Monday, 03 August 2026
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Ekadashi kab hai: मार्च 2026 में मिलेगा आध्यात्मिक अवसर, जानें एकादशी की तिथि और महत्व

चैत्र मास की प्रमुख एकादशियां: पापमोचनी एकादशी 15 मार्च को पाप नाश के लिए और कामदा एकादशी 29 मार्च को मनोकामना पूर्ति हेतु। व्रत मुहूर्त, कथा व महत्व विस्तार से।

नई दिल्ली: मार्च 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। चैत्र मास की शुरुआत के साथ इस महीने दो महत्वपूर्ण एकादशियां पड़ रही हैं—पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) और कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi)। मान्यता है कि पापमोचनी एकादशी के व्रत से मनुष्य अपने पापों से मुक्ति पा सकता है, वहीं कामदा एकादशी हर प्रकार की मनोकामना पूरी करने वाली मानी जाती है।

दिल्ली-एनसीआर सहित देशभर में श्रद्धालु इन दोनों एकादशियों को लेकर तैयारियां कर रहे हैं। खास बात यह है कि ये दोनों एकादशियां होली, चैत्र नवरात्रि और राम नवमी जैसे प्रमुख पर्वों के बीच आ रही हैं, जिससे इनका महत्व और भी बढ़ गया है।

पापमोचनी एकादशी: तिथि और मुहूर्त

पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) इस वर्ष 15 मार्च 2026, रविवार को पड़ रही है। पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 14 मार्च की सुबह 8:10 बजे से शुरू होकर 15 मार्च की सुबह 9:16 बजे तक रहेगी। व्रत रखने वाले श्रद्धालु द्वादशी के दिन 16 मार्च की सुबह 6:30 बजे से 8:54 बजे के बीच पारण कर सकते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और व्रत रखने से मनुष्य को अनजाने में किए गए पापों से भी मुक्ति मिलती है।

कैसे रखें पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) का व्रत

एकादशी का व्रत आमतौर पर दशमी की रात संकल्प लेकर शुरू किया जाता है। व्रत रखने वाले लोग दिन भर फलाहार करते हैं, जिसमें दूध, फल, मेवा, आलू या शकरकंद का सेवन किया जाता है। इस दिन अनाज, चावल और दाल का सेवन वर्जित माना जाता है।

सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। पूजा में तुलसी दल, फूल, धूप और दीप अर्पित किए जाते हैं। श्रद्धालु “ॐ नमो नारायणाय” या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप भी करते हैं।

धार्मिक ग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार एक ऋषि ने नारद मुनि की सलाह पर पापमोचनी एकादशी का व्रत किया था, जिससे उन्हें अपने पापों से मुक्ति मिली थी। इसी कारण यह व्रत पापों का नाश करने वाला माना जाता है।

कामदा एकादशी: तिथि और मुहूर्त

मार्च महीने की दूसरी महत्वपूर्ण एकादशी कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi) है, जो 29 मार्च 2026, रविवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 28 मार्च की सुबह 8:45 बजे से शुरू होकर 29 मार्च की सुबह 7:46 बजे तक रहेगी। व्रत का पारण 30 मार्च को सुबह 6:14 बजे से 7:09 बजे के बीच किया जा सकेगा।

कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi) को विशेष रूप से मनोकामना पूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने से व्यक्ति की इच्छाएं पूर्ण होती हैं।

व्रत का महत्व और कथा

कामदा एकादशी से जुड़ी कथा के अनुसार एक गंधर्व को श्राप के कारण पिशाच योनि में जन्म लेना पड़ा। उसकी पत्नी ने भगवान विष्णु की भक्ति के साथ कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi) का व्रत रखा, जिससे भगवान प्रसन्न हुए और उस गंधर्व को श्राप से मुक्ति मिली। इसी वजह से यह व्रत विवाह, संतान, करियर या अन्य इच्छाओं की पूर्ति के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी बात

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जप और भक्ति का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु इस दिन मंदिर जाकर दर्शन भी करते हैं।

हालांकि स्वास्थ्य की दृष्टि से व्रत रखने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों या बच्चों को व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर माना जाता है।

मार्च 2026 में आने वाली ये दोनों एकादशियां श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक साधना और पूजा-अर्चना का विशेष अवसर मानी जा रही हैं।

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BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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