Sunday, 02 August 2026
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मेघालय की ताशखाई कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 10 मजदूरों की मौत

मेघालय के ताशखाई इलाके में कोयला खदान में विस्फोट हुआ, जिसमे 10 मजदूरों की मौत, कई घायल प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया

नई दिल्ली:मेघालय के ताशखाई इलाके से आज एक दुखद खबर आई है। यहां स्थित कोयला खदान में गुरुवार सुबह अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। इस हादसे में 10 मजदूरों की मौत हो गई और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल था और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।

विस्फोट की शुरुआती जानकारी

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार विस्फोट खदान के भीतर हुआ और यह इतना तेज था कि मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकलने का समय नहीं मिला। आसपास के लोग घटनास्थल पर दौड़कर मदद के लिए पहुंचे और बचाव दल को सूचना दी। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक यह खदान अवैध या कम सुरक्षा मानकों वाली हो सकती है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या खदान में आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

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मृतकों और घायलों की स्थिति

घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों में कई असम और मेघालय के निवासी मजदूर शामिल हैं। प्रशासन मृतकों की पहचान कर परिवारों को सूचना दे रहा है। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों और मेडिकल टीम ने उन्हें प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई और जरूरत पड़ने पर गंभीर मामलों में विशेष देखभाल भी की जा रही है।

राहत और बचाव अभियान

धमाके की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल तुरंत खदान पहुंच गए। उन्होंने आसपास के इलाके को सुरक्षित कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बचाव दल खदान के अंदर फंसे हुए अन्य मजदूरों को खोजने में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी कोशिश की जा रही है कि और कोई मजदूर खतरे में न रहे।

सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल

इस हादसे ने खनन सुरक्षा नियमों और अवैध खनन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्वोत्तर भारत में कई खदानें ऐसी हैं, जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। ताशखाई खदान विस्फोट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का पालन न होना मजदूरों के लिए कितने खतरनाक साबित हो सकता है।

राज्य सरकार ने कहा है कि हादसे की पूरी जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृतक मजदूरों के परिवारों को मुआवजा देने की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि उनके जीवन पर पड़े इस गंभीर असर को कुछ हद तक कम किया जा सके।

सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

घटना ने स्थानीय समुदाय और अधिकारियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। सामाजिक संगठन और प्रशासन लगातार प्रभावित परिवारों से संपर्क कर उनकी मदद कर रहे हैं। साथ ही, राज्य सरकार ने खदानों की सुरक्षा मानकों की समीक्षा और निगरानी को और कड़ा करने का आश्वासन दिया है।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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