एफ एंड ए), सेल – भिलाई स्टील प्लांट; सीएमए आशु माथुर, पूर्व मुख्य सलाहकार (कॉस्ट), वित्त मंत्रालय, भारत सरकार; डॉ. नितिन करीर, आईएएस (सेवानिवृत्त), पूर्व मुख्य सचिव, महाराष्ट्र सरकार; श्री दिनेश कुमार खारा, पूर्व चेयरमैन, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया; सीएमए असीम कुमार मुखोपाध्याय, प्रबंध निदेशक एवं संस्थापक, NAVTOM कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड; और सीएमए पार्वती वेंकटेश, प्रैक्टिसिंग कॉस्ट अकाउंटेंट शामिल हैं।

ये विशेषज्ञ कॉस्ट ऑडिट और कॉस्ट अकाउंटिंग के क्षेत्र में सामने आ रही नई चुनौतियों, बदलते नियमों और बेहतर काम करने के तरीकों पर अपने विचार रखेंगे।

यह सेमिनार कॉस्ट ऑडिट की उस अहम भूमिका को सामने लाएगा, जो पारदर्शिता बढ़ाने, खर्चों पर नियंत्रण रखने, कार्यकुशलता सुधारने और हितधारकों के बीच विश्वास मजबूत करने में मदद करती है। साथ ही, यह वैल्यू निर्माण में इसके योगदान और विकसित भारत के बड़े लक्ष्य के साथ इसके सीधे संबंध को भी रेखांकित करेगा।

यह मंच बदलती आर्थिक परिस्थितियों में सीएमए पेशे की दिशा, नई संभावनाओं और उभरते रुझानों पर गंभीर और सार्थक चर्चा का अवसर भी देगा।

इस कार्यक्रम में 500 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें कॉर्पोरेट सेक्टर, उद्योग संगठनों, सरकारी संस्थाओं, नियामक निकायों, वित्तीय संस्थानों और पेशेवर संगठनों के प्रतिनिधि तथा प्रैक्टिस कर रहे सीएमए शामिल होंगे।

यह राष्ट्रीय सेमिनार ज्ञान साझा करने, सहयोग बढ़ाने और नए विचारों को आगे लाने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जो भारत की सतत, समावेशी और मजबूत आर्थिक वृद्धि की दिशा में कॉस्ट ऑडिट की भूमिका को और मजबूत करेगा।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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