Saturday, 18 July 2026
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MERI में आयोजित GeoAI कॉन्फ्रेंस में भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर, स्पैशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट गवर्नेंस और डिफेंस टेक्नोलॉजीज पर चर्चा

नई दिल्ली, 15 मई 2026

मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (MERI), दिल्ली कैंपस में “GeoAI – ट्रांसफॉर्मिंग स्पैशियल इंटेलिजेंस फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, स्मार्ट गवर्नेंस एंड मिलिट्री एप्लीकेशंस” विषय पर एक महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। यह कॉन्फ्रेंस SIA-India और MERI के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस स्टडीज के सहयोग से आयोजित हुआ। कॉन्फ्रेंस में अंतरिक्ष क्षेत्र, एजुकेशन सेक्टर और मिलिट्री क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और जियोस्पेशल टेक्नोलॉजीज के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग तथा इसके ग्लोबल इम्पैक्ट पर चर्चा की।

MERI ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के वाइस प्रेसिडेंट प्रोफेसर (डॉ.) ललित अग्रवाल ने उद्घाटन संबोधन में ट्रांसगवर्नेंस, एकेडमिक नॉलेज और न्यू स्पेस गाइडलाइंस की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इंडस्ट्री-स्पेसिफिक ट्रेनिंग बेहद जरूरी है, ताकि युवाओं को स्पेस टेक्नोलॉजी और AI के क्षेत्र में एक्सपर्ट बनाया जा सके।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष ए. एस. किरण कुमार ने मुख्य वक्तव्य देते हुए GeoAI में क्वांटम टेक्नोलॉजी की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एडवांस टेक्नोलॉजीज भविष्य में डेटा प्रोसेसिंग कैपेबिलिटी को मजबूत करेंगी और स्पैशियल इंटेलिजेंस सिस्टम को नई दिशा देंगी।

लेफ्टिनेंट जनरल पी. जे. एस. पन्नू (सेवानिवृत्त) ने सैटेलाइट प्लानिंग और PNT (पोजिशनिंग, नेविगेशन एंड टाइमिंग) पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने मॉडर्न डिफेंस ऑपरेशंस और नेशनल सिक्योरिटी में इन टेक्नोलॉजीज की स्ट्रैटेजिक भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

एयर वाइस मार्शल डी. एस. जोशी ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के क्षेत्र में जियोस्पेशल टेक्नोलॉजी और स्पैशियल अवेयरनेस की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मॉडर्न वॉर सिस्टम में इलेक्ट्रॉनिक कॉम्बैट के लिए एडवांस स्पैशियल इंटेलिजेंस आवश्यक बन चुकी है।

प्रोफेसर साउंडर राजन ने GIS सप्लाई चेन और साइबर सिक्योरिटी पर चर्चा करते हुए सिक्योर और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पर जोर दिया। वहीं, डॉ. अनिरुद्ध रॉय ने भारतीय शहरों के लिए GeoAI आधारित डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी पर प्रस्तुति दी और बताया कि कैसे 3D मैपिंग से आगे बढ़कर रियल-टाइम डिसीजन इंटेलिजेंस विकसित किया जा रहा है।

श्री अद्वैत कुलकर्णी ने “फ्रॉम डेटा कैओस टू डिसीजन सिस्टम्स” विषय पर डेटा मैनेजमेंट और स्मार्ट डिसीजन सिस्टम के प्रैक्टिकल मॉडल प्रस्तुत किए। वहीं, कर्नल एस. मोहन ने डेटा एक्विजिशन और क्यूरेशन की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वसनीय AI मॉडल तैयार करने के लिए सही डेटा सबसे महत्वपूर्ण आधार है।

कॉन्फ्रेंस का समापन लेफ्टिनेंट जनरल पी. जे. एस. पन्नू (सेवानिवृत्त) द्वारा संचालित एक हाई-लेवल राउंड टेबल डिस्कशन के साथ हुआ। चर्चा में भारत की स्पैशियल इंटेलिजेंस और उभरती जियोस्पेशल टेक्नोलॉजीज के क्षेत्र में ग्लोबल कोऑपरेशन को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

अंत में एयर कमोडोर हिमांशु गोपाल ने वोट ऑफ थैंक्स प्रस्तुत किया और कॉन्फ्रेंस की सफलता के लिए सभी स्पीकर्स, डेलीगेट्स और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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