Monday, 22 June 2026
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New Global Village के दौर में विदेश में मेडिकल की पढ़ाई का बढ़ता क्रेज, जानें पिछले 30 सालों में कितने युवा गए विदेश।

Global Village: कजाकिस्तान बना मेडिकल शिक्षा का नया हब, कम फीस के कारण छात्रों की संख्या में हर साल बढ़ोतरी, विदेश में पढ़ाई के इच्छुक छात्र टोल फ्री नंबर 1800-571-0202 पर कॉल कर बुक करें अपनी सीट।

Global Village: भारत में बढ़ रहा है विदेश में मेडिकल पढ़ने का चलन, नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन शिक्षण संस्थानों का देश होने के बावजूद, आजकल भारत के युवा अपनी उच्च शिक्षा, खासकर मेडिकल, के लिए विदेशों का रुख कर रहे हैं। नीट यूजी में सीमित सीटें और निजी मेडिकल कॉलेजों की ऊंची फीस के कारण, कई छात्र कजाकिस्तान, रूस जैसे देशों में मेडिकल पढ़ने का विकल्प चुन रहे हैं।

क्यों बढ़ रहा है विदेश जाने का चलन?

सीमित सीटें: भारत में मेडिकल कॉलेजों की संख्या के मुकाबले मेडिकल छात्रों की संख्या बहुत अधिक है।
ऊंची फीस: निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस इतनी अधिक है कि हर छात्र वहन नहीं कर सकता।
बेहतर अवसर: कुछ छात्र मानते हैं कि विदेशों में मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होती है और वहां रोजगार के अधिक अवसर होते हैं।
कजाकिस्तान क्यों?

कजाकिस्तान में भारतीय छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा अपेक्षाकृत सस्ती है और भारतीय पाठ्यक्रम के समान है। इसके अलावा, यहां की कई यूनिवर्सिटियां एमबीबीएस की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम में कराती हैं।

सफलता मोक्ष क्या है?

सफलता मोक्ष एक ऐसी संस्था है जो भारतीय छात्रों को विदेशों में मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने में मदद करती है। संस्था का दावा है कि पिछले 11 वर्षों में उसने लगभग 5000 छात्रों को विदेश भेजा है।

वर्ष शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या
1995 39,625
2000 66713
2005 146,267
2012 189,472
2019 10,90,000
2022 13,20,000
2023 13,18,955
2024 13,35,878 अनुमानित
2025 20 लाख अनुमानित

**क्या आपको एजेंटों पर भरोसा करना चाहिए?**

अक्सर छात्र एजेंटों के माध्यम से विदेश जाते हैं, लेकिन कई बार धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं। सफलता मोक्ष जैसे संगठन दावा करते हैं कि वे छात्रों को सही मार्गदर्शन देते हैं और उन्हें एजेंटों के झांसे में नहीं आने देते। Global Village

Global Village
Global Village के दौर में विदेश में मेडिकल की पढ़ाई का बढ़ता क्रेज, जानें पिछले 30 सालों में कितने युवा गए विदेश।

**विदेश में मेडिकल पढ़ने के फायदे और नुकसान**

फायदे: बेहतर शिक्षा, वैश्विक एक्सपोजर, रोजगार के अधिक अवसर।
नुकसान: उच्च लागत, भाषा की समस्या, भारत में प्रैक्टिस करने के लिए एफएमजीई परीक्षा पास करना अनिवार्य।
**निष्कर्ष*

विदेश में मेडिकल पढ़ना एक बड़ा फैसला है। छात्रों को इस फैसले से पहले अच्छी तरह से शोध करना चाहिए और एक विश्वसनीय संस्था का सहारा लेना चाहिए।Global Village

**अतिरिक्त सुझाव:**

तुलनात्मक अध्ययन: भारत और विदेश में मेडिकल शिक्षा की तुलनात्मक तालिका बनाई जा सकती है।
छात्रों के अनुभव: विदेश में मेडिकल पढ़ चुके भारतीय छात्रों के अनुभवों को शामिल किया जा सकता है।
सरकारी नीतियां: भारत सरकार की विदेशी मेडिकल डिग्री को मान्यता देने संबंधी नीतियों के बारे में जानकारी दी जा सकती है। Global Village

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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