KBC की हॉट सीट पर कंटेस्टेंट सिर्फ सवालों के जवाब देने नहीं आते, बल्कि अपनी जिंदगी के संघर्ष भी साझा करते हैं। अमिताभ बच्चन ने बताया कि ऐसी कहानियां कई बार उनके लिए भावनात्मक चुनौती बन जाती हैं।
मुंबई: टेलीविजन का लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) सिर्फ सवाल-जवाब और करोड़ों रुपये जीतने का मंच नहीं है। पिछले 25 वर्षों से इस शो की पहचान अमिताभ बच्चन की आवाज, उनकी बातचीत और हॉट सीट पर बैठे आम लोगों की निजी कहानियों से भी बनी है। लेकिन इस बार शो के 18वें सीजन की मेजबानी करते हुए खुद अमिताभ बच्चन ने इसके एक ऐसे पहलू का खुलासा किया है, जो कैमरे के सामने नजर नहीं आता।
अमिताभ बच्चन ने अपने निजी ब्लॉग पर लिखा कि कुछ कंटेस्टेंट्स ऐसी गंभीर और दर्दनाक निजी कहानियां लेकर आते हैं कि उनके लिए अपनी भावनाओं को संभालते हुए शो की मेजबानी जारी रखना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने इस अनुभव को ‘हार्ट-ब्रेकिंग’ बताया। ब्लॉग के अंत में उन्होंने लिखा कि वह अब रात के लिए ‘रिटायर’ होना चाहते हैं।
उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या अमिताभ बच्चन KBC से संन्यास लेने का संकेत दे रहे हैं। हालांकि, बच्चन की टिप्पणी उस रात के भावनात्मक अनुभव और शो की कठिन मानवीय कहानियों के संदर्भ में थी।
अमिताभ बच्चन ने आखिर क्या कहा?
7 सितंबर 2026 की देर रात अपने निजी टम्बलर (Tumblr) ब्लॉग पर लिखे एक पोस्ट में अमिताभ बच्चन ने KBC के दौरान सामने आने वाली कुछ निजी कहानियों का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि कुछ कंटेस्टेंट्स अपने साथ इतनी गंभीर व्यक्तिगत परिस्थितियां लेकर आते हैं कि उनके लिए केवल उनकी कहानी सुनना ही नहीं, बल्कि उसके बाद सामान्य तरीके से शो को आगे बढ़ाना भी मुश्किल हो जाता है। बच्चन के मुताबिक, ऐसे समय में होस्ट की भूमिका और व्यक्तिगत भावनाओं के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने इन कहानियों के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की। उनका कहना था कि ऐसा करने से चैनल और होस्ट के बीच बनी समझ से जुड़े कुछ पहलू प्रभावित हो सकते हैं।
क्या अमिताभ बच्चन KBC छोड़ने वाले हैं?
आपको बता दें कि अमिताभ बच्चन ने यह नहीं कहा कि वह KBC के 18वें सीजन के बाद शो छोड़ रहे हैं या भविष्य में इसकी मेजबानी नहीं करेंगे। उनका ‘I wish to retire now’ वाला बयान उस ब्लॉग पोस्ट के अंत में आया, जिसमें वह एक भावनात्मक अनुभव के बाद रात के लिए आराम करने की बात कर रहे थे।
इसलिए इसे KBC से स्थायी सन्यास का ऐलान मानना जल्दबाजी होगी। मौजूदा रिपोर्टों में भी उनकी टिप्पणी को मुख्य रूप से शो के दौरान होने वाले भावनात्मक अनुभव के संदर्भ में देखा गया है।
यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमिताभ बच्चन की उम्र और लंबे करियर को देखते हुए उनके काम से जुड़े किसी भी बयान को लेकर तुरंत अटकलें शुरू हो जाती हैं।
KBC सिर्फ एक क्विज शो नहीं
‘कौन बनेगा करोड़पति’ की मूल अवधारणा सवालों के जवाब देकर रकम जीतने की है। लेकिन समय के साथ शो का एक दूसरा पहलू, हॉट सीट पर बैठने वाले कंटेस्टेंट्स की निजी जिंदगी पर भी गहरी से प्रकाश डाला गया।
अमिताभ बच्चन अक्सर उनसे उनके परिवार, नौकरी, संघर्ष, सपनों और जीवन की मुश्किलों के बारे में बात करते हैं। इसी बातचीत के दौरान कई ऐसी कहानियां सामने आती हैं, जिनमें आर्थिक तंगी, पारिवारिक परेशानियां, बीमारी, संघर्ष, नुकसान और लंबे समय तक चलने वाली व्यक्तिगत चुनौतियां शामिल होती हैं।
यही वजह है कि KBC में कई बार सवालों से ज्यादा चर्चा किसी कंटेस्टेंट की जिंदगी की कहानी की होती है।
अमिताभ बच्चन खुद भी ऐसे मौकों पर सिर्फ होस्ट की भूमिका में नहीं रहते। वह कंटेस्टेंट से बातचीत करते हैं, उन्हें प्रोत्साहित करते हैं और कई बार अपने जीवन के अनुभव भी साझा करते हैं।
लेकिन इस भावनात्मक जुड़ाव की एक कीमत भी है। हर कहानी सुनना और उसके तुरंत बाद कैमरे के सामने सामान्य तरीके से गेम को आगे बढ़ाना आसान नहीं होता।
इस सीजन में भी सामने आईं संघर्ष की कई कहानियां
KBC का 18वां सीजन 10 अगस्त 2026 को शुरू हुआ और अमिताभ बच्चन एक बार फिर होस्ट की कुर्सी पर लौटे। इस सीजन की थीम ‘सोचना पड़ेगा’ है, यानी जवाब देने से पहले रुककर सोचने और समझने पर जोर। शो सोमवार से शुक्रवार तक सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न और सोनी लिव पर प्रसारित हो रहा है।
सीजन की थीम सिर्फ सवालों तक सीमित नहीं है। शो में आने वाले कंटेस्टेंट्स की जिंदगी भी कई बार यही बताती है कि महत्वपूर्ण फैसलों से पहले सोचने और परिस्थितियों को समझने की जरूरत होती है।
हाल के एपिसोड्स में ऐसे कई कंटेस्टेंट्स नजर आए हैं, जिनकी व्यक्तिगत परिस्थितियां भी चर्चा में रही हैं।
उदाहरण के लिए छत्तीसगढ़ के शिक्षक दुर्गा प्रसाद साहू ने KBC में बताया कि वह कभी जुए की लत में फंस गए थे और करीब 10 लाख रुपये के कर्ज में डूब गए थे। उन्होंने शो से जीती रकम का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने के लिए करने की बात कही। वह 12.5 लाख रुपये तक पहुंचे और 25 लाख रुपये के सवाल पर गेम छोड़ दिया।

इसी तरह राजस्थान के दिहाड़ी मजदूर कृष्ण कुमावत ने KBC में 50 लाख रुपये जीते। 12वीं के बाद पढ़ाई रुक जाने के बावजूद उन्होंने सवालों का सामना किया और एक करोड़ रुपये के सवाल पर जोखिम नहीं लेने का फैसला किया।

यानी KBC की हॉट सीट पर आने वाला व्यक्ति सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं होता। वह अपने साथ अपनी जिंदगी की खट्टी-मीठी यादें लेकर आता है।
अमिताभ के लिए यह भावनात्मक रूप से मुश्किल क्यों है?
अमिताभ बच्चन पिछले कई वर्षों से KBC के कंटेस्टेंट्स के साथ लंबे संवाद करते आए हैं। ऐसे में जब कोई व्यक्ति अपने जीवन की बेहद निजी या दर्दनाक घटना कैमरे के सामने बताता है, तो होस्ट के लिए उससे पूरी तरह भावनात्मक दूरी बनाए रखना आसान नहीं होता।
एक अभिनेता के रूप में बच्चन कैमरे के सामने भावनाओं को नियंत्रित करने के आदी हैं। लेकिन KBC में सामने आने वाली कहानियां स्क्रिप्टेड नहीं होतीं। यहां व्यक्ति अपने वास्तविक अनुभव साझा करता है। यही फर्क इस शो की ताकत भी है और उसकी भावनात्मक चुनौती भी।
अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में इसी स्थिति की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि कुछ कंटेस्टेंट्स की गंभीर निजी कहानियां ऐसी होती हैं कि उनके साथ अपनी भावनाओं को संभालना और शो जारी रखना कठिन हो जाता है।
उन्होंने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि किन कंटेस्टेंट्स या किस घटना ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया।
शो की सफलता में अमिताभ बच्चन की भूमिका
KBC और अमिताभ बच्चन का रिश्ता भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे समय तक चलने वाले सफल host-show combinations में से एक है।
शो के पहले सीजन से ही उनकी आवाज और अंदाज इसकी पहचान बन गए। उनका सवाल पूछने का तरीका, कंटेस्टेंट्स से बातचीत और सही जवाब पर प्रतिक्रिया, इन सबने KBC को सिर्फ एक क्विज प्रोग्राम से आगे बढ़ाकर एक टीवी अनुभव बनाया।
शाहरुख खान ने भी एक सीजन में शो की मेजबानी की थी, लेकिन बाद के अधिकांश सीजन अमिताभ बच्चन के साथ ही जुड़े रहे।
समय के साथ KBC की भाषा और प्रस्तुति में बदलाव हुए, लेकिन अमिताभ की मौजूदगी शो का केंद्रीय हिस्सा बनी रही। यही वजह है कि उनके किसी भी भावनात्मक बयान को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया तुरंत सामने आती है।
भावनात्मक कहानियों की परंपरा नई नहीं
KBC में कंटेस्टेंट्स की निजी कहानियां लंबे समय से शो का अहम हिस्सा रही हैं।
कई कंटेस्टेंट आर्थिक मुश्किलों के बीच यहां पहुंचते हैं। कुछ अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए रकम जीतना चाहते हैं। कुछ अपने बच्चों की पढ़ाई, घर, इलाज या भविष्य के लिए पैसे जुटाने का सपना लेकर आते हैं।
इसलिए शो में जीतने वाली रकम सिर्फ एक प्राइज राशि नहीं होती। कई लोगों के लिए वह उनके जीवन की दिशा बदलने का मौका होती है।
जब कोई कंटेस्टेंट अपने संघर्ष के बारे में बताता है तो अमिताभ बच्चन अक्सर उस बातचीत को सिर्फ औपचारिक सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रखते।
यही मानवीय जुड़ाव KBC की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण है।
अमिताभ बच्चन के आगामी प्रोजेक्ट
काम के मोर्चे पर अमिताभ बच्चन अभी सक्रिय हैं। वह नाग अश्विन की ‘Kalki 2898 AD’ के सीक्वल में नजर आएंगे। फिल्म में प्रभास और कमल हासन भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
पहली फिल्म ने दुनियाभर में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया था और इसके बाद इसके सीक्वल को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता बनी हुई है।
इससे भी यह संकेत मिलता है कि KBC के संदर्भ में उनके ‘सन्यास’ वाले शब्दों को फिलहाल व्यापक अभिनय करियर से संन्यास की घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, 25 साल बाद भी यह शो सिर्फ करोड़पति बनाने की कहानी नहीं, बल्कि आम भारतीयों की असली जिंदगी को मंच देने वाला कार्यक्रम बना हुआ है।
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