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संसद सुरक्षा उल्लंघन मामला: अदालत ने 11 मार्च तक बढ़ाई आरोपियों की न्यायिक हिरासत

नई दिल्ली।

पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में गिरफ्तार 6 आरोपियों की न्यायिक हिरासत को 11 मार्च तक बढ़ा दिया। मनोरंजन डी, सागर शर्मा, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत और नीलम आजाद को उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म होने पर अदालत में पेश किया था, जहां से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने उनकी न्यायिक हिरासत को 11 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया।

कोर्ट के सामने रो पड़ी नीलम आजाद

सुनवाई के दौरान आरोपी नीलम आजाद अदालत के सामने रो पड़ी। उन्होंने अदालत से कहा कि वह अपना वकील बदलना चाहती हैं। नीलम के साथ-साथ अन्य पांच आरोपियों ने भी अदालत को बताया कि वह निजी वकील भी नियुक्त करना चाहते हैं। बता दें कि पहले उन्हें कानूनी सहायता वकील मुहैया कराया गया था। पटियाला हाउस कोर्ट संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल पर हिरासत में यातना देने के गंभीर आरोप लगाने वाली आरोपियों की याचिका पर सुनवाई कर रही है। अदालत ने सभी 6 आरोपियों के मामले में एक नया निजी अधिवक्ता नियुक्त कर दिया है। इसके बाद आरोपी के वकील ने केस की फाइल का निरीक्षण करने और आवेदन पर बहस करने के लिए कोर्ट से वक्त मांगा है। अब इस मामले की सुनवाई 11 मार्च को होगी।

क्या है मामला

2001 पर संसद भवन पर हुए हमले की बरसी 13 दिसंबर पर सागर और मनोरंजन डी शून्यकाल के दौरान सार्वजनिक गैलरी से लोकसभा कक्ष में कूद गए। और कलर स्प्रे चलाते हुए नारे लगाए। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ जनप्रतिनिधि ने उन्हें दबोच लिया। उन्होंने मैसूर से दो बार के लोकसभा सांसद प्रताप सिम्हा द्वारा दिए गए विजिटर पास का इस्तेमाल करके संसद भवन में एंट्री ली थी।

स्पेशल सेल कर रही है जांच

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल इस मामले में जांच कर रही है। घटना के सिलसिले में 6 आरोपियों सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे, नीलम आजाद, ललित झा और महेश कुमावत पुलिस की गिरफ्त में हैं। उन पर भारतीय दंड संहिता और कड़े यूएपीए के तहत आरोप लगाए गए हैं। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी एक-दूसरे से सोशल मीडिया पर मिले थे। और साजिश की योजना बनाते वक्त गुरुग्राम में ललित झा के घर पर रुके थे। आरोपी भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान सेंट्रल असेंबली के अंदर बम फेंकने के भगत सिंह के कृत्य को दोहराना चाहते थे।

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