गांगुली के हेड कोच बनने के बाद दिल्ली कैपिटल्स के सपोर्ट स्टाफ को लेकर भी चर्चा तेज है। रिपोर्ट्स में युवराज सिंह को बल्लेबाजी से जुड़ी भूमिका मिलने की बात कही जा रही है, हालांकि फ्रेंचाइजी ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2027 सीजन से पहले दिल्ली कैपिटल्स का नया हेड कोच नियुक्त किया गया है। फ्रेंचाइजी ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को इसकी आधिकारिक घोषणा की। गांगुली अब हेमंग बदानी की जगह टीम की कमान संभालेंगे, जो पिछले दो सीजन से दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच थे। गांगुली के लिए यह IPL में पहली बार बतौर हेड कोच जिम्मेदारी होगी। हालांकि, वह 2019 से अलग-अलग भूमिकाओं में दिल्ली कैपिटल्स से जुड़े रहे हैं।
गांगुली की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब दिल्ली कैपिटल्स IPL 2027 के लिए अपने क्रिकेटिंग सेटअप में बड़े बदलाव कर रही है। टीम पिछले दो सीजन में प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी। IPL 2025 में दिल्ली पांचवें स्थान पर रही थी, जबकि 2026 में टीम 14 अंकों के साथ छठे स्थान पर रही और प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। ऐसे में नए हेड कोच के तौर पर गांगुली के सामने टीम को एक मजबूत दिशा देने के साथ-साथ उसे पहली IPL ट्रॉफी तक पहुंचाने की बड़ी चुनौती होगी।
2019 से दिल्ली कैपिटल्स से जुड़े हैं गांगुली
सौरव गांगुली का दिल्ली कैपिटल्स के साथ रिश्ता नया नहीं है। वह 2019 में फ्रेंचाइजी से बतौर एडवाइजर जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने टीम के क्रिकेटिंग मामलों में कई अहम भूमिकाएं निभाईं। वह पुरुष और महिला दोनों टीमों के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने फ्रेंचाइजी के क्रिकेटिंग स्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के साथ काफी करीब से काम किया।
दिल्ली कैपिटल्स के साथ लंबे जुड़ाव की वजह से गांगुली के लिए यह जिम्मेदारी किसी नई फ्रेंचाइजी में जाने जैसी नहीं होगी। वह पहले से ही टीम के मालिकों, मैनेजमेंट, सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों के काम करने के तरीके से परिचित हैं। फ्रेंचाइजी ने भी उनकी इसी समझ और अनुभव को नियुक्ति के पीछे अहम कारणों में से एक बताया है।
गांगुली ने अपनी नियुक्ति के बाद कहा कि वह IPL में हेड कोच की भूमिका संभालने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स को अपने दिल के करीब बताया और कहा कि वह टीम के साथ काम करके एक मजबूत और निडर टीम तैयार करना चाहते हैं।
गांगुली का बतौर कोच पहला IPL कार्यकाल
भारत को कप्तान के तौर पर नई पहचान देने वाले गांगुली ने अब तक क्रिकेट प्रशासन और टीम मैनेजमेंट में ज्यादा काम किया है। बतौर IPL हेड कोच यह उनका पहला कार्यकाल होगा। हालांकि, पिछले साल उन्होंने साउथ अफ्रीका की SA20 लीग में प्रिटोरिया कैपिटल्स के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नेतृत्व में प्रिटोरिया कैपिटल्स ने प्रतियोगिता के फाइनल तक जगह बनाई थी।
प्रिटोरिया कैपिटल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच भी फ्रेंचाइजी स्तर पर संबंध है। ऐसे में गांगुली को फ्रेंचाइजी क्रिकेट के वातावरण की अच्छी समझ है। अब उन्हें इसी अनुभव को IPL में लागू करना होगा।
गांगुली ने बताई अपनी योजना
हेड कोच बनने के बाद गांगुली ने अपने शुरुआती विजन के बारे में बात की। उनका जोर एक मजबूत और निडर टीम बनाने पर है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कैपिटल्स के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का समूह है और टीम ने हाल के समय में क्रिकेट का अच्छा ब्रांड खेला है।
गांगुली की नियुक्ति के बाद उनका सबसे पहला बड़ा काम IPL 2027 की तैयारी और नीलामी से जुड़ी रणनीति तैयार करना होगा। टीम को यह तय करना होगा कि मौजूदा खिलाड़ियों में किन्हें प्राथमिकता दी जाए, किन क्षेत्रों में मजबूती की जरूरत है और नीलामी में किन खिलाड़ियों नजर रखी जाये।
ऋषभ पंत की भी दिल्ली कैपिटल्स में वापसी
दिल्ली कैपिटल्स के लिए IPL 2027 से पहले सिर्फ कोचिंग स्टाफ में बदलाव ही बड़ी खबर नहीं है। टीम ने जून 2026 में भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को भी दोबारा अपने साथ जोड़ लिया था। पंत लखनऊ सुपर जायंट्स से ट्रेड होकर दिल्ली लौटे हैं। उनके बदले दिल्ली के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जायंट्स में गए।
यह ट्रेड IPL 2027 से पहले हुए सबसे चर्चित खिलाड़ियों के आदान-प्रदान में से एक था। IPL की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक पंत दिल्ली कैपिटल्स में 15 करोड़ रुपये की संशोधित फीस पर लौटे हैं, जबकि कुलदीप यादव 13.50 करोड़ रुपये की फीस पर लखनऊ का हिस्सा बने हैं।
पंत ने 2016 से 2024 के बीच दिल्ली कैपिटल्स के लिए नौ सीजन खेले थे। इस दौरान उन्होंने 111 मैच खेले, जो फ्रेंचाइजी के किसी भी खिलाड़ी से ज्यादा हैं। वह 2021 से 2024 के बीच चार सीजन में टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं।
इसके बाद IPL 2025 की नीलामी में लखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर खरीदा था। वह उस समय IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। हालांकि, लखनऊ में उनके दो सीजन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। 2025 में उन्होंने 269 रन और 2026 में 312 रन बनाए। इसके बाद उनका दिल्ली लौटना दोनों फ्रेंचाइजियों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हुआ।
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युवराज सिंह को लेकर भी चर्चा
सौरव गांगुली की नियुक्ति के बाद दिल्ली कैपिटल्स के नए सपोर्ट स्टाफ को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह को टीम में बल्लेबाजी से जुड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, फ्रेंचाइजी की ओर से अभी तक युवराज की भूमिका को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में उनकी संभावित नियुक्ति की खबरों को फिलहाल रिपोर्ट्स के तौर पर ही देखा जा रहा है।
दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेटिंग सेटअप से श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज चामिंडा वास और भारत के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा के नाम भी जोड़े जा रहे हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दोनों फ्रेंचाइजी की अकादमी से जुड़े हुए हैं। हालांकि, IPL 2027 के लिए मुख्य टीम के सपोर्ट स्टाफ में उनकी भूमिका क्या होगी, इसे लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अगर इन नामों को टीम के नए सेटअप में शामिल किया जाता है, तो दिल्ली कैपिटल्स के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव रखने वाला कोचिंग ग्रुप हो सकता है। गांगुली को भारतीय क्रिकेट का प्रशासनिक और नेतृत्व अनुभव है, जबकि युवराज, चामिंडा वास और अमित मिश्रा अपने-अपने क्षेत्रों में लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं। अब निगाहें फ्रेंचाइजी की ओर से होने वाली अगली आधिकारिक घोषणाओं पर हैं।
दिल्ली कैपिटल्स को पहली IPL ट्रॉफी का इंतजार
दिल्ली कैपिटल्स IPL की शुरुआती फ्रेंचाइजियों में शामिल है, लेकिन टीम अब तक खिताब नहीं जीत सकी है। 2008 में फ्रेंचाइजी की शुरुआत हुई थी और 2019 में टीम ने दिल्ली डेयरडेविल्स से अपना नाम बदलकर दिल्ली कैपिटल्स किया। फ्रेंचाइजी का मालिकाना हक GMR Group और JSW Group के पास है।
टीम IPL फाइनल तक पहुंच चुकी है, लेकिन ट्रॉफी जीतने में सफल नहीं हुई। ऐसे में गांगुली के सामने सिर्फ प्लेऑफ में जगह बनाने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि टीम को खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदार बनाने की भी जिम्मेदारी होगी।
गांगुली खुद भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं। उनके कप्तानी कार्यकाल में भारत ने विदेशी मैदानों पर कई महत्वपूर्ण जीत दर्ज कीं और टीम को आक्रामक रवैया अपनाने के लिए जाना गया। अब दिल्ली कैपिटल्स को भी उनसे इसी तरह के नेतृत्व और टीम बिल्डिंग की उम्मीद होगी।
JSW के कार्यकाल में बड़ा बदलाव
दिल्ली कैपिटल्स के संचालन में भी 2026-27 के दौरान बदलाव का दौर चल रहा है। GMR और JSW दोनों फ्रेंचाइजी के सह-मालिक हैं और दोनों के बीच तय व्यवस्था के तहत अलग-अलग अवधि में संचालन की जिम्मेदारी संभाली जाती है। 2026 और 2027 के IPL चक्र में JSW के पास संचालन की जिम्मेदारी है।
ऐसे में गांगुली की नियुक्ति को फ्रेंचाइजी के व्यापक क्रिकेटिंग बदलाव का हिस्सा भी माना जा सकता है। वह पहले ही दिल्ली कैपिटल्स के सिस्टम को अच्छी तरह समझते हैं, इसलिए नए सेटअप में उन्हें टीम की रणनीति और मैनेजमेंट के बीच बेहतर तालमेल बनाने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
क्या गांगुली बदल पाएंगे दिल्ली की किस्मत?
दिल्ली कैपिटल्स लंबे समय से IPL की मजबूत टीमों में शामिल रही है, लेकिन अब तक फ्रेंचाइजी अपनी पहली IPL ट्रॉफी जीतने में कामयाब नहीं हुई है। टीम फाइनल तक पहुंच चुकी है, लेकिन खिताब से दूर रह गई। पिछले दो सीजन में भी दिल्ली की टीम प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी। ऐसे में सौरव गांगुली की नियुक्ति को टीम के लिए एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
गांगुली पहले भी दिल्ली कैपिटल्स के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। वह फ्रेंचाइजी के क्रिकेटिंग सिस्टम और खिलाड़ियों से अच्छी तरह परिचित हैं। अब बतौर हेड कोच उन्हें टीम के प्रदर्शन और क्रिकेटिंग रणनीति की सीधी जिम्मेदारी संभालनी होगी। उनकी सबसे बड़ी चुनौती टीम को लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली इकाई में बदलना होगी।
ऋषभ पंत की दिल्ली में वापसी भी टीम के लिए अहम है। पंत लंबे समय तक फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे हैं और कप्तानी भी कर चुके हैं। उनके अनुभव के साथ टीम के पास अक्षर पटेल और अन्य भारतीय खिलाड़ियों का विकल्प भी है। ऐसे में गांगुली के सामने अनुभव और युवा प्रतिभा के बीच सही संतुलन बनाकर ऐसी टीम तैयार करने की चुनौती होगी, जो IPL 2027 में खिताब की मजबूत दावेदार बन सके।

