Friday, 23 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
Harry Brook 200: हैरी ब्रूक ने 114 गेंदों में जड़ा वनडे का सबसे तेज दोहरा शतक, शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ा OPPO Find X10 Series: ट्रिपल 200MP कैमरा, 8,000mAh बैटरी और नए AI फीचर्स के साथ लॉन्च हुए फ्लैगशिप स्मार्टफोन Diljit Dosanjh Concert: दिल्ली पुलिस ने 30 अक्टूबर के शो के लिए नहीं दी अनुमति, AAP ने उठाए सवाल डॉ. के. ए. पॉल की इजरायलियों से शांति और बदलाव की अपील सोनिया गांधी ने किया इंस्टाग्राम पर डेब्यू, अपनी किताब ‘Belonging’ की पहली झलक साझा की Dammam Airport Attack: सऊदी अरब के किंग फहद एयरपोर्ट पर हमला, एक की मौत और 8 घायल दिल्ली में प्रदूषण के बीच मेट्रो का बड़ा कदम, आज से रोजाना चलेंगी 20 अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं UNESCO के Tentative List में शामिल हुए भारत के 3 नए स्थल, छत्तीसगढ़ का सिरपुर और अंडमान के ज्वालामुखियों को मिली पहचान Harry Brook 200: हैरी ब्रूक ने 114 गेंदों में जड़ा वनडे का सबसे तेज दोहरा शतक, शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ा OPPO Find X10 Series: ट्रिपल 200MP कैमरा, 8,000mAh बैटरी और नए AI फीचर्स के साथ लॉन्च हुए फ्लैगशिप स्मार्टफोन Diljit Dosanjh Concert: दिल्ली पुलिस ने 30 अक्टूबर के शो के लिए नहीं दी अनुमति, AAP ने उठाए सवाल डॉ. के. ए. पॉल की इजरायलियों से शांति और बदलाव की अपील सोनिया गांधी ने किया इंस्टाग्राम पर डेब्यू, अपनी किताब ‘Belonging’ की पहली झलक साझा की Dammam Airport Attack: सऊदी अरब के किंग फहद एयरपोर्ट पर हमला, एक की मौत और 8 घायल दिल्ली में प्रदूषण के बीच मेट्रो का बड़ा कदम, आज से रोजाना चलेंगी 20 अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं UNESCO के Tentative List में शामिल हुए भारत के 3 नए स्थल, छत्तीसगढ़ का सिरपुर और अंडमान के ज्वालामुखियों को मिली पहचान

NEET परीक्षा से पहले टेलीग्राम बैन पर हाईकोर्ट की मुहर: कोर्ट ने कहा- सरकार का फैसला बिल्कुल सही; 15 करोड़ भारतीय यूजर्स को झटका

हाईकोर्ट ने खारिज की टेलीग्राम की याचिका, 22 जून तक ब्लॉक रहेगा ऐप

नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे

नीट-यूजी (NEET-UG) री-एग्जाम से ठीक पहले सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम को बैन करने के केंद्र सरकार के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट ने पूरी तरह सही ठहराया है। अदालत ने टेलीग्राम मैनेजमेंट की ओर से दायर याचिका को सिरे से खारिज करते हुए ऐप से तुरंत बैन हटाने से साफ इनकार कर दिया है। जस्टिस तेजस करिया की वेकेशन बेंच ने आईटी एक्ट (IT Act) के सेक्शन 69A के तहत जारी सरकारी आदेश को बरकरार रखा है। अब देश में 22 जून तक टेलीग्राम पूरी तरह ब्लॉक रहेगा।

अदालत ने अपने फैसले में कहा, “पेपर लीक जैसी राष्ट्रीय स्तर की गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार का यह कदम सबसे कम प्रतिबंधात्मक और बिल्कुल सही है। इसे किसी भी तरह से असंगत नहीं कहा जा सकता।” हालांकि, इस फैसले से भारत में मौजूद टेलीग्राम के करीब 15 करोड़ आम यूजर्स को बड़ा झटका लगा है, जो संवाद और फाइल शेयरिंग के लिए इस पर निर्भर थे।

एक दिन पहले जज ने पूछा था- ’15 करोड़ यूजर्स की क्या गलती?’, फिर ऐसे पलटा पासा

बुधवार को हुई सुनवाई में खुद जस्टिस तेजस करिया ने केंद्र सरकार की इस सख्ती पर कड़े सवाल उठाए थे। बेंच ने पूछा था कि सिर्फ कुछ लाख छात्रों की परीक्षा के लिए 15 करोड़ आम यूजर्स के अधिकारों को कैसे सीमित किया जा सकता है? लेकिन गुरुवार को जब केंद्र सरकार ने टेलीग्राम के सुरक्षा लूपहोल्स (Security Loopholes) और इसके रोबोटिक ‘बॉट नेटवर्क’ की पूरी रिपोर्ट कोर्ट के सामने रखी, तो अदालत ने माना कि नेशनल सिक्योरिटी और छात्रों के भविष्य को देखते हुए यह बैन लगाना बेहद जरूरी था। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर अब अंतिम मुहर लग गई है।

क्यों विलेन बना टेलीग्राम?

3 मई को देश भर में नीट-यूजी की परीक्षा हुई, जिसमें बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक के आरोप लगे। विवाद बढ़ने पर सरकार ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी और पूरी जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी। जांच में सामने आया कि लीक पेपर को वायरल करने में टेलीग्राम ऐप का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुआ था। कल (21 जून) होने जा रही री-एग्जाम को फुलप्रूफ बनाने के लिए सरकार ने इस बार प्रश्नपत्रों को एयरफोर्स के विमानों से भेजा है और टेलीग्राम को 22 जून तक के लिए अस्थाई रूप से ब्लॉक कर दिया है।

केंद्र की वो दलीलें, जिन्हें सुनकर कोर्ट ने बदला अपना रुख

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि टेलीग्राम पर किसी भी तरह की धांधली को ट्रैक करना नामुमकिन क्यों है। उन्होंने बताया कि टेलीग्राम पर एक अकेला यूजर 40 तक ‘बॉट्स’ (ऑटोमैटिक रोबोटिक मशीनें) बना सकता है, जो बिना इंसानी दखल के चुटकियों में लाखों लोगों तक डेटा फैला सकते हैं। यह ऐप पूरी तरह ‘क्लाउड’ पर चलता है। अगर इस पर कोई पेपर लीक जैसी देशविरोधी हरकत करता है, तो भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियां (Law Enforcement Agencies) असली यूजर तक नहीं पहुंच पातीं। इसी वजह से इसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में भी खूब होता है।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
IK

Imran Khan

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।