Monday, 13 July 2026
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अंतर-धार्मिक क्रिसमस उत्सव एक महान और महत्वपूर्ण पहल: न्यायमूर्ति सी.टी. रवि कुमार

चावारा सांस्कृतिक केंद्र ने क्रिसमस महोत्सव 2023 की मेजबानी की

शांति और सद्भाव के लिए प्रसिद्ध गणमान्य व्यक्ति और वैश्विक आस्था वाले नेता हुए एकजुट

महोत्सव ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विविधता में एकता का किया प्रदर्शन

नई दिल्ली।

अंतर-धार्मिक ‘क्रिसमस महोत्सव’ “क्रिस्तु महोत्सव-2023” एक महान और महत्वपूर्ण पहल है, जो न केवल जश्न मनाने या उपहारों के आदान-प्रदान के बारे में है, बल्कि शांति और सद्भाव के बारे में भी है, जिसका आदर्श वाक्य है “सभी को शामिल करें, किसी को न छोड़ें”। चावारा सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति रवि कुमार ने कहा कि यह त्योहार कहीं और स्वर्ग खोजने के बजाय पृथ्वी पर रहकर यहीं स्वर्ग खोजने पर जोर देता है। इस कार्यक्रम की थीम थी ‘विविधता का उत्सव – भारत का उत्सव’ और यह डायोसेसन कम्युनिटी सेंटर, अशोक प्लेस, गोल डाक खाना, दिल्ली में आयोजित किया गया।

इस उत्सव का उद्देश्य दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के दिव्यांग बच्चों के बीच खुशी फैलाना था। उत्सव को यूट्यूब पर भी लाइव-स्ट्रीम किया गया। न्यायमूर्ति सी.टी. रवि कुमार के कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद दिल्ली के आर्कबिशप अनिल कूटो, फरीदाबाद के आर्कबिशप कुरियाकोस भरानिकुलांगरा और शिक्षा और मीडिया के जनरल काउंसलर डॉ. फादर मार्टिन मल्लाथ सीएमआई, जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं, जिन्होंने दर्शकों को संबोधित किया। मुख्य पादरी जनरल सेंट जॉन क्राइसोस्टॉम डायोसीज गुड़गांव-दिल्ली आरईवी. फादर वर्गीस वल्लिककट सहित मुख्य समारोहकर्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए।

इस उत्सव में कला, साहित्य और संस्कृति के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें एपिस्कोपल चर्च, विभिन्न समुदायों और क्षेत्रीय लोगों को एक साथ लाया गया, जो एक भारतीय त्योहार मनाने के समान एकता में विविधता को दर्शाता है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर संसद सदस्य लोकसभा डॉ. लोरहो एस. फोज, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग उपाध्यक्ष श्री. केरसी कैखुशरू देबू, भारतीय सर्वधर्म संसद के राष्ट्रीय संयोजक गोस्वामी सुशीलजी महाराज शामिल हुए। ग्लोबल संत समाज कल्याण फाउंडेशन के संस्थापक चेयरमैन स्वामी चंद्रदेव जी, निजामुद्दीन औलिया दरगाह के ट्रस्टी सूफी अजमल निज़ामी, यहूदी समुदाय के दिल्ली प्रमुख रब्बी ईजेकील इसहाक मालेकर, आचार्य फ्रॉम चिट्स(Cihts)वाराणासी के आचार्य येशी फुंटसॉक ने भी इस अवसर पर शोभा बढ़ाई। इस मौके पर आचार्य सुशील मुनि मिशन के संस्थापक विवेक मुनिजी महाराज, गुरुद्वारा बंगला साहिब के प्रधान पुजारी सिंह साहिब ज्ञानी रंजीत सिंह जी, सार्वजनिक सूचना बहाई उपासना गृह दिल्ली की निदेशक कार्मेल त्रिपाठी, डीएसटी संयुक्त सचिव(प्रशासन) ए. धनलक्ष्मी, डायलॉग एंड इकोमेनिज्म कमीशन आर्क डायोसीज ऑफ दिल्ली के क्षेत्रीय सचिव आरईवी. डॉ. नॉर्बर्ट हरमन एसवीडी और केरला बीजेपी स्टेट वाइस प्रेटिडेंट एएन राधाकृष्णन भी उपस्थित रहे।

क्रिसमस के बारे में बोलते हुए आर्कबिशप अनिल कूटो ने कहा, “क्रिसमस शांति, खुशी, आशा और प्रेम का संदेश देता है। हम इस क्रिसमस को प्यार और एकता के संदेश के साथ मना रहे हैं, दिलों को जोड़ रहे हैं और इसे भारत के लिए एक त्योहार बना रहे हैं।”

डॉ. फादर कार्यक्रम के आयोजक, चावरा सांस्कृतिक केंद्र दिल्ली के निदेशक, रॉबी कन्ननचिरा सीएमआई ने कहा, “क्रिसमस यीशु के जन्म का स्मरणोत्सव है – प्रेम का राजकुमार जिसने सभी को शामिल किया और किसी को बाहर नहीं किया। ईसा मसीह के निस्वार्थ प्रेम की रोशनी इस दुनिया से नफरत और ईर्ष्या के अंधेरे को दूर कर देगी। दिव्यांग बच्चों के साथ क्रिसमस मनाने से घायल मानवता ठीक हो जाती है।”

अधिवक्ता डॉ. के.सी. जॉर्ज ने दिव्यांग बच्चों की प्रशंसा करते हुए क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि यह त्योहार उनके स्वास्थ्य और शिक्षा में योगदान देगा। उन्होंने इसे दिलों का त्योहार बताया, जिसका लक्ष्य देश में भाईचारा और सद्भावना फैलाना है।

चावारा सांस्कृतिक केंद्र के चेयरमैन डॉ. फादर मार्टिन मैलाथ सीएमआई ने उत्सव पर टिप्पणी करते हुए इसे समाज में शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए अंतर-धार्मिक संवाद, कला, साहित्य और सांस्कृतिक चर्चा की एक पहल बताया। उन्होंने इसकी तुलना शांति, खुशी और आशा के क्रिसमस संदेश से की और अनुमान लगाया कि यह त्योहार देश में लोगों के बीच एकता का सकारात्मक संदेश फैलाएगा।

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Aniket

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लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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