Wednesday, 02 September 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘आचारशाला’ का आयोजन, युवा, लोकतंत्र और भारत के भविष्य पर हुई चर्चा Ram Mandir CEO: रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO! ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निभा चुके हैं अहम भूमिका डिजिटल एसेट इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय बैंक को नई जिम्मेदारी देगा ब्रिटेन UP Election 2027: ओवैसी को बड़ा झटका, AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिम वकार कांग्रेस में शामिल 63 की उम्र में भी यूट्यूब पर पढ़ा रहीं विज्ञान, 12 किताबों की लेखिका; अब राष्ट्रपति से सम्मानित होंगी डॉ. रेनू त्रिपाठी जगदीप धनखड़ को एक साल बाद भी नहीं मिला सरकारी बंगला, निजी आवास में रहने को मजबूर पूर्व उपराष्ट्रपति फिर भड़का अमेरिका-ईरान संघर्ष, ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद खाड़ी में पलटवार! होर्मुज संकट ने बढ़ाई दुनिया की चिंता पाकिस्तान क्रिकेट की हालत खस्ता! LinkedIn पर निकाली फील्डिंग कोच के लिए वैकेंसी दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘आचारशाला’ का आयोजन, युवा, लोकतंत्र और भारत के भविष्य पर हुई चर्चा Ram Mandir CEO: रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO! ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निभा चुके हैं अहम भूमिका डिजिटल एसेट इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय बैंक को नई जिम्मेदारी देगा ब्रिटेन UP Election 2027: ओवैसी को बड़ा झटका, AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिम वकार कांग्रेस में शामिल 63 की उम्र में भी यूट्यूब पर पढ़ा रहीं विज्ञान, 12 किताबों की लेखिका; अब राष्ट्रपति से सम्मानित होंगी डॉ. रेनू त्रिपाठी जगदीप धनखड़ को एक साल बाद भी नहीं मिला सरकारी बंगला, निजी आवास में रहने को मजबूर पूर्व उपराष्ट्रपति फिर भड़का अमेरिका-ईरान संघर्ष, ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद खाड़ी में पलटवार! होर्मुज संकट ने बढ़ाई दुनिया की चिंता पाकिस्तान क्रिकेट की हालत खस्ता! LinkedIn पर निकाली फील्डिंग कोच के लिए वैकेंसी

दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘आचारशाला’ का आयोजन, युवा, लोकतंत्र और भारत के भविष्य पर हुई चर्चा

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय की ओर से कला संकाय स्थित टैगोर ऑडिटोरियम में बुधवार को ‘आचारशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘युवा, लोकतंत्र और भारत का भविष्य’ रहा। इस आयोजन में करीब 140 विद्यार्थियों और 20 शिक्षकों ने भाग लिया तथा लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और युवाओं की भूमिका पर सार्थक विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में निदेशक एवं आई.एफ.एस. अधिकारी श्री नितिन प्रमोद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के प्रमुख प्रो. भारतेंदु पांडेय विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी ने की।

अपने मुख्य संबोधन में श्री नितिन प्रमोद ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने में स्वतंत्र प्रेस और जागरूक नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विकसित भारत की दिशा में देश की यात्रा का उल्लेख करते हुए सुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत बुनियादी ढांचे और नागरिक सहभागिता को राष्ट्रीय विकास के प्रमुख आधार बताया।

उन्होंने युवाओं से अपने दैनिक जीवन में भ्रष्टाचार के विभिन्न रूपों को पहचानने और उनके खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों को भौगोलिक और भू-राजनीतिक विषयों की बेहतर समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

श्री नितिन प्रमोद ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाने का लक्ष्य आज की पीढ़ी की सोच और कार्यों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और अपने विचारों को देशहित में सार्थक कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाने की अपील की।

प्रो. भारतेंदु पांडेय ने भारत की समृद्ध शास्त्रीय और बौद्धिक परंपराओं को आधुनिक लोकतांत्रिक नागरिकता की जिम्मेदारियों से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को आत्म-विकास, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय की ‘आचारशाला’ विद्यार्थियों के लिए लोकतंत्र, नागरिक जिम्मेदारियों और भारत के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेषज्ञों और शिक्षाविदों से सीधे संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बनी।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।