Thursday, 01 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
पंजाब कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने छोड़ा प्रदेश अध्यक्ष पद! जानिए इस्तीफे का कारण और पद के प्रबल दावेदार Verity Movie Review: ऐनी हैथवे और डकोटा जॉनसन के दमदार अभिनय के बावजूद कहानी में उलझी फिल्म, जानिए कैसी है साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘वेरिटी’ America-Iran Conflict: मार्को रुबियो ने ईरानी विदेश मंत्री को न्यूयॉर्क छोड़ने का आदेश दिया, बातचीत में गतिरोध के बीच बढ़ी कूटनीतिक तल्खी ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद नीम करोली बाबा पर आएगी नई सीरीज, Sony TV और SonyLIV ने जारी किया पहला प्रोमो INDIA ब्लॉक की EC पर बड़ी रणनीति, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च MERI में छात्रों के लिए साइबर क्राइम और नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम 657 करोड़ के बैंक घोटाले में ‘लव एंगल’ का हुआ खुलासा! डांसर को हर महीने 10 लाख रुपये और विदेश यात्राएं कराता था शाखा प्रबंधक Asian Games 2026: पहलवानी में सुनील कुमार कांस्य जीतकर रचा इतिहास, जानिए एशियन गेस्स में कैसा रहा भारत का आज का प्रदर्शन पंजाब कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने छोड़ा प्रदेश अध्यक्ष पद! जानिए इस्तीफे का कारण और पद के प्रबल दावेदार Verity Movie Review: ऐनी हैथवे और डकोटा जॉनसन के दमदार अभिनय के बावजूद कहानी में उलझी फिल्म, जानिए कैसी है साइकोलॉजिकल थ्रिलर ‘वेरिटी’ America-Iran Conflict: मार्को रुबियो ने ईरानी विदेश मंत्री को न्यूयॉर्क छोड़ने का आदेश दिया, बातचीत में गतिरोध के बीच बढ़ी कूटनीतिक तल्खी ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद नीम करोली बाबा पर आएगी नई सीरीज, Sony TV और SonyLIV ने जारी किया पहला प्रोमो INDIA ब्लॉक की EC पर बड़ी रणनीति, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च MERI में छात्रों के लिए साइबर क्राइम और नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम 657 करोड़ के बैंक घोटाले में ‘लव एंगल’ का हुआ खुलासा! डांसर को हर महीने 10 लाख रुपये और विदेश यात्राएं कराता था शाखा प्रबंधक Asian Games 2026: पहलवानी में सुनील कुमार कांस्य जीतकर रचा इतिहास, जानिए एशियन गेस्स में कैसा रहा भारत का आज का प्रदर्शन

590 करोड़ के फ्रॉड के बाद सख्त कदम, दो बैंकों पर सरकारी कार्रवाई

हरियाणा सरकार द्वारा डी-एम्पेनल किए जाने के बाद AU Small Finance Bank और IDFC First Bank के शेयरों में तेज गिरावट। जानें क्या है पूरा मामला, बैंकों की सफाई और बाजार पर इसका असर।

नई दिल्ली: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने जहां मजबूती के साथ शुरुआत की, वहीं बैंकिंग सेक्टर के दो शेयरों पर सरकारी फैसले का सीधा असर देखने को मिला। हरियाणा सरकार द्वारा कुछ बैंकों को सरकारी लेन-देन की सूची से बाहर किए जाने की खबर के बाद निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई।

क्या है पूरा मामला?

हरियाणा के वित्त विभाग ने हाल ही में एक आदेश जारी कर AU Small Finance Bank और IDFC First Bank को राज्य सरकार से जुड़े बैंकिंग कार्यों के लिए डी-एम्पेनल कर दिया। यह कदम कथित संदिग्ध लेन-देन की जांच के संदर्भ में उठाया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, कुछ खातों में असामान्य गतिविधियों को लेकर सवाल उठे थे। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए दोनों बैंकों को फिलहाल सरकारी कामकाज से अलग कर दिया।

आंतरिक जांच शुरू, KYC प्रक्रिया का पालन होने का दावा

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने देर रात जारी बयान में कहा कि वह दो विशिष्ट खातों की आंतरिक जांच कर रहा है। बैंक का दावा है कि खाते तय KYC मानकों और आंतरिक प्रक्रियाओं के अनुरूप खोले गए थे। प्रारंभिक समीक्षा में किसी वित्तीय नुकसान या धोखाधड़ी का संकेत नहीं मिला है।

बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक अस्थायी रूप से कार्यमुक्त किया गया है। प्रबंधन ने कहा कि वह राज्य सरकार के संपर्क में है और सभी आवश्यक जानकारी साझा की जा रही है।

IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़ा अलग मामला

इस बीच, IDFC फर्स्ट बैंक ने अपने चंडीगढ़ स्थित शाखा में लगभग 590 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का खुलासा किया है। बैंक ने कुछ कर्मचारियों को निलंबित किया है, पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और फॉरेंसिक ऑडिट की प्रक्रिया शुरू की है। हालांकि AU बैंक ने कहा है कि उसका मामला इस कथित फ्रॉड से अलग है और उसके वित्तीय स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है।

शेयर बाजार में प्रतिक्रिया क्या हैं

सरकारी फैसले के बाद AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर शुरुआती कारोबार में 7–8% तक गिर गया, वहीं IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरों में और ज्यादा दबाव दिखा और यह लोअर सर्किट के करीब पहुंच गया।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों की शुरुआती प्रतिक्रिया तेज रही, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों को बैंक के मूलभूत आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए। AU बैंक के कुल डिपॉजिट में हरियाणा सरकार की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम बताई जा रही है, जिससे प्रत्यक्ष वित्तीय प्रभाव सीमित हो सकता है।

रेगुलेटरी जांच के बीच शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी

यह घटनाक्रम बैंकिंग क्षेत्र में अनुपालन, निगरानी और जोखिम प्रबंधन की अहमियत को रेखांकित करता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जांच पूरी होने और स्थिति स्पष्ट होने तक शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

फिलहाल दोनों बैंक नियामकीय और सरकारी एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं, और बाजार आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार कर रहा है।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
Shweta Gupta

Shweta Gupta

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।