जापान ओपन 2026 में पीवी सिंधु पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचीं। नोजोमी ओकुहारा के वॉकओवर के बाद अब उनकी टक्कर चिर प्रतिद्वंद्वी चेन युफेई से होगी। जानिए पूरी कहानी।
टोक्यो, जापान: भारतीय बैडमिंटन स्टार और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने जापान ओपन 2026 में इतिहास रच दिया है। शुक्रवार (17 जुलाई) को जापान की पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा के क्वार्टरफाइनल मुकाबले से हटने (वॉकओवर) के बाद सिंधु ने पहली बार जापान ओपन सुपर 750 के महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली।
इसके साथ ही वह करीब 15 वर्षों में जापान ओपन के महिला एकल सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
यह उपलब्धि सिंधु के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में वह लगातार बड़े टूर्नामेंटों में शुरुआती दौर में बाहर हो रही थीं। जापान ओपन में उनका यह प्रदर्शन न केवल आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है, बल्कि आगामी विश्व चैंपियनशिप से पहले भारतीय बैडमिंटन के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
कैसे मिली सेमीफाइनल की टिकट?
शुक्रवार को टोक्यो में सिंधु का क्वार्टरफाइनल मुकाबला जापान की अनुभवी खिलाड़ी और 2017 विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से होना था। दोनों खिलाड़ियों के बीच एक रोमांचक मुकाबले की उम्मीद थी, क्योंकि दोनों के बीच पहले भी कई यादगार मैच खेले गए हैं।
हालांकि मैच शुरू होने से पहले ही ओकुहारा ने शारीरिक परेशानी के कारण अपना नाम वापस ले लिया। उनके हटने के बाद सिंधु को वॉकओवर मिला और वह बिना मैच खेले सेमीफाइनल में पहुंच गईं।
ओकुहारा के हटने से भारतीय प्रशंसकों को खुशी जरूर मिली, लेकिन यह भी माना गया कि दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के बीच होने वाला मुकाबला देखने का मौका दर्शकों से छिन गया।
क्वार्टरफाइनल तक का सफर
सेमीफाइनल में पहुंचने से पहले सिंधु ने शानदार लय दिखाई थी। प्री-क्वार्टरफाइनल में उन्होंने चीन की विश्व नंबर-5 हान यूए को सीधे गेमों में 21-16, 21-14 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। यह मुकाबला केवल 35 मिनट तक चला और सिंधु पूरे मैच में आक्रामक नजर आईं।
हान यूए पर जीत ने यह संकेत दिया कि सिंधु एक बार फिर अपनी पुरानी लय हासिल कर रही हैं। यही कारण था कि ओकुहारा के खिलाफ होने वाले मुकाबले को भी टूर्नामेंट का सबसे बड़ा क्वार्टरफाइनल माना जा रहा था।
15 साल बाद भारत के लिए बड़ी उपलब्धि
Japan Open विश्व बैडमिंटन कैलेंडर के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में गिना जाता है। इस बार सिंधु का सेमीफाइनल में पहुंचना भारतीय महिला बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
आंकड़ों की माने तो 15 वर्षों में पहली बार कोई भारतीय महिला एकल खिलाड़ी सुपर 750 स्पर्धा के अंतिम चार तक पहुंची है। इससे पहले साल 2011 में साइना नेहवाल सुपर 750 स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली आखिरी भारतीय महिला बनी थीं।
2026 में सिंधु का तीसरा सेमीफाइनल
जापान ओपन का यह सेमीफाइनल इस सीजन में सिंधु का तीसरा सेमीफाइनल है। इससे पहले वह मलेशिया ओपन सुपर 1000 और ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 के अंतिम चार में भी जगह बना चुकी हैं।
इसके अलावा यह 2023 डेनमार्क ओपन के बाद किसी सुपर 750 प्रतियोगिता में उनका पहला सेमीफाइनल भी है। लगातार बड़े टूर्नामेंटों में अंतिम चरणों तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि सिंधु धीरे-धीरे अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म की ओर लौट रही हैं।
सेमीफाइनल में चेन युफेई से होगा मुकाबला
Japan Open 2026 के सेमीफाइनल में पीवी सिंधु का सामना अब चीन की चेन युफेई से होगा। टोक्यो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता और मौजूदा विश्व की शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल चेन इस समय शानदार फॉर्म में हैं।
जापान ओपन में उन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अंतिम चार में जगह बनाई है। ऐसे में सिंधु के सामने फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक कुल 14 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें चेन युफेई ने 8 जबकि पीवी सिंधु ने 6 मैच जीते हैं। हालांकि यह रिकॉर्ड बताता है कि दोनों के बीच मुकाबले हमेशा कांटे के रहे हैं।

सिंधु ने आखिरी बार चेन को 2019 विश्व चैंपियनशिप में हराया था, जहां उन्होंने विश्व खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इसके बाद दोनों की भिड़ंत में चीन की खिलाड़ी का पलड़ा भारी रहा है।
सिंधु के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?
Japan Open का सेमीफाइनल सिर्फ एक और नॉकआउट मुकाबला नहीं है, बल्कि यह पीवी सिंधु के करियर में वापसी का बड़ा संकेत भी माना जा रहा है। पिछले दो वर्षों में चोट, फिटनेस और अस्थिर प्रदर्शन के कारण वह कई बड़े टूर्नामेंटों में शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई थीं।
ऐसे में जापान ओपन सुपर 750 जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अंतिम चार तक पहुंचना उनके आत्मविश्वास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
यह 2023 डेनमार्क ओपन के बाद किसी सुपर 750 प्रतियोगिता में उनका पहला सेमीफाइनल है। इसके अलावा यह 2026 सीजन का तीसरा सेमीफाइनल भी है, जिससे साफ है कि सिंधु एक बार फिर लगातार बड़े टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
जापान ओपन का महत्व
जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन विश्व महासंघ (BWF) के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में गिना जाता है। दुनिया के लगभग सभी शीर्ष खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेते हैं और यहां अच्छा प्रदर्शन करने पर खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण रैंकिंग अंक भी मिलते हैं।
इस वर्ष प्रतियोगिता टोक्यो में आयोजित की जा रही है और इसे आगामी BWF विश्व चैंपियनशिप की तैयारियों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। ऐसे में सिंधु का सेमीफाइनल तक पहुंचना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि विश्व चैंपियनशिप से पहले उनकी तैयारियों का सकारात्मक संकेत भी है।
सिंधु पर टिकीं भारत की उम्मीदें
Japan Open के शुरुआती दौर में भारत को कई निराशाएं झेलनी पड़ीं। पुरुष एकल में लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और महिला वर्ग में उन्नति हुड्डा जैसे खिलाड़ी जल्दी बाहर हो गए। वहीं पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी भी चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गई। ऐसे में पीवी सिंधु भारत की एकमात्र खिलाड़ी हैं जो अभी भी खिताब की दौड़ में बनी हुई हैं।
क्या खत्म होगा खिताब का इंतजार?
पीवी सिंधु ने अपने करियर में ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों सहित कई बड़े मंचों पर भारत का नाम रोशन किया है। लेकिन पिछले कुछ समय से वह किसी बड़े BWF World Tour खिताब से दूर रही हैं।
जापान ओपन 2026 उनके लिए इस इंतजार को खत्म करने का सुनहरा अवसर बनकर सामने आया है। हालांकि इसके लिए उन्हें पहले सेमीफाइनल में चेन युफेई जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराना होगा। यदि सिंधु यह चुनौती पार कर लेती हैं, तो वह लंबे समय बाद किसी सुपर 750 टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचेंगी।
करोड़ों भारतीय प्रशंसकों की नजरें अब इस बहुप्रतीक्षित सेमीफाइनल पर टिकी हैं, जहां सिंधु एक बार फिर देश को गौरवान्वित करने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगी।
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