
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली की सबसे सुरक्षित इमारतों में गिनी जाने वाली दिल्ली विधानसभा में सोमवार दोपहर सुरक्षा में चौंकाने वाली चूक सामने आई। दोपहर करीब 2 बजे एक नकाबपोश शख्स अपनी एसयूवी कार से वीवीआईपी गेट नंबर-2 की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए परिसर में घुस गया। हैरानी की बात यह रही कि वह करीब 5 से 6 मिनट तक अंदर रहा, लेकिन सुरक्षाकर्मी उसे रोक नहीं सके। आरोपी सीधे स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की कार तक पहुंचा और उस पर गुलदस्ता व माला रखकर उसी रास्ते से फरार हो गया। बाद में जांच में किसी तरह की विस्फोटक सामग्री नहीं मिलने की बात सामने आई है।
सुरक्षा घेरा टूटा, फिर भी नहीं हुई तुरंत कार्रवाई
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही कार ने बैरिकेड्स तोड़े, वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी अलर्ट हुए और आरोपी को रोकने की कोशिश की। कुछ सुरक्षाकर्मियों ने चिल्लाकर “गोली मारो” तक कहा, लेकिन इसके बावजूद आरोपी आसानी से परिसर से निकलने में कामयाब रहा। बताया जा रहा है कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा था। ऐसे में वीवीआईपी गेट पर सुरक्षा सामान्य दिनों की तुलना में कम थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपी अंदर घुस आया।
पीलीभीत का रहने वाला आरोपी, मानसिक रूप से अस्वस्थ होने का दावा
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो घंटे की तलाश के बाद आरोपी को रूप नगर इलाके में दो अन्य लोगों के साथ पकड़ लिया। उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर निवासी सरबजीत सिंह के रूप में हुई है। पूरनपुर कोतवाली के थाना प्रभारी पवन कुमार पांडेय के मुताबिक, आरोपी के परिजनों ने दावा किया है कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसका इलाज चल रहा है। हालांकि, पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।
घटना ने उठाए कई बड़े सवाल
इस घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद बैरिकेडिंग कैसे तोड़ी गई?
- क्या मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी पर्याप्त सतर्क नहीं थे?
- बैरिकेड टूटने के बाद भी तत्काल एक्शन क्यों नहीं लिया गया?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कोई व्यक्ति इतनी आसानी से स्पीकर की गाड़ी तक पहुंच सकता है, तो किसी बड़ी साजिश को अंजाम देना भी मुश्किल नहीं होता। दिल्ली विधानसभा जैसी हाई-सिक्योरिटी जगह में इस तरह की घटना ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन यह घटना साफ संकेत देती है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा और सख्ती बेहद जरूरी है।
