Monday, 13 July 2026
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दिल्ली कूच पर किसानों का मार्च: नोएडा-दिल्ली सीमा पर भारी जाम, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भूमिहीन किसानों के बच्चों के लिए रोजगार और बढ़े हुए मुआवजे जैसी मांगों को लेकर हजारों किसान एक बार फिर बड़े आंदोलन का रास्ता अपना रहे हैं। नोएडा के महामाया फ्लाईओवर से किसान अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में आज दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं।

केंद्र और राज्य सरकारों से अपनी मांगों को लेकर असंतुष्ट हजारों किसान आज दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। किसानों के इस बड़े आंदोलन का असर नोएडा से दिल्ली आने वाले मार्गों पर देखा जा रहा है, जहां लंबा जाम लगा हुआ है। बीते एक हफ्ते से आंदोलनरत ये किसान अब अपनी आवाज संसद तक पहुंचाने के लिए दिल्ली की ओर ट्रैक्टर मार्च निकाल रहे हैं।

आंदोलन की पृष्ठभूमि
किसानों ने 27 नवंबर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर प्रदर्शन शुरू किया था, जहां उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया। इसके बाद 28 नवंबर से 1 दिसंबर तक उन्होंने यमुना प्राधिकरण पर भी अपना प्रदर्शन जारी रखा। किसानों की प्रमुख मांगों में भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजे में वृद्धि, सरकारी नीतियों में संशोधन और कृषि सुधार के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।

आंदोलन के तीसरे और अंतिम चरण में किसान आज दिल्ली कूच कर रहे हैं, जो संसद सत्र के दौरान अपनी बात रखने की कोशिश करेंगे। इसके लिए सुबह से ही प्रदर्शनकारी नोएडा के महामाया फ्लाईओवर पर इकट्ठा होने लगे। दोपहर 12 बजे के बाद किसानों का जत्था ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के साथ दिल्ली की ओर बढ़ना शुरू करेगा।

पुलिस और प्रशासन का रुख
किसानों के इस आंदोलन को देखते हुए दिल्ली और नोएडा पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दिल्ली की सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर चेकिंग बढ़ा दी है। किसानों को दिल्ली में प्रवेश से रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

यातायात पुलिस ने इस स्थिति को संभालने के लिए कई रूट डायवर्ट किए हैं। नोएडा से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को महामाया फ्लाईओवर, डीएनडी और कालिंदी कुंज मार्ग से बचने की सलाह दी गई है। इसके बावजूद कई स्थानों पर भारी जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम लोगों को खासी परेशानी हो रही है।

नोएडा दिल्ली
दिल्ली कूच पर किसानों का मार्च: नोएडा-दिल्ली सीमा पर भारी जाम, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

किसानों की मांगें और उनका पक्ष
आंदोलन में शामिल किसान संगठनों का कहना है कि उनकी मांगें कई महीनों से लंबित हैं और सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया और किसानों के हित में बनाई गई योजनाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल रहा है।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता ने कहा, “हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार के सामने रखना चाहते हैं। हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता।”

आम जनता पर असर
किसानों के इस आंदोलन का प्रभाव दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में रहने वाले आम लोगों पर भी पड़ रहा है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और स्कूल-कॉलेज के छात्र ट्रैफिक जाम के कारण परेशान हो रहे हैं।

यात्रियों ने शिकायत की कि डायवर्टेड रूट्स पर भी ट्रैफिक सुचारू नहीं है और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

आगे का रास्ता
प्रशासन और किसान संगठनों के बीच बातचीत की कोई संभावना अभी तक नजर नहीं आ रही है। प्रदर्शनकारी किसान अपनी बात रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और दिल्ली पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश कर रही है।

स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए प्रशासन ने निगरानी दल और अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए हैं। यह देखना बाकी है कि किसानों का यह आंदोलन क्या रंग लाएगा और सरकार उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाएगी।

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Aniket

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लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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