आईजी एयरपोर्ट पर ‘कबूतरबाजी’, फर्जी दस्तावेजों पर लंदन के लिए टेक ऑफ कर गए दो यात्री

1 यात्री के साथ पकड़े गए एयर इंडिया SATS के 4 कर्मी

नई दिल्ली।

मानव तस्करी के शक में फ्रांस से 26 दिसंबर की सुबह 276 यात्रियों को वापस लेकर लौटी ‘डंकी फ्लाइट’ जैसा मामला दिल्ली एयरपोर्ट पर भी सामने आया। यहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लंदन जाने की कोशिश कर रहे एक यात्री को पकड़ लिया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि दो यात्री फर्जी दस्तावेजों के सहारे आईजी एयरपोर्ट के टी-3 से इंग्लैंड के शहर बर्मिंघम टेक ऑफ करने में कामयाब हो गए। आईजी एयरपोर्ट पर यह मामला 27 दिसंबर की दोपहर को सामने आया। जब CISF ने पकड़े गए आरोपी यात्री दिलजोत सिंह को डिर्पाचर गेट नंबर-5 के पास बैठा देखा। यात्री की गतिविधियों को संदिग्ध मानते हुए उसकी तलाशी ली गई। उसके पास कुछ नहीं मिला। उसने बताया कि वह टी-3 से लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर-एआई-113 में सवार होगा। लेकिन फ्लाइट के टेक ऑफ करने के बाद भी वह टी-3 पर ही दिखाई दिया। इसके बाद उसके टी-3 में आने से लेकर उस समय तक की CCTV कैमरों की फुटेज देखी गई।

एयर इंडिया SATS के कर्मचारी शामिल

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह यात्री इमिग्रेशन क्लियर कराने के लिए सामान्य यात्रियों वाले काउंटर पर न जाकर F-11 नाम के उस काउंटर पर गया था। जहां क्रू अपना क्लियरेंस कराता है। वहां इसके दस्तावेज की जांच करते हुए कुछ कर्मचारी दिखाई दिए। जांच में पता लगा कि एयर इंडिया SATS के चार कर्मचारी कबूतरबाजी के इस मामले में शामिल थे। जिन्होंने 40 से 80 हजार रुपये प्रति व्यक्ति लेते हुए इसकी सीमेन परमिट पर इमिग्रेशन क्लियरेंस कराने की कोशिश की थी। लेकिन यह हो नहीं पाया था। इसके बाद आरोपी यात्री की निशानदेही पर CISF ने एयर इंडिया SATS के भी चारों स्टाफ को पकड़ लिया। मामले में एयरलाइंस के कुछ अन्य कर्मचारी और अन्य स्टाफ के भी शामिल होने का शक है।

दो यात्री लंदन के लिए कर गए टेक ऑफ

पूछताछ में पता लगा कि यह केवल एक यात्री का मामला नहीं था, बल्कि कबूतरबाजी मामले में दो अन्य यात्री तो लंदन के लिए टेक ऑफ कर भी गए। विदेश मंत्रालय की मदद से लंदन पहुंचे दोनों यात्रियों को वापस भारत डिपोर्ट कराने का काम किया जा रहा है। आईजी एयरपोर्ट पुलिस के साथ ही मामले में आईब और इमिग्रेशन भी अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं।

एआईएसएटीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय गुप्ता ने एक बयान में कहा, ‘27 दिसंबर, 2023 को दिल्ली हवाई अड्डा प्राधिकरण एवं सीआईएसएफ के साथ मिलकर एआईएसएटीएस दिल्ली हवाई अड्डे पर चल रही मानव तस्करी को रोकने और उसे सामने लाने के अभियान का हिस्सा थी।’ उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में साथ देने वाले कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है तथा उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

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