Henley Passport Index 2026: भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार, यात्रा विकल्प बढ़े

Henley Passport Index 2026: भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार, यात्रा विकल्प बढ़े

भारतीय पासपोर्ट ने दर्ज की शानदार बढ़त, 75वीं रैंक और 56 देशों में वीजा-फ्री सुविधा। जानें क्या कहती है नई अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग।

नई दिल्ली: फरवरी 2026 में जारी ताजा वैश्विक रैंकिंग में भारतीय पासपोर्ट ने उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है। Henley & Partners द्वारा प्रकाशित Henley Passport Index के अनुसार भारत अब 75वें स्थान पर पहुंच गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 पायदान की छलांग मानी जा रही है।

यह इंडेक्स International Air Transport Association (IATA) के आधिकारिक यात्रा डेटा पर आधारित होता है और यह बताता है कि किसी देश का पासपोर्ट धारक कितने देशों में बिना पूर्व वीजा, वीजा-ऑन-अराइवल या ई-वीजा के जरिए प्रवेश कर सकता है।

56 देशों तक आसान पहुंच

नई सूची के मुताबिक भारतीय पासपोर्ट धारक अब 56 देशों में वीजा-फ्री या समकक्ष सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं। इससे खासतौर पर एशिया, अफ्रीका, कैरेबियन और ओशिनिया क्षेत्र में पर्यटन, बिजनेस ट्रिप और शैक्षणिक यात्राएं आसान हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में हुए द्विपक्षीय समझौते और कूटनीतिक सक्रियता इस सुधार के पीछे अहम कारण हो सकते हैं।

एक दशक का उतार-चढ़ाव

पिछले दस वर्षों में भारत की रैंकिंग में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। 2006 में भारत 71वें स्थान पर पहुंचा था, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जाता है। बाद के वर्षों में रैंकिंग गिरकर 80 से नीचे चली गई और एक समय 85वें स्थान तक पहुंच गई थी। 2026 की शुरुआत में भारत 80वें स्थान पर था, लेकिन फरवरी अपडेट में पांच स्थान की और बढ़त के साथ 75वें नंबर पर आ गया।

वैश्विक सूची में यूरोपीय देशों की मजबूत पकड़

ताजा रैंकिंग में Singapore पहले स्थान पर है, जिसके नागरिक 192 देशों में वीजा-फ्री प्रवेश कर सकते हैं। दूसरे स्थान पर Japan और South Korea हैं, जिनके पास 187 देशों तक पहुंच है। तीसरे स्थान पर Sweden और United Arab Emirates (186 देश) हैं।

यूरोपीय देशों का दबदबा भी कायम है-Germany, France, Italy, Spain और Switzerland जैसे देश 185 से अधिक देशों में वीजा-फ्री पहुंच प्रदान करते हैं। वहीं United States, Canada और Australia भी शीर्ष 10 में शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और सहयोग की जरूरत

हालांकि भारत की रैंकिंग में सुधार सकारात्मक संकेत है, लेकिन वैश्विक शीर्ष देशों से तुलना करें तो अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि और अधिक वीजा-मुक्त समझौते, आर्थिक मजबूती और मजबूत कूटनीतिक संबंध भविष्य में रैंकिंग को और बेहतर बना सकते हैं।

फरवरी 2026 की यह रैंकिंग भारतीय यात्रियों के लिए एक सकारात्मक खबर है, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाती है।

Source:-

-https://www.henleyglobal.com/passport-index/ranking
-www.henleyglobal.com (हेनली इंडेक्स.कॉम)

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