Sunday, 02 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
2 अगस्त 1934: जब हिटलर कहलाया ‘फ़्यूहरर’! बवेरियन रेजिमेंट का एक सिपाही आखिर कैसे बना दुनिया का सबसे क्रूर तानाशाह? दिल्ली हाट, आईएनए में मिस्टर लिट्टीवाला संग बिहार के असली स्वाद का आनंद नेपाल के दिग्गज पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स’ पुरजा की मौत, पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में हुए थे लापता ट्रोजन हॉर्स: 3200 साल पुराने धोखे से लेकर आज के खतरनाक कंप्यूटर वायरस तक की कहानी 45 Years of MTV: कैसे एक छोटे से चैनल ने दुनिया को दिया नया म्यूजिकल कल्चर, MTV की कामयाबी से लेकर इसके पतन तक की कहानी कोयला पेंशनभोगियों की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹10,000 करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अपील देश के एक-चौथाई केंद्रीय विद्यालयों में पूर्णकालिक प्रिंसिपल नहीं, नेतृत्व संकट और शिक्षा व्यावस्था पर उठते गंभीर सवाल झारखंड JPSC पेपर लीक के आरोपों पर बढ़ता बवाल, सड़कों पर उतरे छात्र, BJP ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा 2 अगस्त 1934: जब हिटलर कहलाया ‘फ़्यूहरर’! बवेरियन रेजिमेंट का एक सिपाही आखिर कैसे बना दुनिया का सबसे क्रूर तानाशाह? दिल्ली हाट, आईएनए में मिस्टर लिट्टीवाला संग बिहार के असली स्वाद का आनंद नेपाल के दिग्गज पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स’ पुरजा की मौत, पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में हुए थे लापता ट्रोजन हॉर्स: 3200 साल पुराने धोखे से लेकर आज के खतरनाक कंप्यूटर वायरस तक की कहानी 45 Years of MTV: कैसे एक छोटे से चैनल ने दुनिया को दिया नया म्यूजिकल कल्चर, MTV की कामयाबी से लेकर इसके पतन तक की कहानी कोयला पेंशनभोगियों की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹10,000 करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अपील देश के एक-चौथाई केंद्रीय विद्यालयों में पूर्णकालिक प्रिंसिपल नहीं, नेतृत्व संकट और शिक्षा व्यावस्था पर उठते गंभीर सवाल झारखंड JPSC पेपर लीक के आरोपों पर बढ़ता बवाल, सड़कों पर उतरे छात्र, BJP ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा

डॉ. के. ए. पॉल ने प्रधानमंत्री मोदी से अपनी चैरिटी सिटीज़ और सेवा संस्थाओं को बचाने की अपील की

शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीबों की सेवा के लिए बनाई गई संस्थाओं की सुरक्षा की मांग

नई दिल्ली, 30 मई 2026:

अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी और शांति कार्यकर्ता डॉ. के. ए. पॉल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील की है कि वे उनकी चैरिटी सिटीज़ और पिछले 40 वर्षों में स्थापित सेवा संस्थाओं की रक्षा के लिए हस्तक्षेप करें।

डॉ. पॉल का कहना है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मंत्री नारा लोकेश के नेतृत्व में उनकी चैरिटी सिटीज़ और अन्य संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इन संस्थाओं को उनके मूल उद्देश्य के अनुसार गरीबों, जरूरतमंदों और वंचित लोगों की सेवा के लिए काम करने दिया जाए।

डॉ. पॉल के अनुसार, इन संस्थाओं की शुरुआत वर्ष 1989 में हुई थी और तब से उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में लाखों लोगों की मदद की है। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं का उद्देश्य हमेशा जनसेवा रहा है और आगे भी यही मिशन जारी रहना चाहिए।

डॉ. पॉल ने कहा, “मैंने इन संस्थाओं की स्थापना मानवता की सेवा के लिए की थी। इनका मकसद जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर जरूरतमंद लोगों की मदद करना है। मैं चाहता हूं कि ये संस्थाएं आने वाली पीढ़ियों तक इसी उद्देश्य के साथ काम करती रहें।”

उन्होंने संस्थाओं से जुड़े चल रहे कानूनी मामलों पर भी चिंता जताई और प्रधानमंत्री मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह से मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की। डॉ. पॉल ने यह भी सवाल उठाया कि आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के कुछ न्यायाधीशों ने मामले की सुनवाई से दूरी क्यों बनाई और कुछ आदेश ऐसे क्यों दिए गए जिन्हें उन्होंने अनुचित और हैरान करने वाला बताया।

अपने हाल के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए डॉ. पॉल ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से वे विश्व शांति और अंतरराष्ट्रीय संवाद को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न देशों में काम कर रहे हैं। इसके बावजूद, वे अपनी सेवा संस्थाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

डॉ. पॉल ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से जल्द मुलाकात का समय देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी संस्थाओं को न्याय नहीं मिला, तो वे वॉशिंगटन डी.सी. में भारतीय दूतावास के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने और इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version