Thursday, 24 September 2026
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वीजा विवाद खत्म: अमेरिका ने ईरान फुटबॉल टीम को दी एंट्री, FIFA World Cup 2026 खेलने का रास्ता साफ

FIFA World Cup 2026 से पहले अमेरिका ने ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को वीजा जारी कर दिया है। लंबे समय से चल रही अनिश्चितता के बाद अब ईरानी टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए तैयार है

नई दिल्ली: FIFA World Cup के शुरू होने से कुछ दिन पहले ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को बड़ी राहत मिली है। अमेरिका ने आखिरकार ईरानी खिलाड़ियों को वीजा जारी कर दिया है, जिससे टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया। पिछले कई सप्ताह से यह सवाल उठ रहा था कि दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के कारण कहीं ईरान की टीम विश्व कप से बाहर तो नहीं हो जाएगी।

हालांकि अब अमेरिकी अधिकारियों की ओर से पुष्टि कर दी गई है कि खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को आवश्यक वीजा प्रदान कर दिए गए हैं। इससे ईरान का विश्व कप अभियान तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ सकेगा।

कई हफ्तों से बनी हुई थी अनिश्चितता

ईरान पहले ही विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर चुका था, लेकिन टूर्नामेंट के आयोजन से पहले सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका में प्रवेश की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी खिलाड़ियों ने मई में तुर्किये की राजधानी अंकारा स्थित अमेरिकी दूतावास में वीजा के लिए आवेदन किया था। इसके बावजूद मंजूरी मिलने में देरी हुई, जिससे टीम की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी।

ईरानी फुटबॉल महासंघ और सरकारी अधिकारियों ने भी कई बार चिंता जताई थी कि अगर समय पर वीजा नहीं मिला तो टीम की यात्रा और मैच कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं।

अमेरिका की बजाय मेक्सिको में रहेगा बेस कैंप

वीजा प्रक्रिया में देरी और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण ईरान ने अपना प्रशिक्षण केंद्र अमेरिका से हटाकर मेक्सिको के तिजुआना शहर में स्थापित करने का फैसला किया। फीफा ने भी इस बदलाव को मंजूरी दे दी थी। टीम अब मेक्सिको में रहकर अभ्यास करेगी और अपने मैच खेलने के लिए अमेरिका जाएगी।

तिजुआना का चयन रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह अमेरिकी सीमा के काफी करीब है। इससे टीम को यात्रा में सुविधा मिलेगी और राजनीतिक या प्रशासनिक बाधाओं का असर कम होगा।

कठिन ग्रुप में उतरेगा ईरान

विश्व कप 2026 में ईरान को चुनौतीपूर्ण ग्रुप मिला है। टीम अपने अभियान की शुरुआत 15 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ करेगी। इसके बाद उसे बेल्जियम और मिस्र जैसी मजबूत टीमों का सामना करना होगा। समूह चरण के ये मुकाबले अमेरिका के विभिन्न शहरों में खेले जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के पास अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है और यदि टीम शुरुआती मैचों में लय पकड़ लेती है तो नॉकआउट दौर तक पहुंचने की संभावना मजबूत हो सकती है।

खेल और राजनीति के बीच संतुलन

यह मामला केवल फुटबॉल तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के कारण इस मुद्दे पर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई थीं। कई विश्लेषकों ने इसे खेल और कूटनीति के बीच संतुलन की परीक्षा बताया।

हालांकि वीजा जारी होने के बाद यह संदेश गया है कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं को राजनीतिक मतभेदों से अलग रखने की कोशिश की जा रही है। विश्व कप जैसे वैश्विक मंच पर सभी योग्य टीमों की भागीदारी खेल भावना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

विश्व कप पर टिकी निगाहें

अब जब वीजा विवाद समाप्त हो चुका है, ईरान का पूरा ध्यान मैदान पर प्रदर्शन करने पर होगा। टीम के सामने चुनौती सिर्फ मजबूत विरोधियों को हराने की नहीं है, बल्कि उन परिस्थितियों से भी उबरने की है जिन्होंने टूर्नामेंट से पहले उसकी तैयारियों को प्रभावित किया।

फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह घटनाक्रम राहत भरा है, क्योंकि अब विश्व कप 2026 में ईरान की मौजूदगी तय हो चुकी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम मैदान पर भी उतना ही मजबूत प्रदर्शन कर पाती है जितना उसने इस कठिन दौर में धैर्य दिखाकर किया है।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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