Thursday, 22 October 2026
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डॉ. के. ए. पॉल ने तेलुगू राज्यों के लिए न्याय और हैदराबाद में नई संसद की मांग की

संसद शीतकालीन सत्र को हैदराबाद स्थानांतरित करने की भी रखी मांग

नई दिल्ली, (न्यूज ऑफ द डे)

प्रजा शांति पार्टी के अध्यक्ष और ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के संस्थापक डॉ. के. ए. पॉल ने आज नई दिल्ली स्थित आंध्र भवन में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। तेलुगू भाषी परिवारों के बीच एकता और दक्षिण भारत के लिए समान प्रशासन की आवश्यकता पर जोर देते हुए डॉ. पॉल ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने, विशाखापत्तनम स्टील प्लांट की सुरक्षा और संसद शीतकालीन सत्र को हैदराबाद स्थानांतरित करने का मुद्दा उठाया। डॉ. पॉल ने तेलुगू समुदाय, राष्ट्रीय शासन और भारत की वैश्विक छवि से जुड़े गंभीर मुद्दों को भी उजागर किया।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों की कड़ी निंदा

डॉ. पॉल ने बांग्लादेश में हाल ही में हिंदुओं पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इस मुद्दे पर वैश्विक समुदाय की जिम्मेदारी का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से बांग्लादेश में बढ़ते तनावों को लेकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह करते हुए डॉ. पॉल ने कहा, “मैं विनम्रता से प्रधानमंत्री मोदी से बांग्लादेश का व्यक्तिगत दौरा करने या विदेश मंत्री को भेजने की अपील करता हूं ताकि हिंसा को रोका जा सके। यदि आवश्यक हो तो मैं शांति वार्ता के लिए जाने के लिए तैयार हूं।” उन्होंने समानता की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा, “चाहे बांग्लादेश में हिंदू हमलों का शिकार हों या अन्य देशों में मुस्लिम, हमें एकजुट होकर शांति की ओर बढ़ना होगा, एक दूसरे के विश्वास का सम्मान करना होगा और मानव गरिमा की रक्षा करनी होगी।”

संसद शीतकालीन सत्र हैदराबाद स्थानांतरित करने की मांग

डॉ. पॉल ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए शीतकालीन सत्र को हैदराबाद स्थानांतरित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा, “दिल्ली की वायु गुणवत्ता न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि भारत की वैश्विक छवि को भी नुकसान पहुंचा रही है।” हैदराबाद की भौगोलिक स्थिति और कनेक्टिविटी का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि यह शहर मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों से केवल 40-45 मिनट की दूरी पर है और दिल्ली से दो घंटे की दूरी पर है। डॉ. पॉल का कहना था कि इस कदम से सभी क्षेत्रों को लाभ होगा और दिल्ली के प्रदूषण संकट को भी हल किया जा सकेगा। दक्षिण भारतीयों के अधिकारों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “दक्षिण भारतीयों के लिए न्याय किसी भी हाल में मोलभाव योग्य नहीं है। अगर हमारी जरूरतों की अनदेखी की गई तो नेताओं को अधिक स्वायत्तता की मांग करनी पड़ेगी।”

तेलुगू राज्यों के लिए न्याय की मांग

डॉ. पॉल ने आंध्र प्रदेश और वहाँ की जनता को किए गए वादों को पूरा न करने के लिए सरकारों की आलोचना की। उन्होंने विशेष राज्य के दर्जे की मांग की अनदेखी करने पर जोर दिया, जिससे लाखों तेलुगू नागरिक असंतुष्ट हैं। उन्होंने विशाखापत्तनम स्टील प्लांट बेचने की भी आलोचना की और पवन कल्याण, चंद्रबाबू नायडू जैसे नेताओं पर राजनीतिक लाभ के लिए अपने पुराने वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। इसके अलावा डॉ. पॉल ने पवन कल्याण द्वारा 15 करोड़ तेलुगू लोगों की भलाई की अनदेखी करके बीजेपी के साथ गठबंधन कर व्यक्तिगत लाभों को प्राथमिकता देने की भी आलोचना की, जिसमें उनके परिवार के सदस्यों के लिए राजनीतिक पद भी शामिल हैं।

तेलुगू एकता और समानता के लिए दृष्टिकोण

डॉ. पॉल ने तेलुगू परिवारों के बीच एकता और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “तेलंगाना के लोगों ने अपने राज्य के लिए संघर्ष किया और मैं उनके साथ खड़ा रहा। हमें एक अलग देश के लिए संघर्ष करने के लिए मजबूर न किया जाए। अब समय आ गया है कि दक्षिण भारतीय समान सम्मान और प्रतिनिधित्व की मांग करें।” उन्होंने हैदराबाद में एक नए संसद भवन के निर्माण का भी प्रस्ताव दिया, क्योंकि यह स्थान भौगोलिक दृष्टि से केंद्रीय और सभी क्षेत्रों के लिए सुलभ है।

डॉ. के. ए. पॉल के बारे में

डॉ. के. ए. पॉल एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शांति दूत, ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के संस्थापक और प्रजा शांति पार्टी के अध्यक्ष हैं। न्याय, समानता और एकता के लिए उनके संघर्ष ने उन्हें तेलुगू राज्यों और देश के लिए एक प्रमुख आवाज बना दिया है। उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता ने लोगों द्वारा उन्हें मजबूत समर्थन दिया गया है।

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लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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