Monday, 13 July 2026
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12 साल से हर महीने दे रही थी मम्‍मी को सैलरी, एक दिन खाता देखा तो आ गई सदमे में

नई दिल्ली।

तमाम लोग सैलरी अपनी मां को दे देते हैं ताकि बचत हो। उन्‍हें डर रहता है कि अगर उनके पास रहेगी तो खर्च हो जाएगी। एकाउंट में भी नहीं रखते। एक लड़की भी ऐसा ही कर रही थी। बीते 12 साल से वह अपनी कमाई का एक हिस्‍सा अपने पास रखती थी और बाकी पूरी सैलरी मां को भेज देती थी, ताकि उसकी बचत हो सके लेकिन बाद में जब उसने एकाउंट देखा तो सदमे में आ गई।

मामला ताइवान का है और वहां की सोशल मीडिया में इन दिनों खूब छाया हुआ है। साउथ चाइना मार्निंग पोस्‍ट ने HK01 की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि लड़की ने एनोनिमस 2 कम्युनिटी नाम के एक फेसबुक फोरम पर आपबीती सुनाई। उसने बताया कि कैसे सेविंग्‍स के लिए उसने अपनी मां पर भरोसा किया लेकिन अब वह पछता रही है। उसको लगा कि मां ने सारे पैसे बचाकर रखे होंगे और 70-75 लाख रुपये जमा हो गए होंगे, लेकिन एकाउंट देखा तो करारा झटका लगा।

72 लाख दिए, मिले सिर्फ 1.31 लाख

लड़की ने बताया कि ग्रैजुएट होने के बाद जब उसकी नौकरी लगी तो हर महीने 770 डॉलर मिलने लगे। सोचा कि पैसे बचाने चाहिए। इसल‍िए पिछले 12 साल से अपनी लगभग सारी सैलरी मां को देती आ रही थी। तब से अब तक 90000 डॉलर यानी 72,98,507 रुपये दे दिए। उसे लगा कि कुछ जुटा नहीं होगा तो इतने पैसे तो बचे ही होंगे लेकिन जब एकाउंट देखा तो उसमें सिर्फ 1600 डॉलर यानी 1.31 लाख रुपये ही बचे थे। यह देखकर वह हैरान रह गई।

डर के मारे मां से नहीं मांगती थी पैसे

लड़की अपनी शादी की तैयार‍ियों में जुटी थी। इसी वजह से उसे पैसों की जरूरत हुई। लड़की ने कहा, मुझे याद है कि एक बार मैं अपने बालों को पर्म करना चाहती थी और मैंने अपनी मां से कुछ पैसे मांगे थे। तब मां ने कहा, मुझे पैसे बर्बाद नहीं करने चाहिए। उन्‍होंने पैसे देने से इनकार कर दिया। तब से भले ही वह भूखी हो और उसके पास खाने के लिए पैसे न हों, वह अपनी मां से पैसे मांगने से झिझकती थी क्योंकि उसे डर था कि मां गुस्सा करेगी। लेकिन अब जो हुआ वह उससे सदमें में है।

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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