Sunday, 16 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
पाकिस्तान 14 अगस्त को ही क्यों मनाता है स्वतंत्रता दिवस? आजादी के दिन कराची में क्या हुआ और बंटवारे में भारत से क्या-क्या मिला? एचआरडीएस इंडिया ने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी Johnny Lever Birthday: पेन बेचने से लेकर बॉलीवुड के कॉमेडी किंग बनने तक का सफर, जानिए हंसी के उस्ताद की असल जिंदगी की कहानी समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ मामले में सभी FIR रद्द स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में बम धमकियों से मचा हड़कंप, हाई कोर्ट और IGI एयरपोर्ट समेत कई जगहों पर अलर्ट संसद का मानसून सत्र समाप्त, 12 विधेयक पास, कम चर्चा के बीच बने ये 7 अहम कानून नवनीत चतुर्वेदी ने जॉर्जिया मेलोनी से जुड़े बयान की MEA जांच की मांग की Gallantry Awards 2026: स्वतंत्रता दिवस पर 1,057 कर्मियों को मिलेगा सम्मान, वीरता पदक से लेकर सराहनीय सेवा पदक तक जाने पूरी सूची पाकिस्तान 14 अगस्त को ही क्यों मनाता है स्वतंत्रता दिवस? आजादी के दिन कराची में क्या हुआ और बंटवारे में भारत से क्या-क्या मिला? एचआरडीएस इंडिया ने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी Johnny Lever Birthday: पेन बेचने से लेकर बॉलीवुड के कॉमेडी किंग बनने तक का सफर, जानिए हंसी के उस्ताद की असल जिंदगी की कहानी समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ मामले में सभी FIR रद्द स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में बम धमकियों से मचा हड़कंप, हाई कोर्ट और IGI एयरपोर्ट समेत कई जगहों पर अलर्ट संसद का मानसून सत्र समाप्त, 12 विधेयक पास, कम चर्चा के बीच बने ये 7 अहम कानून नवनीत चतुर्वेदी ने जॉर्जिया मेलोनी से जुड़े बयान की MEA जांच की मांग की Gallantry Awards 2026: स्वतंत्रता दिवस पर 1,057 कर्मियों को मिलेगा सम्मान, वीरता पदक से लेकर सराहनीय सेवा पदक तक जाने पूरी सूची

NSE को-लोकेशन मामले में दिल्ली कोर्ट का एक्शन, 44 आरोपियों पर CBI चार्जशीट स्वीकार; चित्रा रामकृष्ण सहित कई को समन

अदालत ने आरोपियों को 18 और 20 मई को पेश होने का निर्देश दिया; CBI का आरोप- चुनिंदा ब्रोकरों को NSE सर्वर के जरिए मिला अनुचित ट्रेडिंग फायदा

दिल्ली की एक विशेष CBI अदालत ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को-लोकेशन घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दाखिल पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए पूर्व NSE प्रबंध निदेशक और CEO चित्रा रामकृष्ण समेत 44 आरोपियों को समन जारी किया है। अदालत ने सभी आरोपियों को 18 और 20 मई 2026 को पेश होने का निर्देश दिया है।

पूरक चार्जशीट के अनुसार, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) द्वारा आंके गए कथित अवैध लाभ -:

  • टॉवर रिसर्च कैपिटल मार्केट्स इंडिया (पूर्व में शास्त्र रिसर्च कैपिटल मार्केट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड) – ₹182.26 करोड़
  • SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज – ₹137.33 करोड़
  • OPG सिक्योरिटीज – ₹132.67 करोड़
  • PRB सिक्योरिटीज – ₹120.22 करोड़
  • PACE स्टॉक ब्रोकिंग सर्विसेज – ₹114.71 करोड़
  • एड्रॉइट फाइनेंशियल सर्विसेज – ₹20.90 करोड़
  • CPR कैपिटल सर्विसेज – ₹24.03 करोड़
  • परवती कैपिटल मार्केट्स – ₹14.76 करोड़
  • क्वाडआई सिक्योरिटीज – ₹12.66 करोड़
  • IKM इन्वेस्टर्स – ₹17.76 करोड़
  • क्रॉसीज कैपिटल सर्विसेज – ₹13.46 करोड़
  • GRD सिक्योरिटीज – ₹8.29 करोड़
  • सिल्वर स्ट्रीम इक्विटीज – ₹4.33 करोड़
  • शेयर इंडिया सिक्योरिटीज – ₹2.26 करोड़
  • युग सिक्योरिटीज – ₹1.43 करोड़
  • मिलेनियम स्टॉक ब्रोकर्स – ₹1.57 करोड़
  • क्रेडेंट ब्रोकरेज – ₹1.26 करोड़
  • यूनिवर्सल स्टॉक ब्रोकर्स – ₹96 लाख
  • एडवेंट स्टॉक ब्रोकिंग – ₹84.08 लाख
  • एस्टी एडवाइजर्स – ₹49 लाख
  • मारवाड़ी शेयर्स एंड फाइनेंस – ₹27 लाख

विशेष न्यायाधीश एम.पी. सिंह ने यह आदेश पारित किया। अदालत ने CBI द्वारा दाखिल 300 से अधिक पन्नों की पूरक चार्जशीट का अवलोकन करने के बाद कहा कि कई स्टॉक ब्रोकरों, कंपनी निदेशकों, ट्रेडिंग संस्थाओं और पूर्व NSE अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। इन पर वर्ष 2010 से 2014 के बीच NSE के को-लोकेशन सर्वरों तक अनुचित और विशेष पहुंच हासिल करने का आरोप है।

CBI के अनुसार, कुछ ब्रोकर बार-बार NSE के तथाकथित “सेकेंडरी सर्वर” से जुड़ते थे, जिससे उन्हें अन्य बाजार प्रतिभागियों की तुलना में तेज गति से मार्केट डेटा फीड मिलती थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इससे चुनिंदा फर्मों को हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग में अनुचित स्पीड एडवांटेज मिला और उन्होंने बाजार की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित करते हुए अवैध लाभ कमाया।

पूर्व NSE प्रमुख चित्रा रामकृष्ण को इस मामले में प्रमुख आरोपियों में शामिल किया गया है। CBI का आरोप है कि उनके संयुक्त प्रबंध निदेशक और बाद में प्रबंध निदेशक रहने के दौरान को-लोकेशन आर्किटेक्चर में लोड बैलेंसर और रैंडमाइजर जैसे जरूरी सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए गए, जबकि सिस्टम की कमजोरियों की जानकारी पहले से मौजूद थी। एजेंसी के अनुसार, इन सुरक्षा उपायों की अनुपस्थिति ने कुछ ट्रेडिंग सदस्यों को बार-बार सिस्टम का फायदा उठाने का अवसर दिया।

पूर्व NSE अधिकारी महेश एम. सोपारकर और देव प्रसाद सिंह को भी मामले में समन जारी किया गया है। चार्जशीट के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने सर्वर एक्सेस पैटर्न में बार-बार सामने आ रहे उल्लंघनों और चेतावनियों के बावजूद अनुपालन सुनिश्चित करने या सुधारात्मक कदम उठाने में विफलता दिखाई।

चार्जशीट में SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज, PACE स्टॉक ब्रोकिंग सर्विसेज, टॉवर रिसर्च कैपिटल मार्केट्स इंडिया, PRB सिक्योरिटीज, क्वाडआई सिक्योरिटीज, मारवाड़ी शेयर्स एंड फाइनेंस और शेयर इंडिया सिक्योरिटीज सहित कई ब्रोकरेज हाउस और ट्रेडिंग फर्मों के नाम शामिल हैं। CBI ने को-लोकेशन व्यवस्था के जरिए विभिन्न फर्मों द्वारा अर्जित कथित अवैध लाभ का आकलन करने के लिए इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) की रिपोर्ट पर भरोसा किया है।

आरोपियों को भारतीय दंड संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत समन किया गया है। इनमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और कंप्यूटर सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच जैसे आरोप शामिल हैं।

हालांकि, CBI ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कुछ आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। इनमें हवाला लेनदेन, OPG सिक्योरिटीज से जुड़ी कथित अवैध विदेशी ट्रेडिंग और “चाणक्य” सॉफ्टवेयर के कथित दुरुपयोग से संबंधित आरोप शामिल हैं।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version