Tuesday, 23 June 2026
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चुनाव आयोग सभी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए बतौर साधन मुहैया कराए धन: अखिल भारतीय मानवतावादी पार्टी

बतौर प्रचार दो गाड़ी, दो सुरक्षा कर्मी और पांच समर्थक और दो महीने के प्रचार की मांग

पार्टियों को हो प्रचार पर रोक, उम्मीदवारों/ जन प्रतिनिधियों द्वारा तीन साल में वादा नही पूरा करने पर संपत्ति जब्त का चुनाव आयोग को हो प्रावधान

नामांकन पत्र के साथ कंडीशन पत्र भी संलग्न करने की मांग

चुनाव आयोग राजनीतिक दलों का पुराना चुनाव चिन्ह करें समाप्त और सभी उम्मीदवारों का बिना भेदभाव एक साथ चुनाव चिन्ह देने का बनाए नियम

घोषणा पत्र के साथ लोकसभा चुनाव के लिए कंडीशन लगाकर उम्मीदवारों के नामों का भी किया ऐलान

नई दिल्ली।

अखिल भारतीय मानवतावादी पार्टी (एबीएमपी) ने दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी की पहचान, विचारधारा और उद्देश्यों के बारे में जानकारी प्रदान की। पार्टी के प्रमुख वक्ताओं ने चुनाव आयोग से मांग की है कि चुनाव आयोग सभी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए धन बतौर साधन मुहैया करे, ताकि चुनाव प्रक्रिया में समानता के अधिकार के उल्लंघन से संविधान को बचाया जा सके।

उन्होंने पार्टियों के प्रचार पर रोक, उम्मीदवारों/ जन प्रतिनिधियों द्वारा तीन साल में वादा नही पूरा करने पर संपत्ति जब्त का चुनाव आयोग द्वारा प्रावधान करने और राजनीतिक दलों का पुराना चुनाव चिन्ह समाप्त करने एवं और सभी उम्मीदवारों का बिना भेदभाव एक साथ चुनाव चिन्ह देने के लिए नियम बनाने की चुनाव आयोग से मांग की। इस मौके पर अखिल भारतीय मानवतावादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राम सागर गुप्ता बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर एबीएमपी के राष्ट्रीय महासचिव राम बहादुर माथुर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भिरगू नाथ यादव, राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी हरेंद्र यादव, राष्ट्रीय सचिव सौदागर सिंह, प्रवक्ता डॉ. पीसी यादव, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सीमा गुप्ता, कार्यालय सचिव रामवीर सिंह, एबीएमपी कंट्रोल कमीशन चेयरमैन डॉ. विद्यार्थी प्रसाद, डॉ. ललित कौल और सी पीआई एम सदस्य अंजू गुप्ता सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस प्रेसवार्ता के दौरान राम सागर गुप्ता ने कहा, ” चुनाव में 90 लाख रुपए तक खर्च निर्धारित है। यह बहुत ज्यादा है। क्योंकि जिनके पास धन होता है वो पार्टी ही इस वजह से चुनाव में आगे रहती हैं। यह एक प्रकार से चुनाव प्रक्रिया में समानता के अधिकार का उल्लंघन है। इसलिए चुनाव आयोग से मांग है कि वह इस मुद्दे पर चर्चा करें। जिससे सभी को समानता का अधिकार मिल सके।”

राम बहादुर माथुर ने चुनावी वित्त पर सीमा लगाने और उम्मीदवारों द्वारा धन खर्च का प्रावधान समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा, “चुनाव प्रक्रिया में समर्थनीय और पारदर्शी नियम लागू किए जाने चाहिए।” उन्होंने बतौर प्रचार के लिए दो गाड़ी, दो सुरक्षाकर्मी और पांच समर्थक व दो महीने प्रचार करने देने की चुनाव आयोग से मांग की।

भिरगू नाथ यादव ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को चुनाव लड़ने का अवसर प्रदान करने की मांग की और हरेंद्र यादव ने चुनाव आयोग से इस बारे में नए नियम बनाने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, “ऐसे नियम बनाए जाएं जिनसे आम जनता को भी चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने का अधिक अवसर मिले।”

पार्टी के वक्ताओं ने कहा कि यह प्रेस कांफ्रेंस एक महत्वपूर्ण कदम है जिसमें पार्टी ने अपने मांगों को लेकर सामाजिक समर्थन को जुटाने की कोशिश की है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सुधार के लिए अपनी आवाज बुलंद की है। वक्ताओं ने सभी का आभार व्यक्त किया और उनके मांगों के लिए सभी के समर्थन और सहयोग की अपील की। इसके अलावा पार्टी ने लोकसभा चुनावों के लिए अपना घोषणा पत्र जारी किया और नये नियम के कंडीशन के साथ उम्मीदवारों के नामों का भी ऐलान किया।

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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