24.1 C
New Delhi
Wednesday, February 28, 2024
होमक्राइमबसों में पैनिक अलर्ट बटन क्यों नहीं…. हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से...

बसों में पैनिक अलर्ट बटन क्यों नहीं…. हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से किया सवाल

महिलाओं के सुरक्षा उपायों पर कदम उठाने के दिल्ली सरकार को निर्देश

नई दिल्ली।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए डीटीसी बसों में कैमरे, ड्राइवर एवं कंडक्टर की सीटों पर अलर्ट बटन लगाने के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया। दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 को चलती बस में एक 23 साल की युवती के साथ हुए क्रूरतापूर्ण सामूहिक रेप के बाद 2012 में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने महिलाओं की सुरक्षा पर कई सवाल उठाए थे। जस्टिस कामेश्‍वर राव और जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता की पीठ ने सरकार के वकील से डीटीसी बसों में कैमरों की मौजूदगी, सीसीटीवी खंभों पर पुश-टू-टॉक बटन लगाने, सीसीटीवी फुटेज के संभाल कर रखने के समय और क्या कोई ऑडिट किया गया है, इसके बारे में सवाल किया।

पीठ ने दिल्ली सरकार से डीटीसी बसों में कैमरे और अलर्ट बटन को शामिल करने की व्यवहार्यता की जानकारी देने के साथ-साथ सीसीटीवी डेटा को सुरक्षित रखने के समय और महिला उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक परिवहन में होर्डिंग्स या पोस्टर लगाने पर विचार सहित पहले के आदेशों के अनुपालन की जानकारी देने के लिए एक स्थिति रिपोर्ट पेश करने को कहा। पीठ ने ऐसे अधिकांश वाहनों में कार्यात्मक पैनिक बटन की कमी के बारे में चिंताओं को ध्यान में रखते हुए महिला यात्रियों के लिए टैक्सियों में सुरक्षा उपायों के बारे में भी जानकारी मांगी।

अक्टूबर में दिल्ली हाईकोर्ट ने आप सरकार से महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और महिला सुरक्षा बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन में पोस्टर या होर्डिंग लगाने पर अपना रुख बताने को कहा था। एमिकस क्यूरी के रूप में कार्यरत वकील मीरा भाटिया ने सुझाव दिया था कि दिल्ली सरकार को पोस्टर लगाने पर विचार करना चाहिए, जो दिखाए कि उत्पीड़न एक गंभीर और दंडनीय अपराध है क्योंकि यह एक निवारक के रूप में कार्य करेगा।

दिल्ली सरकार के वकील ने पीठ को बताया कि सीसीटीवी पोल पर ‘पुश-टू-टॉक या पैनिक बटन’ लगाने पर दिल्ली पुलिस का टेक्नोलॉजी विभाग सक्रिय रूप से विचार कर रहा है। अगस्त में दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया था कि महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने की कोशिशों के तहत राष्ट्रीय राजधानी के संवेदनशील इलाकों में रणनीतिक रूप से कुल 6,630 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। हाईकोर्ट को बताया गया कि इन कैमरों की निगरानी 50 मास्टर कंट्रोल रूम के जरिए की जा रही है।

RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments