Tuesday, 29 September 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
अटल सम्मान समारोह 2026 में डॉ. सत्यनारायण जटिया, श्याम जाजू और अविनाश राय खन्ना सहित कई हस्तियां सम्मानित डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने राजनाथ सिंह को भेंट की डिजिटल इंडिया पर नई पुस्तक Rise And Fall 2: कौन हैं सिवेट तोमर? शहजाद पूनावाला से हाथापाई के बाद ‘राइज एंड फॉल 2’ से हुए बाहर OPPO F35 Series: भारत में लॉन्च डेट हुई कन्फर्म, 50MP Ultra-Wide Selfie Camera और 8000mAh Battery पर फोकस सोने की कीमत में बड़ी गिरावट, MCX पर 10 ग्राम का भाव ₹3,200 से ज्यादा टूटा, जानिए क्यों गिर रहे सोने और चांदी के दाम Ujjain Shahi Masjid Row: उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर बवाल, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले Lata Mangeshkar 97th Birth Anniversary: ‘क्रिकेट’ से लेकर ‘शेरलॉक होम्स’ की दीवानगी तक, जानिए लता मंगेशकर से जुड़े 6 दिलचस्प किस्से Hyderabad Pink Power Run 3.0: 35 हजार लोगों ने लगाई दौड़, ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता का दिया संदेश अटल सम्मान समारोह 2026 में डॉ. सत्यनारायण जटिया, श्याम जाजू और अविनाश राय खन्ना सहित कई हस्तियां सम्मानित डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने राजनाथ सिंह को भेंट की डिजिटल इंडिया पर नई पुस्तक Rise And Fall 2: कौन हैं सिवेट तोमर? शहजाद पूनावाला से हाथापाई के बाद ‘राइज एंड फॉल 2’ से हुए बाहर OPPO F35 Series: भारत में लॉन्च डेट हुई कन्फर्म, 50MP Ultra-Wide Selfie Camera और 8000mAh Battery पर फोकस सोने की कीमत में बड़ी गिरावट, MCX पर 10 ग्राम का भाव ₹3,200 से ज्यादा टूटा, जानिए क्यों गिर रहे सोने और चांदी के दाम Ujjain Shahi Masjid Row: उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर बवाल, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले Lata Mangeshkar 97th Birth Anniversary: ‘क्रिकेट’ से लेकर ‘शेरलॉक होम्स’ की दीवानगी तक, जानिए लता मंगेशकर से जुड़े 6 दिलचस्प किस्से Hyderabad Pink Power Run 3.0: 35 हजार लोगों ने लगाई दौड़, ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता का दिया संदेश

Ujjain Shahi Masjid Row: उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर बवाल, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने का विरोध हुआ। प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव और आंसू गैस के इस्तेमाल की खबर है। जानिए पूरा विवाद क्या है।

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाए जाने के मुद्दे पर सोमवार, 28 सितंबर को तनाव बढ़ गया। प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मुस्लिम समुदाय के सदस्य मस्जिद के आसपास जमा हुए।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी और पुलिस पर पथराव की खबर सामने आई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) समेत बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

यह विवाद उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए चल रहे सड़क और आधारभूत ढांचे के विस्तार से जुड़ा है। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य आगामी बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करना है। वहीं, मस्जिद प्रबंधन और स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का दूसरा हिस्सा लेकर चौड़ीकरण किया जा सकता है और धार्मिक स्थल को इससे बाहर रखा जाना चाहिए।

सोमवार सुबह बिगड़े हालात

रविवार रात से ही शाही मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा होने लगे थे। कई लोग मस्जिद परिसर में भी रुके रहे। प्रशासन और पुलिस की ओर से लोगों को समझाने की कोशिश की गई कि सड़क चौड़ीकरण के लिए चिन्हित हिस्सा हटाने की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के मुताबिक, प्रशासन बातचीत के जरिए स्थिति सुलझाने की कोशिश कर रहा था और तत्काल कार्रवाई से पहले सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा था।

सोमवार सुबह जब प्रशासनिक और पुलिस बल मौके पर पहुंचे तो विरोध तेज हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आमना-सामना हुआ। इसके बाद पथराव की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और कुछ रिपोर्टों में लाठीचार्ज की भी जानकारी दी गई है।

इलाके में स्थिति को देखते हुए भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और मस्जिद के आसपास लगभग 500 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर आवाजाही नियंत्रित की गई।

किस हिस्से को लेकर विवाद?

विवाद उज्जैन के कांठल चौराहा से गोपाल मंदिर के बीच करीब 900 मीटर लंबे सड़क मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर है। प्रशासन की योजना इस सड़क को लगभग 15 मीटर चौड़ा करने की है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन पहुंचने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम करना बताया गया है।

इसी प्रस्तावित विस्तार के दायरे में एक मस्जिद परिसर का कुछ हिस्सा आने की बात सामने आई है। मस्जिद प्रबंधन ने अदालत का रुख करते हुए दावा किया था कि सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई से मस्जिद के उस हिस्से पर असर पड़ सकता है, जिसका इस्तेमाल नमाज के लिए किया जाता है। इसके अलावा परिसर की करीब 120 फुट ऊंची मीनार और मजहर चौक शाही के कुछ हिस्से के भी प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।

याचिका में मस्जिद को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज होने का भी उल्लेख किया गया। इसी आधार पर प्रबंधन ने प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर कानूनी आपत्ति दर्ज कराई। मामला अब सड़क चौड़ीकरण, धार्मिक स्थल की संरचना और संपत्ति संबंधी अधिकारों के बीच संतुलन से जुड़ गया है।

मस्जिद प्रबंधन की मांग

मस्जिद प्रबंधन और स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई में धार्मिक स्थल के हिस्से को हटाए जाने का विरोध किया है। मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम और समुदाय के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क विस्तार की योजना में मस्जिद को शामिल न किया जाए। उनका कहना है कि सड़क को दूसरी दिशा में उपलब्ध जमीन का इस्तेमाल करके भी चौड़ा किया जा सकता है।

प्रबंधन के मुताबिक, पहले भी इलाके में सड़क चौड़ीकरण का काम हुआ है, लेकिन उस दौरान धार्मिक स्थलों को बचाने का प्रयास किया गया था। इसी आधार पर अब भी मस्जिद को संरक्षित रखने की मांग की जा रही है।

इमाम मोहम्मद इब्राहिम ने मस्जिद को करीब 636 वर्ष पुराना बताते हुए कहा कि इसका निर्माण लगभग 1390 के आसपास हुआ था। प्रबंधन का दावा है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद की ओर से उपलब्ध जमीन में पहले ही सहयोग किया गया है, लेकिन धार्मिक ढांचे के किसी हिस्से को हटाने पर आपत्ति है।

इस विवाद को लेकर मस्जिद प्रबंधन की ओर से पहले हाई कोर्ट का रुख भी किया गया था। अब समुदाय प्रशासन से वैकल्पिक तरीके से सड़क चौड़ीकरण करने और धार्मिक स्थल को नुकसान से बचाने की मांग कर रहा है।

ये भी पढ़ें :- Lata Mangeshkar 97th Birth Anniversary: ‘क्रिकेट’ से लेकर ‘शेरलॉक होम्स’ की दीवानगी तक, जानिए लता मंगेशकर से जुड़े 6 दिलचस्प किस्से

हाई कोर्ट का आदेश

इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ का 9 सितंबर का आदेश महत्वपूर्ण है। न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ ने शाही मस्जिद के हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने के खिलाफ दायर दो याचिकाएं खारिज कर दी थीं। अदालत ने कहा था कि नगर निगम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और प्रभावित पक्षों को अपनी आपत्तियां रखने का अवसर दिया।

याचिकाकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 300A के तहत अपने अधिकारों का हवाला देते हुए कार्रवाई को चुनौती दी थी। अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर नगर निगम की कार्रवाई में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि सड़क चौड़ीकरण के इसी मार्ग पर कुछ अन्य धार्मिक संरचनाओं के हिस्से भी हटाए जा चुके हैं। आदेश में 10 मंदिरों और एक अन्य मस्जिद के हिस्सों को हटाए जाने तथा उज्जैन में करीब 80 धार्मिक स्थलों से संबंधित कार्रवाई का उल्लेख किया गया। अदालत ने इसी आधार पर उस दलील को स्वीकार नहीं किया कि केवल शाही मस्जिद को निशाना बनाया जा रहा है।

सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन की दलील

नगर निगम और प्रशासन की ओर से सड़क चौड़ीकरण को उज्जैन विकास योजना 2035 और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जोड़ा गया है। अदालत ने भी अपने आदेश में सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा की जरूरत का उल्लेख किया था।

शाही मस्जिद जिस इलाके में स्थित है, वह महाकालेश्वर मंदिर और क्षिप्रा नदी के नजदीक है। सिंहस्थ के दौरान यह क्षेत्र बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही का केंद्र बनेगा। प्रशासन का तर्क है कि ऐसे में सड़क की क्षमता बढ़ाना और यातायात को व्यवस्थित करना जरूरी है।

नगर निगम के मुताबिक, सिंहस्थ की तैयारियां केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं हैं। शहर में घाट, यातायात मार्ग, डायवर्जन और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है। नगर निगम की अध्यक्ष कलावती यादव ने कहा कि आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए बुनियादी ढांचे का विस्तार आवश्यक है।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी

उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सिंहस्थ का आयोजन हर 12 वर्ष में होता है और इस दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को देखते हुए शहर में सड़क, यातायात, घाट, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

सिंहस्थ के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाने के लिए प्रमुख मार्गों को चौड़ा करने की योजना भी तैयार की गई है। इसके तहत शहर के कुछ हिस्सों में मौजूदा सड़कों का विस्तार प्रस्तावित है। इसी प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण की सीमा में शाही मस्जिद का एक हिस्सा भी आने की बात सामने आई है।

प्रशासन का जोर आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और प्रमुख धार्मिक स्थलों तथा स्नान घाटों तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान बनाने पर है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में सड़क और परिवहन ढांचे से जुड़े कार्यों की योजना बनाई जा रही है। सिंहस्थ से पहले इन परियोजनाओं को पूरा करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

ओवैसी ने क्या कहा?

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मामले में प्रदर्शन कर रहे लोगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोगों का विरोध शांतिपूर्ण है और प्रशासन को उनकी बात सुननी चाहिए। ओवैसी ने मस्जिद के हिस्से को हटाए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए धार्मिक स्थल को बचाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल से जुड़ी कार्रवाई संवेदनशीलता और उचित प्रक्रिया के साथ की जानी चाहिए। ओवैसी ने इस विवाद को वक्फ कानून में किए गए बदलावों को लेकर अपनी पहले की आपत्तियों से भी जोड़ा। उनके बयान के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का हिस्सा भी बन गया। हालांकि, प्रशासन की ओर से कार्रवाई को लेकर जो आधिकारिक कारण बताए गए हैं, उनका पक्ष भी इस विवाद को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

Home » Ujjain Shahi Masjid Row: उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर बवाल, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
शेयर करें: Facebook X WhatsApp
MD Faijan

MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।