Monday, 03 August 2026
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आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को बड़ी राहत, दिल्ली दंगे के एक मामले में मिली जमानत

नई दिल्ली।

कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित एक मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को जमानत दे दी। इस संबंध में दयालपुर थाने में एफआईआर संख्या दर्ज की गई थी। ताहिर हुसैन को हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगों के पांच अलग-अलग मामलों में जमानत दे दी थी। हालांकि ताहिर हुसैन अभी भी अपने खिलाफ दर्ज अन्य एफआईआर के चलते न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे, जिसमें यूएपीए मामला भी शामिल है, जिसमें दंगों की बड़ी साजिश का आरोप लगाया गया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने ताहिर हुसैन को राहत देते हुए कहा कि जिन दो एफआईआर में हाईकोर्ट ने जमानत दी और जो मामला सामने आया, वह निकटतम समय और स्थानों पर हुआ। यह भी नोट किया गया कि सभी एफआईआर में कई कॉमन गवाह हैं। अदालत ने हुसैन को निर्देश दिया कि वह 1,00,000 रुपये की राशि का निजी बांड और इतनी ही राशि की एक जमानत राशि जमा कराएं। न्यायाधीश ने हुसैन को अदालत की अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ने का निर्देश दिया और कहा कि वह मामले के किसी भी गवाह को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे।

यह एफआईआर दंगों के दौरान अजय गोस्वामी नामक व्यक्ति के घायल होने से संबंधित घटना के संबंध में दर्ज की गई थी। ताहिर हुसैन के खिलाफ पिछले साल नवंबर में भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 307, 120बी और 149 के तहत आरोप तय किए गए थे।

पांच मामलों में उन्हें जमानत देते हुए, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि विचाराधीन कैदी के रूप में हुसैन की 3 साल की हिरासत पहले ही कुछ अपराधों में निर्धारित सजा की अधिकतम अवधि से अधिक हो चुकी है। अदालत ने यह भी कहा था कि इस मामले में बयानों में सुधार, एफआईआर दर्ज करने में देरी, विभिन्न पुलिस और सार्वजनिक गवाहों के बयानों को कॉपी-पेस्ट करना और पुलिस गवाहों को बदनाम करना जैसे अन्य पहलू भी थे।

ताहिर हुसैन पर हुई थीं 11 एफआईआर

2020 के दंगों के सिलसिले में ताहिर हुसैन के खिलाफ कुल 11 एफआईआर दर्ज की गईं, जिसमें एक यूएपीए मामला भी शामिल है, जिसमें उन पर और अन्य लोगों पर दंगे करने के लिए “बड़ी साजिश” के पीछे होने का आरोप लगाया गया था। ताहिर हुसैन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने ईसीआईआर भी दर्ज की थी. पिछले साल नवंबर में ट्रायल कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके खिलाफ आरोप तय किए थे। आरोप तय करने के आदेश को ताहिर हुसैन की चुनौती हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी। हाल ही में, ताहिर हुसैन ने यूएपीए मामले में नियमित जमानत की मांग करते हुए ट्रायल कोर्ट का रुख किया था।

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Aniket

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लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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