इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात करीब 9 बजे हुई घटना, विस्फोट से चौकी के शीशे टूटे और दीवार में आई दरार; फॉरेंसिक टीम, बम निरोधक दस्ता और एटीएस ने जुटाए साक्ष्य
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में वसुंधरा पुलिस चौकी के अंदर शुक्रवार रात अचानक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट की आवाज से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। धमाके के कारण चौकी की खिड़कियों के शीशे टूट गए और इमारत की एक दीवार में भी दरार आ गई। घटना के दौरान वहां सामान पहुंचाने आया एक डिलीवरी कर्मचारी कांच के टुकड़े लगने से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), बम निरोधक दस्ता और एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चौकी के भीतर धमाका किस वस्तु या वजह से हुआ।
रात करीब 9 बजे हुआ धमाका
शुक्रवार, 6 नवंबर की रात वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए विस्फोट की आवाज काफी तेज थी। धमाके के बाद चौकी की खिड़कियों के कांच टूटकर बिखर गए। इमारत की एक दीवार में भी दरार आने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा चौकी में लगे एयर कंडीशनिंग (AC) यूनिट को भी नुकसान पहुंचा। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में एसी यूनिट का हिस्सा काला पड़ा दिखाई दिया और आसपास का क्षेत्र क्षतिग्रस्त नजर आया।
धमाके के बाद स्थानीय स्तर पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों को पहले यह समझ नहीं आया कि आवाज किस वजह से आई है। बाद में पुलिस चौकी में विस्फोट की जानकारी सामने आने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को सुरक्षित किया और जांच से जुड़े जरूरी कदम उठाए।
पुलिस चौकी इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इसलिए घटना की जानकारी मिलने के बाद इंदिरापुरम के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सूर्यबली मौर्य सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच टीमों के साथ जरूरी जानकारी साझा की।
डिलीवरी देने पहुंचा कर्मचारी भी घायल
वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए धमाके के समय वहां एक सब-इंस्पेक्टर और एक डिलीवरी कर्मचारी मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कर्मचारी चौकी पर सामान पहुंचाने आया था। इसी दौरान हुए विस्फोट से चौकी की खिड़कियों के शीशे टूट गए। कांच के टुकड़े लगने से डिलीवरी कर्मचारी घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
इंदिरापुरम के एसीपी सूर्यबली मौर्य ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि धमाके के समय चौकी में एक सब-इंस्पेक्टर और सामान देने आया डिलीवरी कर्मचारी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी को टूटे हुए शीशों के टुकड़ों से चोटें आई हैं। उसे तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए भेजा गया।
एसीपी के मुताबिक, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट किस वस्तु के कारण हुआ। इसकी प्रकृति और वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और फॉरेंसिक जांच के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही धमाके के कारण के बारे में पुख्ता जानकारी सामने आ सकेगी।
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पटाखे को लेकर भी जांच
घटना के बाद शुरुआती रिपोर्टों में पुलिस चौकी में लगे एयर कंडीशनर (AC) की यूनिट में विस्फोट होने की बात सामने आई थी। घटनास्थल से मिली तस्वीरों में एसी यूनिट क्षतिग्रस्त दिखाई दी, जबकि चौकी की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए थे। हालांकि, पुलिस ने अब तक यह पुष्टि नहीं की है कि धमाका सीधे एसी यूनिट में हुआ था या किसी दूसरी वस्तु के कारण विस्फोट हुआ।
जांच के दौरान एक अन्य संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। शुरुआती संकेतों के मुताबिक, दिवाली के दौरान जलाया गया कोई पटाखा एसी यूनिट में जा गिरा हो सकता है, जिससे विस्फोट हुआ। हालांकि, यह फिलहाल जांच का एक संभावित पहलू है, न कि विस्फोट की प्रमाणित वजह।
पुलिस और फॉरेंसिक टीमें घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोट की प्रकृति और इसमें इस्तेमाल या शामिल वस्तु के बारे में स्पष्ट जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेगी। ऐसे में फिलहाल धमाके के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
फॉरेंसिक टीम, बम निरोधक दस्ता और एटीएस ने की जांच
वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए धमाके के बाद कई जांच एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। इनमें फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), बम निरोधक दस्ता और एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) शामिल हैं। टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से जरूरी साक्ष्य तथा नमूने एकत्र किए। जांच का उद्देश्य विस्फोट की वजह, उसकी प्रकृति और उससे जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, घटनास्थल से जुटाए गए सभी फॉरेंसिक नमूनों को आगे की जांच के लिए आगरा भेजा गया है। प्रयोगशाला में इन नमूनों की जांच के बाद विस्फोट में इस्तेमाल या शामिल वस्तु के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।
बम निरोधक दस्ते की मौजूदगी का उद्देश्य यह जांचना भी है कि कहीं विस्फोट के पीछे कोई विस्फोटक सामग्री तो नहीं थी। वहीं, एटीएस की टीम भी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हालांकि, किसी आतंकी गतिविधि या साजिश की पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच एजेंसियां दुर्घटनावश हुए विस्फोट और किसी जानबूझकर की गई कार्रवाई, दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही हैं।
पुलिस चौकी के आसपास के क्षेत्र सुरक्षित किए गए
धमाके के बाद पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के हिस्से को सुरक्षित कर दिया, ताकि जांच के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो। चौकी में टूटे शीशों, क्षतिग्रस्त एसी यूनिट और दीवार पर पड़े असर का निरीक्षण किया गया। जांच टीमों ने मौके से नमूने एकत्र किए और घटना से जुड़ी परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया।
पुलिस अधिकारियों के साथ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राज करन नैय्यर और इंदिरापुरम के एसीपी सूर्यबली मौर्य भी घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने अपनी जांच के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट से पहले चौकी में क्या स्थिति थी और धमाके की शुरुआत किस जगह से हुई।
घटना के समय चौकी में मौजूद लोगों और आसपास की परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर सकती है। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज में क्या सामने आया है, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।



