निथिश सहदेव के निर्देशन में बन रही फिल्म में मम्मूटी का दमदार अंदाज दिखा, जानें फिल्म की कहानी, टीम और उनकी आने वाली फिल्मों के बारे में।
कोच्चि/मुंबई: मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मम्मूटी ने सोमवार, 7 सितंबर को अपना 75वां जन्मदिन मनाया। इस खास मौके पर उनके प्रशंसकों को फिल्म निर्माताओं की ओर से एक खास तोहफा मिला। आधी रात को मम्मूटी की अगली मलयालम फिल्म ‘मेला’ का शीर्षक और फर्स्ट लुक पोस्टर जारी किया गया।
फिल्म का निर्देशन निथिश सहदेव कर रहे हैं, जबकि मम्मूटी इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने के साथ इसके निर्माण से भी जुड़े हैं। पोस्टर में अभिनेता बेहद रौबदार और गंभीर अंदाज में नजर आ रहे हैं। काले रंग की शर्ट और मुंडू में उनका यह लुक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
मम्मूटी ने खुद सोशल मीडिया पर फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए इसे अपनी नौवीं प्रोडक्शन वेंचर बताया। वहीं निर्देशक निथिश सहदेव ने भी अभिनेता को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए फिल्म का फर्स्ट लुक जारी किया। फिल्म के सामने आते ही प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई, क्योंकि 75 वर्ष की उम्र में भी मम्मूटी लगातार अलग-अलग तरह की भूमिकाओं और नए निर्देशकों के साथ काम कर रहे हैं।
आधी रात को सामने आया ‘मेला’ का फर्स्ट लुक
7 सितंबर की शुरुआत मम्मूटी के प्रशंसकों के लिए खास रही। उनके जन्मदिन के मौके पर ‘मेला’ का शीर्षक और पहला पोस्टर जारी किया गया। पोस्टर में मम्मूटी का लुक उनके अब तक के कई हालिया किरदारों से अलग दिखाई देता है। वह काली शर्ट और काले मुंडू में गंभीर मुद्रा में नजर आते हैं। उनके चेहरे का भाव और पोस्टर की प्रस्तुति फिल्म के किरदार को लेकर उत्सुकता पैदा करती है।
फिल्म की ओर से अभी कहानी के बड़े हिस्से को गोपनीय रखा गया है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक यह फिल्म एक्शन और मनोरंजन से भरपूर कहानी के रूप में तैयार की जा रही है। निर्देशक निथिश सहदेव पहले ही कह चुके हैं कि वह मम्मूटी के साथ ऐसी फिल्म बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें शैली के भीतर कुछ नया किया जाए।
निथिश सहदेव के निर्देशन में बन रही है फिल्म
‘मेला’ का निर्देशन निथिश सहदेव कर रहे हैं। निथिश ने निर्देशन की शुरुआत ‘फालीमी’ से की थी। बेसिल जोसेफ अभिनीत इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। फिल्म की खासियत उसका पारिवारिक हास्य और भावनात्मक पक्ष था।
इसके बाद निथिश ने तमिल सिनेमा में भी काम किया और ‘थलाइवर थम्बी थलैमैयिल’ का निर्देशन किया। यह फिल्म अभिनेता जीवा के साथ उनकी महत्वपूर्ण परियोजना रही और बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी प्रतिक्रिया हासिल करने में सफल रही। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 10 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने अपने सिनेमाघर प्रदर्शन के दौरान करीब 40 करोड़ रुपये का वैश्विक कारोबार किया।
अब निथिश के सामने मम्मूटी जैसे अनुभवी अभिनेता के साथ काम करने की चुनौती है। यही वजह है कि ‘मेला’ को उनके करियर की एक महत्वपूर्ण फिल्म के तौर पर देखा जा रहा है।
मम्मूटी ने क्यों चुनी निथिश की फिल्म?
निथिश सहदेव के मुताबिक मम्मूटी को फिल्म की कहानी पसंद आई थी। शुरुआती कहानी सुनने के बाद अभिनेता ने दोबारा बैठक कर फिल्म पर विस्तार से चर्चा करने में रुचि दिखाई। निर्देशक ने यह भी संकेत दिया था कि वह फिल्म की शैली के भीतर कुछ नया करने की कोशिश कर रहे हैं और इसे एक अलग तरह का एक्शन मनोरंजन बनाना चाहते हैं।
यही पहलू फिल्म को खास बनाता है। मम्मूटी लंबे समय से अपनी फिल्मों में अलग-अलग शैलियों और निर्देशकों के साथ प्रयोग करते रहे हैं। ऐसे में एक ऐसे निर्देशक के साथ उनका जुड़ना, जिसने अपेक्षाकृत कम फिल्मों के बाद अपनी पहचान बनाई है, प्रशंसकों के लिए दिलचस्प है।
मम्मूटी के करियर में खास है ‘मेला’
‘मेला’ नाम अपने आप में मम्मूटी के लिए बेहद खास है। दरअसल, 1980 में इसी नाम से एक मलयालम फिल्म रिलीज हुई थी, जिसका निर्देशन मशहूर फिल्मकार के. जी. जॉर्ज ने किया था। उस फिल्म में मम्मूटी ने एक प्रमुख भूमिका निभाई थी।
नई ‘मेला’ और 1980 की फिल्म के बीच यह नाम का संबंध महज संयोग नहीं तो कम से कम एक दिलचस्प सिनेमाई कड़ी जरूर है। खास बात यह है कि 1980 वाली ‘मेला’ मम्मूटी के शुरुआती दौर के करियर से जुड़ी थी, जबकि 2026 की ‘मेला’ उनके 75वें जन्मदिन के मौके पर घोषित की गई है।
मम्मूटी ने इस फिल्म को अपने करियर की शुरुआती यादों से भी जोड़ा है। ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार अभिनेता ने कभी बताया था कि इस फिल्म के लिए उन्हें सिनेमा से अपनी पहली बड़ी फीस के रूप में 500 रुपये मिले थे। यह भुगतान अभिनेता श्रीनिवासन की ओर से किया गया था।
ऐसे में 46 साल बाद उसी शीर्षक का उनकी नई फिल्म के लिए इस्तेमाल होना उनके प्रशंसकों के लिए भावनात्मक और सिनेमाई दोनों स्तरों पर खास बन जाता है।
फिल्म की टीम से जुड़े लोग
‘मेला’ के निर्देशन की जिम्मेदारी निथिश सहदेव के पास है। फिल्म की पटकथा निथिश सहदेव और अनुराज ओबी ने मिलकर लिखी है। दोनों इससे पहले भी साथ काम कर चुके हैं।
फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी विष्णु विजय संभाल रहे हैं, जबकि छायांकन जिम्शी खालिद कर रहे हैं। संपादन का काम ब्लेस थॉमस के पास है।
विष्णु विजय मलयालम सिनेमा के चर्चित युवा संगीतकारों में शामिल हैं और निथिश के साथ उनका जुड़ना फिल्म के संगीत पक्ष को लेकर भी उम्मीद बढ़ाता है।
जिम्शी खालिद भी कई चर्चित मलयालम परियोजनाओं के साथ काम कर चुके हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने हाल में दुलकर सलमान की ‘आई एम गेम’ के लिए भी छायांकन किया है।
फिल्म की शूटिंग कब शुरू हुई?
‘मेला’ को लेकर चर्चा काफी समय से चल रही थी, लेकिन फिल्म का आधिकारिक शीर्षक और फर्स्ट लुक 7 सितंबर 2026 को सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म की शूटिंग जुलाई 2026 के आखिर में शुरू हो चुकी थी और सितंबर की शुरुआत में इसका काम जारी था।
यानी फिल्म का फर्स्ट लुक जारी होने तक परियोजना सिर्फ घोषणा के स्तर पर नहीं थी, बल्कि शूटिंग भी आगे बढ़ चुकी थी।
फिलहाल निर्माताओं की ओर से रिलीज की अंतिम तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
मम्मूटी के 75वें जन्मदिन पर प्रशंसकों की बधाइयों की बाढ़
7 सितंबर को मम्मूटी के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर देश और विदेश में उनके प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें जन्मदिन की बधाइयां दीं। ‘मेला’ के फर्स्ट लुक ने इस जश्न को और खास बना दिया।
पोस्टर जारी होने के बाद प्रशंसकों ने उनके लुक और उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी स्क्रीन मौजूदगी की तारीफ की। मम्मूटी के लिए 75वां जन्मदिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अभी भी लगातार नई फिल्मों पर काम कर रहे हैं और उनकी आने वाली फिल्मों की सूची काफी लंबी है।
सह-कलाकार और लंबे समय से उनके करीबी रहे मोहनलाल ने भी उनके जन्मदिन पर खास संदेश साझा किया। उन्होंने मम्मूटी के साथ अपने लंबे पेशेवर सफर और अभिनेता के सिनेमा के प्रति जुनून को याद किया। दोनों कलाकारों ने पांच दशकों के दौरान कई फिल्मों में साथ काम किया है।
पांच दशक लंबा फिल्मी सफर
मम्मूटी का जन्म 7 सितंबर 1951 को हुआ था। उनका वास्तविक नाम मोहम्मद कुट्टी पनपरम्बिल इस्माइल है। अभिनय में आने से पहले उन्होंने कानून की पढ़ाई की और केरल में वकालत भी की। इसके बाद उन्होंने अभिनय को पेशे के तौर पर अपनाया।
भारत सरकार के पद्म पुरस्कारों से संबंधित आधिकारिक जानकारी के अनुसार मम्मूटी ने पांच दशक लंबे करियर में 400 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में अभिनय किया, लेकिन तमिल, तेलुगु, कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी भाषा की फिल्मों में भी नजर आए।
यही लंबा और विविध फिल्मी सफर उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में शामिल करता है।
उनके करियर की खासियत सिर्फ फिल्मों की संख्या नहीं है। मम्मूटी ने व्यावसायिक मनोरंजन से लेकर गंभीर और प्रयोगात्मक सिनेमा तक अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं।
2026 में मिला पद्म भूषण
मम्मूटी के 75वें जन्मदिन के साल उनके सम्मान में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी। जून 2026 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें भारतीय सिनेमा में पांच दशक से अधिक के योगदान के लिए दिया गया।
यह सम्मान उनके लंबे फिल्मी करियर में एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि है।
मम्मूटी को इससे पहले भी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं। 2026 में उन्हें पद्म भूषण मिलना उनके 75वें जन्मदिन के वर्ष को और खास बनाता है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी उनके खाते में
मम्मूटी को 2026 में घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी मिला। उन्हें यह सम्मान मलयालम फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ में उनके प्रदर्शन के लिए मिला। इस श्रेणी में उन्होंने कार्तिक आर्यन के साथ पुरस्कार साझा किया, जिन्हें ‘चंदू चैंपियन’ के लिए सम्मानित किया गया।
इस तरह 2026 उनके लिए सिर्फ जन्मदिन का साल नहीं है, बल्कि पुरस्कारों और नई फिल्मों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ है।
‘मेला’ से पहले भी कई बड़ी फिल्में कतार में
मम्मूटी की आने वाली फिल्मों में ‘मेला’ के अलावा कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शामिल हैं।
वह निर्देशक खालिद रहमान की ‘मैटानचेरी माफिया’ में नजर आएंगे।
इसके अलावा वह मशहूर निर्देशक अदूर गोपालकृष्णन के साथ ‘पदयात्रा’ में फिर काम कर रहे हैं।
मम्मूटी और अदूर गोपालकृष्णन इससे पहले ‘विधेयन’, ‘अनंतराम’ और ‘मथिलुकल’ जैसी चर्चित फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। इसलिए ‘पदयात्रा’ को लेकर भी सिनेमा प्रेमियों के बीच खास उत्सुकता है।
इसके अलावा मम्मूटी तमिल अभिनेता धनुष के साथ ‘ओम – चैप्टर 1: उधिरम – द ब्लड वुड’ में भी दिखाई देंगे। फिल्म का निर्देशन राजकुमार पेरियासामी कर रहे हैं। मम्मूटी इसमें बर्मा कार्तिकेयन नाम के किरदार की भूमिका निभा रहे हैं, जिसे हालिया चरित्र झलक में एक प्रभावशाली तस्कर के रूप में पेश किया गया।
तमिल सिनेमा में भी वापसी
‘ओम’ मम्मूटी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह करीब सात साल बाद तमिल सिनेमा में उनकी वापसी होगी। इससे पहले वह 2019 में राम निर्देशित ‘पेरनबु’ में नजर आए थे।
‘ओम’ में धनुष मुख्य भूमिका में हैं और फिल्म में साई पल्लवी, श्रीलीला तथा नसीरुद्दीन शाह भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। नसीरुद्दीन शाह के लिए यह तमिल सिनेमा में पहली फिल्म होगी।
इस लिहाज से देखा जाए तो 75 वर्ष की उम्र में मम्मूटी एक साथ मलयालम और तमिल सिनेमा की कई अलग-अलग शैलियों की फिल्मों का हिस्सा बने हुए हैं।
फिल्म से बढ़ी उम्मीदें
‘मेला’ की सबसे बड़ी ताकत फिलहाल इसकी स्टार कास्ट से ज्यादा इसका संयोजन नजर आता है। एक तरफ पांच दशक से ज्यादा अनुभव रखने वाले मम्मूटी हैं, दूसरी तरफ अपेक्षाकृत नई पीढ़ी के निर्देशक निथिश सहदेव हैं।
निथिश की पिछली फिल्मों में हास्य और भावनात्मक कहानी के साथ दर्शकों से जुड़ने की क्षमता दिखाई दी है। अब वह मम्मूटी के साथ एक्शन मनोरंजन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। खुद निर्देशक ने संकेत दिया है कि फिल्म में जॉनर के भीतर कुछ नया करने की कोशिश होगी।
ये भी पढ़ें :- सितंबर में मनोरंजन का डबल धमाका! ‘गांधारी’ से ‘मिर्जापुर: द मूवी’ तक, ये 8 फिल्में-सीरीज देंगी मनोरंजन का फुल डोज
