डॉ. के.ए. पॉल ने सोनिया गांधी और तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी पर लगाए सनसनीखेज आरोप; 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक जवाब की मांग

डॉ. पॉल ने दोनों नेताओं से 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक जवाब की मांग की

वर्ल्ड पीस मूवमेंट के अध्यक्ष, डॉ. के.ए. पॉल ने आज आंध्र भवन, नई दिल्ली में एक विस्फोटक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। डॉ. पॉल ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री ए. रेवंत रेड्डी के ख़िलाफ़ दस्तावेज़ों और विशिष्ट तिथियों के साथ गंभीर आरोप लगाते हुए, उन्हें 15 दिनों के भीतर इन मामलों पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देने की अंतिम चेतावनी दी है।

डॉ. पॉल ने यह भी सूचित किया कि इन आरोपों की व्यापक जाँच की मांग को लेकर उन्होंने हाल ही में तेलंगाना हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की है।

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पहला आरोप: सोनिया गांधी और ‘गांधी की भूमि’ का मामला (2005)

डॉ. पॉल ने श्रीमती सोनिया गांधी पर देश के लिए एक गंभीर राजनीतिक फ़ैसला लेने का आरोप लगाया:

आरोप: उन्होंने दावा किया कि 5 जुलाई 2005 को श्रीमती सोनिया गांधी ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के दबाव में आकर, “गांधी जी की भूमि” पश्चिमी शक्तियों को सौंपने का निर्णय लिया था।

अन्य दावा: उनके अनुसार, इसी दिन भारत के 17 राजनीतिक दलों के साथ होने वाले प्रस्तावित ‘शांति मिशन’ को भी रद्द कर दिया गया था।

दूसरा आरोप: तेलंगाना में ₹5 लाख करोड़ मूल्य की सरकारी भूमि बेचने की साज़िश

डॉ. पॉल ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार पर राज्य के वित्तीय हितों को नुक़सान पहुँचाने की साज़िश रचने का आरोप लगाया:

तेलंगाना सिंकिंग समिट’: उन्होंने आरोप लगाया कि 8 से 10 दिसंबर को होने वाले ‘तेलंगाना राइजिंग’ समिट की आड़ में, सरकार लगभग 9,298 एकड़ सरकारी भूमि को कथित “बेनामी नेटवर्क्स” को बहुत कम क़ीमत पर बेचने या लीज़ पर देने की तैयारी कर रही है।

वित्तीय हानि: डॉ. पॉल ने चेतावनी दी कि इस क़दम से राज्य को लगभग ₹5 लाख करोड़ मूल्य की ज़मीन का भारी नुक़सान होगा।

अंतिम चेतावनी और देशव्यापी आंदोलन की घोषणा

डॉ. पॉल ने ज़ोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से पिछले दो वर्षों में सात बार मुलाक़ात करने और कई पत्र भेजने के बावजूद उन्हें कोई साफ़ जवाब नहीं मिला है।

समय-सीमा: यदि सोनिया गांधी और रेवंत रेड्डी 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं देते हैं, तो डॉ. पॉल नई दिल्ली स्थित हेराल्ड हाउस से एक देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।

आंदोलन का नाम: “गांधी भूमि वापसी – तेलंगाना भूमि बचाओ”।

डॉ. पॉल ने दोनों मामलों में तत्काल, स्वतंत्र और व्यापक जाँच की मांग की है।

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