दिवाली से पहले दिल्ली के व्यस्त चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा ढह गया। बाजार में खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ने के बीच हुए इस हादसे के बाद पुलिस और दमकल विभाग बचाव अभियान चला रहे हैं।
नई दिल्ली: दिल्ली के चांदनी चौक स्थित चावड़ी बाजार में गुरुवार, 5 नवंबर सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आशंका जताई जा रही है कि इमारत के टूटे हिस्सों के नीचे कई लोग फंसे हो सकते हैं।
यह घटना चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के सामने हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को निर्माणाधीन इमारत गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस अधिकारी डीके राय के अनुसार, चावड़ी बाजार में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढही है। आशंका है कि इसके अंदर कुछ लोग फंसे हो सकते हैं। फिलहाल बचाव दल मलबे में किसी के मौजूद होने की संभावना को देखते हुए कार्रवाई कर रहे हैं।
चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के सामने हुआ हादसा
चावड़ी बाजार पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र का प्रमुख बाजार है। गुरुवार सुबह यहां एक निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा गिरने की सूचना सामने आई। शुरुआती रिपोर्टों में इसे तीन मंजिला इमारत बताया गया है। हादसा मेट्रो स्टेशन के सामने होने की बात कही जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों का ध्यान घटनास्थल की ओर गया और पुलिस तथा दमकल विभाग की टीमें वहां पहुंचीं। दमकल विभाग ने घटनास्थल पर छह गाड़ियां भेजीं।
शुरुआती रिपोर्टों में इमारत का एक हिस्सा गिरने की बात कही गई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि पूरी इमारत ढही है या उसका कुछ भाग ही गिरा है।
कई लोगों के फंसे होने की आशंका
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। पुलिस अधिकारी डीके राय ने बताया कि इमारत के मलबे में कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। इसी को देखते हुए घटनास्थल पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, हादसे के वक्त इमारत के भीतर कितने लोग मौजूद थे, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।
प्रशासन और बचाव दल का प्राथमिक उद्देश्य मलबे में किसी व्यक्ति के मौजूद होने का पता लगाना और जरूरत पड़ने पर उसे सुरक्षित बाहर निकालना है। राहत अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे में प्रभावित लोगों की संख्या और नुकसान का सही आकलन हो सकेगा।
दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर
इमारत गिरने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग ने छह गाड़ियां घटनास्थल पर भेजीं। पुलिस और दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। पुरानी दिल्ली के व्यस्त बाजार में हुए इस हादसे के कारण घटनास्थल पर आपात स्थिति बन गई। अधिकारियों की मौजूदगी में मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों के राहत-बचाव कार्य में जुटे होने की पुष्टि की गई है। हालांकि, अभी तक किसी व्यक्ति को मलबे से निकाले जाने, अस्पताल पहुंचाए जाने या उसकी स्थिति को लेकर कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
बचाव अभियान के दौरान यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि इमारत के अंदर कोई मजदूर, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं। निर्माणाधीन इमारत होने के कारण वहां काम करने वाले लोगों की मौजूदगी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार और MCD पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने चावड़ी बाजार में तीन मंजिला इमारत ढहने की घटना के बाद दिल्ली सरकार और नगर निगम (MCD) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा को लेकर रेखा गुप्ता सरकार और MCD की ओर से कई बार ऑडिट कराए गए हैं, इसके बावजूद इमारतें लगातार गिर रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि सुरक्षा जांच के आदेश दिए जाने के बाद भी ऐसे हादसे क्यों हो रहे हैं।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सुरक्षा ऑडिट के नाम पर वास्तविक कार्रवाई करने के बजाय कई विभागों के अधिकारी इमारतों से कथित तौर पर बार-बार रिश्वत वसूल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले दिल्ली पुलिस और MCD पर रिश्वत लेने के आरोप लगते थे, लेकिन रेखा गुप्ता सरकार के बाद दमकल विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर भी ऐसे आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिश्वत देने से इनकार करने वाली इमारतों को MCD सील कर देती है, जबकि अन्य इमारतों को खुला छोड़ दिया जाता है।
ये भी पढ़ें :- IITF 2026: दिल्ली के ट्रेड फेयर में इस बार महंगी होगी एंट्री, जानें टिकट के नए रेट, तारीखें और मेले से जुड़ी खास बातें
दिवाली से पहले बाजार में हादसा
यह हादसा ऐसे समय हुआ है, जब दिवाली से पहले दिल्ली के बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ रही है। चांदनी चौक और आसपास के बाजारों में त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। चावड़ी बाजार भी पुरानी दिल्ली के व्यस्त व्यापारिक क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा गिरने की घटना ने स्थानीय कारोबारियों और लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
हादसे के बाद निर्माण स्थल को बंद कर दिया गया है। हालांकि, बाजार में उस समय कितनी भीड़ थी और हादसे से आसपास की दुकानों या अन्य इमारतों को कितना नुकसान पहुंचा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए। मलबे के पास लोगों की भीड़ जमा होने से राहत कार्य प्रभावित हो सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों को घटनास्थल से दूर रखने तथा बचाव दल को पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने की जरूरत होती है।
इमारत गिरने की वजह अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा किस वजह से गिरा। शुरुआती रिपोर्टों में हादसे के कारण को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इमारत में किस तरह का निर्माण कार्य चल रहा था और क्या वहां किसी प्रकार की तोड़फोड़ या मरम्मत की जा रही थी।
निर्माणाधीन इमारतों में हादसे के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं, जैसे निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन न होना, ढांचे की कमजोरी, निर्माण सामग्री में कमी या आसपास चल रहा काम। लेकिन चावड़ी बाजार की इस घटना में इनमें से किसी भी वजह की पुष्टि नहीं हुई है।
हादसे के बाद यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि इमारत का निर्माण स्वीकृत नक्शे और संबंधित नियमों के अनुसार किया जा रहा था या नहीं। भवन निर्माण से जुड़े दस्तावेजों, सुरक्षा मानकों और निर्माण की स्थिति की जांच के बाद ही इस बारे में कोई निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
पहले भी हो चुकी हैं राजधानी में ऐसी घटनाएं
चावड़ी बाजार की घटना ने दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। राजधानी में इससे पहले भी बहुमंजिला इमारतों के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुआ हादसा भी शामिल है।
6 सितंबर 2026 को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढह गई थी। इस इमारत में पेइंग गेस्ट (PG) आवास संचालित था। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। उस समय मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों ने बचाव अभियान चलाया था। इस घटना के बाद भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और निर्माण कार्य के दौरान नियमों के पालन को लेकर सवाल उठे थे।
बचाव अभियान के बाद सामने आएगी हादसे की पूरी तस्वीर
चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा गिरने के बाद फिलहाल प्रशासन का ध्यान मलबे में फंसे संभावित लोगों की तलाश पर है। पुलिस अधिकारी डीके राय के अनुसार, इमारत के अंदर किसी के फंसे होने की आशंका को देखते हुए राहत-बचाव अभियान चलाया जा रहा है। दमकल विभाग की छह गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं।
अभी तक मृतकों या घायलों की संख्या, इमारत में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या और हादसे के कारण को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटनास्थल से मिलने वाली जानकारी और अधिकारियों के बयान के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही यह पता चलेगा कि हादसे में कितना नुकसान हुआ और निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा किन परिस्थितियों में ढहा।



