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चेन्नई पीस फेस्टिवल से जुड़े विवाद पर डॉ. के. ए. पॉल ने दी अपनी प्रतिक्रिया

कार्यक्रम से एक दिन पहले मिली पुलिस अनुमति, मुख्यमंत्री स्टालिन पर टिप्पणी से किया इनकार, 22 फरवरी के आयोजन को रोकने की कोशिशों का लगाया आरोप

चेन्नई | 28 फरवरी, 2026:

वैश्विक शांति नेता डॉ. के. ए. पॉल ने 22 फरवरी को चेन्नई के नंदनम स्थित YMCA ग्राउंड में आयोजित ग्लोबल गॉस्पेल पीस फेस्टिवल से जुड़े घटनाक्रम पर आधिकारिक बयान जारी किया है।

डॉ. पॉल ने कहा कि यह कार्यक्रम 200 से अधिक देशों में प्रसारित किया गया, लेकिन पुलिस की अनुमति कार्यक्रम से केवल एक दिन पहले मिली। उनके अनुसार, इतनी कम समय सीमा के कारण तैयारियों पर असर पड़ा और प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसार केवल 10,000 आध्यात्मिक और धार्मिक नेताओं तथा पादरियों को ही आमंत्रित किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समुदाय सहित सभी धर्मों के लोग शामिल हुए और कुछ प्रतिनिधियों ने मंच से संबोधन भी किया।

“सीमित समय के बावजूद हमने कानून का पूर्ण पालन किया,” डॉ. पॉल ने कहा। उन्होंने बताया कि दोपहर में निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत विधवाओं के लिए अलग सत्र भी आयोजित किया गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आयोजन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के दौर में वैश्विक शांति और आध्यात्मिक एकता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री क्येल मैग्ने बोनदेविक सहित यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने वर्चुअल माध्यम से संक्षिप्त संबोधन दिया। एंग्लिकन आर्चबिशप डेनियल सेल्विन कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने भी संबोधित किया।

सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो क्लिप्स के संदर्भ में डॉ. पॉल ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के खिलाफ किसी भी आपत्तिजनक टिप्पणी से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनकी बात केवल प्रशासनिक अनुमति में हुई देरी को लेकर पारदर्शिता की मांग तक सीमित थी।

उन्होंने कहा, “मैं निर्वाचित सरकार के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करता हूं। मेरी अपील केवल अनुमति में देरी के संबंध में स्पष्टता की थी।”

डॉ. पॉल ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों ने कार्यक्रम को बाधित करने और गलत जानकारी फैलाने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ नेताओं द्वारा वित्तीय मांगें भी की गई थीं।

डॉ. पॉल ने दोहराया कि उनका मंत्रालय सार्वजनिक कार्यक्रमों में किसी प्रकार का चढ़ावा या दान नहीं लेता। उन्होंने कहा कि चेन्नई कार्यक्रम में साहित्य, प्रार्थना सेवाएं और धार्मिक सामग्री निःशुल्क वितरित की गई। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार दशकों से वे अपने संसाधनों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से वैश्विक शांति और मानवीय कार्यक्रमों को वित्तपोषित करते रहे हैं।

उन्होंने तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर विधवाओं, अनाथों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी पहल में सहयोग की इच्छा भी जताई, जिसमें संभावित निवेश जुटाने का प्रस्ताव शामिल है। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आर्चबिशप डेनियल सेल्विन ने इस आयोजन को शांति और एकता को बढ़ावा देने वाला आध्यात्मिक प्रयास बताया। उन्होंने ईसाई और अन्य सभी धार्मिक नेताओं से मतभेदों से बचने और मानवीय तथा आध्यात्मिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।

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BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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