केरल: केरल में सोमवार (18 मई) को नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री की शपथ के बाद 20 अन्य विधायकों ने भी मंत्रीमंडल से जुड़े अहम पदों की शपथ ली। इनमें से कांग्रेस के साथी पार्टी IUML के भी पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
सोमवार (18 मई) को वीडी सतीशन के मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ ही केरल में दस साल बाद यूडीएफ की औपचारिक तौर वापसी हो गई है। मुख्यमंत्री के शपथ के बाद मंत्रीमंडल का भी गठन हुआ, जहां केरल के 20 अन्य विधायकों ने भी आला कमान द्वारा निर्धारित पदों की शपथ लेकर कार्यभार संभाला। इसमें कांग्रेस के 12, IUML के 5 और अन्य सहयोगी गठबंधन दलों के 1-1 विधायक शामिल किए गए।
इस कार्यक्रम का भव्य आयोजन केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में हजारों समर्थक के बीच हुआ। कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी से जुड़े कई अहम चेहरों में राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी समेत महासचिव केसी वेणुगोपाल भी शामिल रहे।
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शपथ के फौरन बाद काम शुरु
शपथ ग्रहण समारोह के फौरन बाद वीडी सतीशन और विधायक से मंत्री बने सभी नेताओं का काफिला लोक भवन पहुंचा। लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल आर वी अर्लेकर ने सभी के लिए चाय का आयोजन किया। इसके ठीक बाद CM सतीशन ने मंत्रीमंडल की पहली बैठक की। बैठक में केरल के उज्ज्वल भविष्य के लिए कई बड़ी योजनाओं और नीतियों को भी पारित किया गया।
पहली बैठक के कुछ अहम फैसले
1) महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा
प्रेस कान्फ्रेंस में सीएम सतीशन ने महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा को घोषणा की। उन्होंने कहा कि 15 जून से हमारी सरकार KSRTC (केरल राज्य सड़क परिवहन निगम) के तहत महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सेवा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना की प्रेरणा जापान के सफल परिवहन मॉडल से ली गई है।
2) बुजुर्गों के लिए अलग मंत्रालय
सीएम सतीशन ने राज्य के 18% बुजुर्गों के लिए एक अलग मंत्रालय की भी घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि, “केरल बुजुर्गों के लिए मंत्रालय बनाने वाला पहला राज्य बनेगा। किसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह समाज अपने बुजुर्गों का कितना सम्मान करता है”।
उन्होंने दावा किया कि केरल जल्द ही देश और दुनिया के सामने बुजुर्गों की देखभाल के विषय में एक उदाहरण पेश करेगा। आपको बता दें कि केरल को भारत का “वृद्धावस्था राज्य” भी माना जाता है।
3) आशा कार्यकर्ताओं के लिए 3 हजार रुपये की मासिक सहायता कि घोषणा
4) आंगनवाड़ी कर्मचारियों और सहायकों के वेतन में 1 हजार की वृद्धि की घोषणा
5) स्कूल में पूर्व-प्राथमिक शिक्षकों (Pre-Primary Teacher), रसोइयों एवं नौकरानियों के वेतन में भी 1 हजार रुपये की वृद्धि का आश्वासन
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