Wednesday, 02 September 2026
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भारत में रिश्तों का बदलता चेहरा: आधे से ज्यादा भारतीयों ने कबूली बेवफाई, छोटे शहर बने नए ‘चिटिंग हब’

एशली मैडिसन रिपोर्ट में खुलासा – दिल्ली-NCR से लेकर कांचीपुरम तक बढ़ा डिजिटल अफेयर्स, स्विंगिंग और ओपन रिलेशनशिप का चलन; विशेषज्ञ बोले– स्मार्टफोन और सोशल मीडिया ने बदली विवाह की परिभाषा

नई दिल्ली, भारत में विवाह और वफादारी की परिभाषा तेजी से बदल रही है। गुप्त ऐप्स, कैजुअल अफेयर्स, स्विंगिंग और ओपन रिलेशनशिप जैसे नए रिश्तों के तौर-तरीके अब आम होते जा रहे हैं। एशली मैडिसन की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब दुनिया का छठा सबसे बड़ा ‘इंफिडेलिटी मार्केट’ बन चुका है।

एशली मैडिसन रिपोर्ट: भारत में बेवफाई का नया चेहरा

एशली मैडिसन—विवाहित लोगों के लिए दुनिया का सबसे लोकप्रिय डेटिंग प्लेटफॉर्म—ने बताया कि 2023 से नए यूजर्स में 155% की वृद्धि हुई है। अप्रैल 2025 में 11 देशों में किए गए यूगोव–एशली मैडिसन सर्वे के अनुसार, आधे से अधिक भारतीय प्रतिभागियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कभी न कभी अपने जीवनसाथी को धोखा दिया है।

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र अब भी सूची में शीर्ष पर है, लेकिन तमिलनाडु का कांचीपुरम 2024 में 17वें स्थान से उछलकर जून 2025 में ‘चिटिंग कैपिटल’ की सूची में नंबर-1 बन गया।

भारत के शीर्ष 10 ‘चिटिंग कैपिटल’ (जून 2025)

कांचीपुरम, तमिलनाडु

सेंट्रल दिल्ली, दिल्ली

गुरुग्राम, हरियाणा

नोएडा, उत्तर प्रदेश

साउथ-वेस्ट दिल्ली, दिल्ली

देहरादून, उत्तराखंड

ईस्ट दिल्ली, दिल्ली

पुणे, महाराष्ट्र

बेंगलुरु, कर्नाटक

साउथ दिल्ली, दिल्ली

जयपुर, चंडीगढ़ और रायगढ़ जैसे छोटे शहर भी अब तेजी से इस सूची में शामिल हो रहे हैं।

नए रिश्तों के रूप: स्विंगिंग, डिजिटल अफेयर्स और ‘रिलेशनशिप एनार्की’

ग्लीडन के 2025 सर्वे के अनुसार:

61% भारतीय विवाहित लोग मानते हैं कि एकनिष्ठता (monogamy) स्वाभाविक नहीं है।

60% से अधिक स्विंगिंग, इमोशनल अफेयर्स या ‘रिलेशनशिप एनार्की’ जैसी व्यवस्थाओं के लिए खुले हैं।

40% ने डिजिटल अफेयर्स—फ्लर्टी चैट्स, सेक्टिंग या ऑनलाइन रोमांस—कबूल किए।

ग्लीडन इंडिया प्रमुख सिबिल शिडेल के अनुसार, “लोग अब पारंपरिक विवाह से इतर भावनात्मक संतुष्टि खोज रहे हैं।” हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह स्वतंत्रता कई बार तनाव, विवाद और हिंसा को भी जन्म दे सकती है।

कंपनी का दावा और बढ़ता भारतीय बाजार

एशली मैडिसन के चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर पॉल कीबल ने बताया कि भारत उनके सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। “हमारे सर्वे में आधे से ज्यादा भारतीय वयस्कों ने बेवफाई स्वीकार की। भारत अब हमारा छठा सबसे बड़ा बाजार है और साल के अंत तक और ऊपर जा सकता है,” उन्होंने कहा।

बहुपत्नी प्रथा: घटती लेकिन खत्म नहीं

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2019–21) के अनुसार:

1.4% विवाहित महिलाओं ने बताया कि उनके पति की एक से अधिक पत्नियां हैं, जो 2005–06 के 1.9% से कम है।

अनुसूचित जनजातियों में यह आंकड़ा 2.4% है।

पूर्व जैन्तिया हिल्स (मेघालय) जैसे कुछ जिलों में बहुपत्नी प्रथा अब भी 20% तक मौजूद है।

गैर-मुस्लिमों के लिए यह अवैध है, लेकिन कुछ जनजातीय इलाकों में प्रचलन जारी है।

क्यों बदल रहा है भारत का विवाह समीकरण?

विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हैं:

बदलते विचार: युवा पीढ़ी पारंपरिक विवाह अवधारणाओं को चुनौती दे रही है।

स्मार्टफोन और ऐप्स का प्रभाव: 3.5 मिलियन भारतीय यूजर्स एशली मैडिसन पर हैं, ग्लीडन ने 2024 में 270% वृद्धि दर्ज की।

सोशल मीडिया का योगदान: 68% ग्लीडन यूजर्स मानते हैं कि इंस्टाग्राम जैसी ऐप्स गुप्त रिश्तों को आसान बनाती हैं।

कानूनी बदलाव: 2018 में व्यभिचार अपराध की श्रेणी से हटने के बाद लोग कानूनी डर कम महसूस कर रहे हैं।

वफादारी से विकल्पों तक का सफर

भारत का विवाह ढांचा अब केवल “सदैव वफादारी” तक सीमित नहीं रहा। लाखों लोग इसे अपनी पसंद, स्वतंत्रता और कभी-कभी गुप्त दोहरी जिंदगी का प्रतीक मान रहे हैं।

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लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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