भारत की वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए घोषित टीम में ऋषभ पंत को जगह नहीं मिली। केएल राहुल और ध्रुव जुरेल विकेटकीपिंग विकल्प हैं। सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम में ऋषभ पंत के वनडे भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम में पंत को जगह नहीं मिली है। खास बात यह है कि इसी दौरान उन्हें ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया टीम का कप्तान बनाया गया है। इस अलग-अलग भूमिका ने पंत के रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल करियर के बीच चयनकर्ताओं की सोच को लेकर बहस बढ़ा दी है।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने पंत की स्थिति को ‘बहुत अलग और अनोखा मामला’ बताते हुए कहा है कि टेस्ट क्रिकेट में टीम के लिए उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है, लेकिन वनडे क्रिकेट में मौजूदा चयन समिति ने उनके भविष्य को लेकर अपना मन बना लिया है। हालांकि, यह महज चोपड़ा का विश्लेषण है।
वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में पंत को नहीं मिली जगह
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी। पहला मुकाबला तिरुवनंतपुरम में, दूसरा 30 सितंबर को गुवाहाटी में और तीसरा 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। भारतीय टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में होगी, जबकि केएल राहुल उपकप्तान हैं।
15 सदस्यीय टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली को भी शामिल किया गया है। विकेटकीपर के तौर पर ध्रुव जुरेल को जगह मिली है। ऋषभ पंत इस टीम का हिस्सा नहीं हैं।
यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वनडे टीम में कुछ नियमित खिलाड़ी उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद पंत को मौका नहीं मिला। भारतीय टीम इस सीरीज को 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मान रही है।
आकाश चोपड़ा ने क्या कहा?
आकाश चोपड़ा ने जियोस्टार से बातचीत में पंत की स्थिति की तुलना टेस्ट और वनडे क्रिकेट में उनकी भूमिकाओं से की। उनके मुताबिक, पंत टेस्ट टीम के महत्वपूर्ण सदस्य बने हुए हैं और उन्हें रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी मिलना भी इस बात का संकेत है कि लंबे प्रारूप में टीम उनके अनुभव और क्षमता को महत्व देती है।
इसके उलट, चोपड़ा का कहना है कि वनडे में पंत को टीम से बाहर रखा जाना बताता है कि चयन समिति फिलहाल उनके बारे में अलग सोच रही है। उन्होंने पंत के मामले को ‘बहुत अजीब और अनोखा’ बताते हुए कहा कि बिना खेले ही वनडे क्रिकेट में उनके लिए दरवाजा बंद होता हुआ दिखाई दे रहा है।
क्या कहते हैं पंत के वनडे आंकड़े?
बीसीसीआई के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक पंत ने भारत के लिए 31 वनडे मैच खेले हैं और 27 पारियों में 871 रन बनाए हैं। उनका औसत 33.50 और स्ट्राइक रेट 106.22 है। उनके नाम एक शतक और पांच अर्धशतक हैं।
पंत ने अपना आखिरी वनडे मुकाबला अगस्त 2024 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। उस मैच में उन्होंने 6 रन बनाए थे। इसके बाद से वह भारत की वनडे टीम में नहीं लौटे हैं।
उनके वनडे करियर की सबसे यादगार पारियों में इंग्लैंड के खिलाफ 2022 में मैनचेस्टर में खेली गई नाबाद 125 रन की पारी शामिल है। उन्होंने 113 गेंदों पर यह पारी खेली थी और भारत ने उस मुकाबले में लक्ष्य हासिल कर सीरीज अपने नाम की थी।
2022 के बाद वनडे में सिर्फ एक मैच
पंत की वनडे यात्रा को प्रभावित करने वाली सबसे बड़ी घटनाओं में दिसंबर 2022 की कार दुर्घटना भी रही। गंभीर चोटों के कारण उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से बाहर रहना पड़ा। 2024 में आईपीएल के दौरान उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की और बाद में भारत की टीम में भी लौटे।
लेकिन वनडे में वापसी के बाद उन्हें लगातार मौके नहीं मिले। 2024 में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने एक ही वनडे खेला। इसके बाद से वह इस प्रारूप से बाहर हैं। यानी 2022 के अंत के बाद उनकी वनडे उपस्थिति बेहद सीमित रही है।
इस दौरान पंत टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के महत्वपूर्ण विकेटकीपर-बल्लेबाज बने रहे। बीसीसीआई के आंकड़ों के अनुसार उनके नाम 50 टेस्ट में 3,557 रन हैं, जिसमें आठ शतक और 19 अर्धशतक शामिल हैं।
टेस्ट में महत्वपूर्ण, वनडे में स्थिति अलग
पंत का मौजूदा करियर इसी विरोधाभास के कारण चर्चा में है। एक तरफ वह टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के स्थापित विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं। दूसरी तरफ वनडे टीम में उनकी जगह ध्रुव जुरेल को प्राथमिकता दी गई है।
उनकी टेस्ट भूमिका का एक ताजा संकेत ईरानी कप की टीम से भी मिला है। पंत को रेस्ट ऑफ इंडिया का कप्तान बनाया गया है। यह मुकाबला जम्मू-कश्मीर के खिलाफ 1 से 5 अक्टूबर तक श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में खेला जाना है।
इस टीम में पिछले रणजी ट्रॉफी सत्र में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ी शामिल हैं। पंत के लिए यह मुकाबला घरेलू क्रिकेट में अपनी लय बनाए रखने और रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी भूमिका जारी रखने का अवसर होगा।
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वनडे में केएल राहुल और ध्रुव जुरेल की मौजूदगी
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में केएल राहुल और ध्रुव जुरेल विकेटकीपिंग विकल्प हैं। राहुल को उपकप्तान भी बनाया गया है।
राहुल लंबे समय से भारत की वनडे टीम में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं। वहीं ध्रुव जुरेल को एक विकल्प के तौर पर टीम में जगह मिली है। पंत की गैरमौजूदगी में इन खिलाड़ियों को मिलने वाले अवसर 2027 विश्व कप की तैयारियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हालांकि, मौजूदा टीम चयन से यह निष्कर्ष निकालना कि जुरेल स्थायी रूप से पंत से आगे निकल गए हैं, अभी जल्दबाजी होगी। चयन के पीछे खिलाड़ियों की उपलब्धता, टीम संयोजन और भविष्य की योजनाएं जैसे कई कारक हो सकते हैं।
2027 विश्व कप की तैयारी ने बढ़ाई अहमियत
भारत अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप की तैयारी के चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने केवल वर्तमान सीरीज के लिए टीम बनाना ही नहीं, बल्कि आने वाले महीनों में संभावित खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके देना भी चुनौती है।
ICC के मुताबिक वेस्टइंडीज के खिलाफ यह वनडे सीरीज भारत की 2027 विश्व कप की तैयारी के क्रम का हिस्सा है, जहां शुभमन गिल टीम की अगुआई करेंगे।
इसी कारण विकेटकीपर की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। भारत को आने वाले समय में यह तय करना होगा कि 50 ओवर के प्रारूप में प्राथमिक विकेटकीपर कौन होगा और बैकअप विकल्प किसे बनाया जाएगा।
पंत के सामने अब क्या रास्ता बचता है?
पंत की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उनके लिए वनडे में वापसी का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं माना जा सकता। उनकी उम्र अभी 28 वर्ष है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका अनुभव काफी है। उनके वनडे आंकड़ों में 106 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट और 125 रन की सर्वश्रेष्ठ पारी उनकी बल्लेबाजी क्षमता को दिखाती है।
लेकिन वापसी के लिए उन्हें घरेलू और अन्य उपलब्ध क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करना होगा। साथ ही चयनकर्ताओं के टीम संयोजन और विकेटकीपिंग विकल्पों पर निर्भर करेगा कि उन्हें अगला मौका कब मिलता है।
ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी उनके लिए एक अलग तरह का अवसर है। यह रेड-बॉल क्रिकेट में उनकी मौजूदा भूमिका को मजबूत करने का मौका होगा, हालांकि इसका वनडे चयन पर सीधा प्रभाव होगा या नहीं, यह चयन समिति के फैसले पर निर्भर करेगा।
सिर्फ पंत ही नहीं, कई खिलाड़ियों पर नजर
आकाश चोपड़ा ने ऋषभ पंत के अलावा भारत की वनडे टीम में रिजर्व खिलाड़ियों के विकल्पों को लेकर भी अपनी राय रखी है। उन्होंने 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए यशस्वी जायसवाल और रुतुराज गायकवाड़ के बीच संभावित प्रतिस्पर्धा का जिक्र किया। दोनों खिलाड़ियों को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
चोपड़ा के मुताबिक, 2027 विश्व कप के लिए टीम के रिजर्व खिलाड़ियों की चर्चा में जायसवाल और गायकवाड़ के नाम महत्वपूर्ण हो सकते हैं। उन्होंने दोनों बल्लेबाजों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भी उन्हें भारतीय टीम की ओर से खेलने के मौके मिले हैं, उन्होंने रन बनाने की क्षमता दिखाई है। ऐसे में आने वाले समय में दोनों के प्रदर्शन पर नजर रहेगी।
इसके अलावा उन्होंने युवा तेज गेंदबाज औकिब नबी का भी नाम लिया। नबी को वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है। चोपड़ा के अनुसार, नबी भी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जो आने वाले समय में अपने प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह बनाने की कोशिश कर सकते हैं। उनके लिए यह सीरीज खुद को साबित करने का अहम मौका हो सकती है।
पंत का T20I भविष्य भी अलग दिशा में
वनडे के साथ पंत को आगामी वेस्टइंडीज T20I टीम में भी जगह नहीं मिली है। भारत की पांच मैचों की T20I सीरीज 6 अक्टूबर से लखनऊ में शुरू होगी। इस टीम में ईशान किशन और संजू सैमसन विकेटकीपिंग विकल्प हैं।
पंत ने भारत के लिए 76 T20I खेले हैं और 1,209 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 127.26 रहा है। हालांकि 2024 T20 विश्व कप के बाद से वह भारत की T20I योजनाओं में भी नियमित नहीं रहे हैं।
इस तरह फिलहाल उनका अंतरराष्ट्रीय करियर तीनों प्रारूपों में अलग-अलग स्थिति दिखा रहा है। टेस्ट में वह महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं, जबकि सीमित ओवरों में चयन की तस्वीर अलग है।


