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जहां गौरी के साथ की थी नई जिंदगी की शुरुआत, उसी घर को शाहरुख ने 37 करोड़ में खरीदा

शाहरुख खान ने दिल्ली के पंचशील पार्क स्थित वही घर करीब 37 करोड़ रुपये में खरीदा, जहां गौरी खान के साथ उन्होंने शादीशुदा जिंदगी की शुरुआत की थी।

नई दिल्ली: क्या कोई घर सिर्फ ईंट-पत्थरों का बना मकान होता है, या उसमें छिपी यादें उसे अनमोल बना देती हैं? शायद इसी सवाल का जवाब बॉलीवुड के ‘किंग खान’ शाहरुख खान ने एक बार फिर अपनी जिंदगी से दिया है।

करोड़ों की संपत्ति और दुनिया भर में आलीशान घर होने के बावजूद उन्होंने दिल्ली की उसी इमारत को करीब 37 करोड़ रुपये में खरीद लिया, जहां शादी के बाद उन्होंने और गौरी खान ने अपने वैवाहिक जीवन की पहली शुरुआत की थी।

यह केवल एक प्रॉपर्टी डील नहीं, बल्कि उस शहर, उन यादों और उस प्रेम कहानी से दोबारा जुड़ने की कोशिश है, जिसने एक साधारण दिल्ली के लड़के को दुनिया का सबसे बड़ा सुपरस्टार बना दिया।

37 करोड़ में खरीदी इमारत

रिपोर्ट्स के अनुसार शाहरुख खान ने दक्षिण दिल्ली के पंचशील पार्क स्थित उस आवासीय भवन का पूर्ण स्वामित्व (Full Ownership) हासिल कर लिया है, जिसकी कीमत लगभग 37 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

यही वह इमारत है जहां 25 अक्टूबर 1991 को शादी के बाद शाह रुख खान और गौरी खान ने अपने वैवाहिक जीवन के शुरुआती दिन बिताए थे। यह घर मूल रूप से गौरी खान के परिवार से जुड़ा रहा है और लंबे समय तक परिवार के स्वामित्व में था।

हाल के वर्षों में इस भवन का पुनर्विकास (Redevelopment) किया गया। अब शाहरुख खान ने इसे पूरी तरह अपने नाम कर लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस भवन में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार मंजिलें हैं। भविष्य में इसे पारिवारिक निवास या निजी उपयोग के लिए विकसित किया जा सकता है।

दिल्ली में शुरू हुई प्रेम कहानी

आज करोड़ों लोग शाह रुख और गौरी खान को बॉलीवुड का सबसे मजबूत कपल मानते हैं, लेकिन उनकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दोनों की पहली मुलाकात 1984 में दिल्ली में हुई थी।

उस समय शाहरुख खान लगभग 18 वर्ष के थे, जबकि गौरी छिब्बर (अब गौरी खान) करीब 14 वर्ष की थीं। दिल्ली के एक दोस्त की पार्टी में शाह रुख की नजर पहली बार गौरी पर पड़ी।

शर्मीले स्वभाव की गौरी अपने दोस्तों के साथ डांस कर रही थीं। शाहरुख कई मिनट तक उन्हें देखते रहे लेकिन उनसे बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।

आखिरकार उन्होंने साहस करके गौरी से पूछा— “क्या तुम मेरे साथ डांस करोगी?”

गौरी ने यह कहकर शाहरुख को मना कर दिया कि वह अपने बॉयफ्रेंड का इंतजार कर रही हैं।

बाद में शाहरुख को पता चला कि वह उनका भाई था। यहीं से उनकी प्रेम कहानी की शुरुआत हुई।

फोन नंबर से शुरू हुआ रिश्ता

पहली मुलाकात के बाद शाह रुख किसी तरह गौरी का फोन नंबर हासिल करने में सफल रहे। उस दौर में मोबाइल फोन नहीं होते थे। दोनों लैंडलाइन पर घंटों बातें करते थे।

धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। लेकिन यह रिश्ता बिल्कुल आसान नहीं था। उसकी वजह भी सौभाविक थी। शाहरुख मुस्लिम परिवार से थे वहीं गौरी पंजाबी हिंदू परिवार से थीं।

उस दौर में अंतरधार्मिक विवाह (Interfaith Marriage) आज की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता था।

शुरुआत में गौरी के परिवार को यह रिश्ता बिल्कुल पसंद नहीं था। उन्हें लगता था कि दोनों की दुनिया बिल्कुल अलग है।

जब गौरी बिना बताए मुंबई चली गईं

रिश्ते के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब गौरी इस रिश्ते से परेशान होकर अपने दोस्तों के साथ बिना बताए मुंबई चली गईं।

शाहरुख इस बात से बेहद बेचैन हो गए। उन्होंने अपनी मां लतीफ फातिमा खान से कुछ पैसे लिए और गौरी को खोजने अकेले मुंबई पहुंच गए।

कई दिनों तक अलग-अलग जगह तलाश करने के बाद आखिरकार दोनों की मुलाकात समुद्र किनारे हुई। शाहरुख ने बाद में कई इंटरव्यू में बताया कि उस मुलाकात के बाद दोनों रो पड़े थे। उसी दिन दोनों ने तय किया कि अब जीवनभर साथ रहेंगे।

25 अक्टूबर 1991 को हुई शादी

करीब सात वर्षों के रिश्ते के बाद आखिरकार दोनों परिवार इस विवाह के लिए तैयार हुए। 25 अक्टूबर 1991 को शाहरुख खान और गौरी छिब्बर विवाह बंधन में बंध गए।

दोनों ने अलग-अलग परंपराओं का सम्मान करते हुए विवाह किया। शादी के बाद गौरी का नाम आधिकारिक रूप से गौरी खान हो गया।

शादी के बाद दोनों दिल्ली के पंचशील पार्क स्थित इसी भवन में रहने लगे। उस समय शाहरुख बॉलीवुड के बड़े सितारे नहीं थे। वे टीवी धारावाहिकों ‘फौजी’, ‘सर्कस’ और कुछ अन्य प्रोजेक्ट्स से पहचान बना चुके थे, लेकिन फिल्मी करियर अभी शुरू ही हुआ था।

दिल्ली के इसी घर में दोनों ने अपने वैवाहिक जीवन के शुरुआती दिन बिताए।

मुंबई जाने का फैसला

शादी के कुछ समय बाद Shah Rukh Khan ने अपने अभिनय के सपने को पूरा करने के लिए दिल्ली छोड़कर मुंबई जाने का फैसला किया। यह फैसला आसान नहीं था। न उनके पास फिल्मों में कोई मजबूत पहचान थी और न ही भविष्य की कोई गारंटी। लेकिन इस पूरे सफर में अगर कोई बिना शर्त उनके साथ खड़ा रहा, तो वह थीं गौरी खान।

मुंबई पहुंचने के शुरुआती दिनों में दोनों ने साधारण जीवन बिताया। किराए के घरों में रहे, सीमित संसाधनों के साथ जीवन शुरू किया और हर चुनौती का सामना मिलकर किया।

तीन बच्चों के साथ पूरा हुआ परिवार

शाह रुख और गौरी के तीन बच्चे हैं—

  • आर्यन खान (जन्म: 13 नवंबर 1997)
  • सुहाना खान (जन्म: 22 मई 2000)
  • अबराम खान (जन्म: 27 मई 2013, सरोगेसी के माध्यम से)

गौरी ने बच्चों की परवरिश के साथ-साथ अपने करियर को भी नई पहचान दी। आज वह देश की प्रसिद्ध इंटीरियर डिज़ाइनर और उद्यमी हैं तथा कई हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुकी हैं।

मन्नतबनने तक का सफर

दिल्ली के छोटे से घर से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर मुंबई के सबसे चर्चित बंगले ‘मन्नत’ तक पहुंचा।

बांद्रा स्थित इस बंगले को Shah Rukh Khan ने 2001 में 13.32 करोड़ रुपये में एक गुजराती बिजनेसमैन नरीमन दुबाश से खरीदा था। उस समय यह आलीशान बंगला ‘विला वियना’ के नाम से मशहूर था।

बाद में गौरी खान ने इसकी इंटीरियर डिजाइनिंग की और आज यह देश के सबसे चर्चित सेलिब्रिटी घरों में शामिल है।

हर साल शाहरुख के जन्मदिन पर हजारों प्रशंसक ‘मन्नत’ के बाहर जुटते हैं। लेकिन इसके बावजूद दिल्ली का वह घर हमेशा उनके दिल के सबसे करीब रहा, जहां उनकी शादीशुदा जिंदगी की शुरुआत हुई थी।

37 करोड़ की कीमत से कहीं ज्यादा हैं ये यादें

दिल्ली की इस इमारत की कीमत भले ही करीब 37 करोड़ रुपये हो, लेकिन Shah Rukh Khan के लिए इसकी असली कीमत उन यादों में छिपी है, जिन्हें किसी बाजार में नहीं खरीदा जा सकता। यह वही जगह है जहां एक युवा दंपति ने अपने साझा भविष्य का सपना देखा था।

आज वर्षों बाद उसी घर का दोबारा मालिक बनकर शाह रुख ने साबित कर दिया कि सफलता चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो जाए, इंसान की सबसे अनमोल संपत्ति उसकी यादें और उसकी जड़ें ही होती हैं।

यही वजह है कि यह सौदा केवल एक प्रॉपर्टी खरीद नहीं, बल्कि शाह रुख और गौरी खान की चार दशक पुरानी प्रेम कहानी का एक भावनात्मक और खूबसूरत अध्याय बन गया है।

ये भी पढ़ें :- Rajpal Yadav Case: चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को 3 महीने की जेल, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया बड़ा झटका

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MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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