पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें लगातार आम जनता की जेब ढीली कर रही है। सोमवार (25 मई) को इंधनों के नए बढ़े दामों ने एक बार फिर जनता को झटका दिया है। कई राज्यों में डीजल का कीमतें 100 के पार जा चुकी हैं।
पेट्रोल-डीजल की मार से आम जन लगातार परेशान हैं। सोमवार (25 मई) को इस मार में इजाफा करते हुए सरकार ने पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है, जब पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में उछाल आया है। कीमतों में आई बढ़ोत्तरी के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वही डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिकेगी।
कई प्रमुख शहरों में पेट्रोल के बढ़े दाम
बात करें देश के कुछ प्रमुख शहरों की तो उनमें पेट्रोल की मार का असर साफ तौर पर देखा जा सकता है। पेट्रोल की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी के बाद कोलकाता में 113.51 रुपये, भूवनेश्वर में 108.8 रुपये, जयपुर में 113.4 रुपये, पटना में 113.5 रुपये, मुंबई में 111.21 रुपये, नोएडा में 101.9 रुपये, बेंगलुरु में 110.6 रुपये, लखनऊ में 101.9 रुपये और चंडीगढ़ में 101.5 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
डीजल भी 100 के पार
सोमवार को जारी की गई नई कीमतों के बाद देश के कुछ प्रमुख शहरों में डीजल ने भी अपना शतक पूरा कर लिया है। हैदराबाद और भुवनेश्वर में डीजल की कीमत 103.8 और 100.6 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं कोलकाता में 99.8 रुपये, जयपुर में 98.4 रुपये, नोएडा में 95.4 रुपये, चेन्नई में 99.6 रुपये, मुंबई में 97.8 रुपये, पटना में 99.5 रुपये और गुड़गांव में 95.4 रुपये प्रति लीटर कीमत पहुंच चुकी है।
पिछले शनिवार बढ़े थे दाम
पेट्रोल और डीजल के दामों में पिछले शनिवार भी इजाफा देखा गया था। तब पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे की बढोत्तरी दर्ज की गई थी। इसके अलावा पिछले शनिवार को दिल्ली में CNG की कीमतों में भी 1 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई थी।
क्यों लगातार बढ़ रहे हैं दाम
भारत में लगातार इंधन की कीमतों में हो रही बढ़ोत्तरी का सबसे प्रमुख कारण खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध संकट को माना जा रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार चल रहे युद्ध और विवाद के कारण ईरान ने हार्मुज को अपने नियंत्रण में ले लिया है। इससे विश्व स्तर पर तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है जिसमें भारत के सामने भी इन कीमतों को नियंत्रित पर पाने की चुनौतियां आ रही हैं।
एक अनुमान के अनुसार, भारत की तीनों तेल और गैस कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) को हर दिन करीब 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा था। जिसके बाद सरकार ने कीमतें बढ़ाने का फैसला किया।
