Monday, 03 August 2026
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कथित न्यायिक अनियमितताओं पर डॉ. के.ए. पॉल ने मांगी सीबीआई जांच, सीजेआई और केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील

सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों का स्वागत करते हुए डॉ. पॉल ने न्यायपालिका में जताया विश्वास, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

वाशिंगटन डी.सी. / नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में दुनिया के प्रसिद्ध धर्मप्रचारक, मानवतावादी और कई धर्मार्थ संगठनों के संस्थापक डॉ. के.ए. पॉल ने आंध्र प्रदेश में कथित न्यायिक भ्रष्टाचार के मामले में तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता जताई है। साथ ही उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराने का आग्रह भी किया है।

ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी ऐप्स पर अपनी दलीलों के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए हालिया निर्देशों के लिए आभार व्यक्त करते हुए डॉ. पॉल ने कहा कि उन्हें भारतीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। वह अपने धर्मार्थ संस्थानों ‘गॉस्पेल टू द अनरीच्ड मिलियंस’ (Gospel to the Unreached Millions) और ‘एंशिएंट पेटेंट पेंटाकोस्टल चर्च’ (Ancient Patent Pentecostal Church) के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई को उनके खिलाफ दिए गए एक पिछले आदेश को रद्द कर दिया था, लेकिन उनकी सोसायटियों और धर्मार्थ संपत्तियों से संबंधित बाद के फैसलों पर ध्यान देने की जरूरत है।

डॉ. पॉल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया कि वे इस मामले में सीबीआई जांच के निर्देश दें और यह सुनिश्चित करें कि संविधान एवं कानून के शासन के अनुरूप न्याय मिले।

डॉ. पॉल ने कहा, “यदि मेरे और मेरे धर्मार्थ संस्थानों के साथ न्याय नहीं हुआ, तो देश के करोड़ों आम नागरिक न्याय की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?”

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से अपनी अपील में डॉ. पॉल ने “आंध्र के भ्रष्टाचार” के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (C.B.N.), उनके बेटे लोकेश, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और एक अन्य राजनीतिक नेता ने उन्हें चुप कराने की कोशिश की है।

उन्होंने घोषणा की है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वह आवश्यक अनुमतियां लेने के बाद वाशिंगटन डी.सी. में भारतीय दूतावास के बाहर एक शांतिपूर्ण वैश्विक भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

डॉ. पॉल ने नागरिकों से उनके इस संदेश को साझा करने की अपील की और कहा कि जब तक उनकी चिंताओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वह न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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