सुनील कुमार को सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिदा के खिलाफ 0-11 से हार मिली थी। इसके बाद उन्होंने कांस्य पदक मुकाबले में वापसी करते हुए 9-0 की तकनीकी श्रेष्ठता से जीत दर्ज की।
नागोया: भारत के पहलवान सुनील कुमार ने Asian Games 2026 में पुरुषों की Greco-Roman 87 किलोग्राम स्पर्धा में कांस्य पदक जीत लिया है। उन्होंने बुधवार को कांस्य पदक के मुकाबले में फिलीपींस के कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स (Callum Johnston Roberts) को 9-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया। इस जीत के साथ सुनील ने Asian Games में लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया।
सुनील का यह पदक इस Asian Games में भारतीय कुश्ती के लिए पहला पदक है। 27 वर्षीय हरियाणा के पहलवान ने इससे पहले हांगझोऊ 2023 में भी 87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन वर्ग में कांस्य पदक जीता था। 2026 में उसी वर्ग में दोबारा पोडियम पर पहुंचकर उन्होंने अपने प्रदर्शन की निरंतरता साबित की है।
कांस्य पदक मुकाबले में एकतरफा जीत
सुनील कुमार और कैलम रॉबर्ट्स के बीच कांस्य पदक मुकाबला शुरू से ही भारतीय पहलवान के नियंत्रण में रहा। सुनील ने मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की और अपने प्रतिद्वंद्वी को स्कोर करने का मौका नहीं दिया।
उन्होंने शुरुआत में रॉबर्ट्स को पकड़कर दो टेकडाउन किए और जल्द ही 4-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद फिलीपींस के पहलवान को पार्तेर (Par Terre) स्थिति में ले जाया गया, जहां सुनील ने लगातार स्कोरिंग मूव्स के जरिए अपनी बढ़त बढ़ाई।
मुकाबले में रॉबर्ट्स एक भी अंक हासिल नहीं कर सके। सुनील ने लगातार अंक जुटाते हुए स्कोर 9-0 तक पहुंचाया और तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस तरह भारतीय पहलवान ने बिना कोई अंक गंवाए कांस्य पदक पक्का किया।
सेमीफाइनल में जापानी पहलवान से मिली थी हार
सुनील कुमार ने कांस्य तक पहुंचने से पहले सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिदा का सामना किया था। इस मुकाबले में उन्हें 0-11 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा।
सेमीफाइनल में मिली हार के बाद सुनील के पास स्वर्ण या रजत पदक की दौड़ में आगे बढ़ने का मौका नहीं रहा, लेकिन उनका अभियान समाप्त नहीं हुआ। उन्हें कांस्य पदक मुकाबले में जगह मिली, जहां जीत के साथ वह पोडियम पर लौट सकते थे।
सुनील ने इस मौके को गंवाया नहीं। सेमीफाइनल की हार के बाद उन्होंने कांस्य पदक (Bronze Medal) में मजबूत वापसी की और रॉबर्ट्स को 9-0 से हराकर पदक अपने नाम कर लिया।
क्वार्टर फाइनल में भी रहा दबदबा
सुनील कुमार ने अपने Asian Games 2026 अभियान की शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया। क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला ताजिकिस्तान के मोहम्मद सुल्तोनज़ोदा (Muhammad Sultonzoda) से हुआ।
भारतीय पहलवान ने इस मुकाबले को भी तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीता। उन्होंने पहले ही पीरियड में 9-0 की बढ़त बनाकर मुकाबला समाप्त कर दिया। सुनील ने एक अंक हासिल करने के बाद लगातार दो-दो अंकों के कई स्कोरिंग मूव किए और अपने प्रतिद्वंद्वी को एक भी अंक नहीं लेने दिया।
इस जीत के साथ सुनील सेमीफाइनल में पहुंचे और 87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन वर्ग में भारत की पदक उम्मीद मजबूत हुई।
दूसरी बार एशियन खेलों में पदक
सुनील कुमार के लिए यह कांस्य पदक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह Asian Games में उनका लगातार दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने हांगझोऊ में आयोजित 2023 Asian Games में भी इसी 87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया था।
2023 में सुनील ने क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के सुखरोब अब्दुलखायेव (Sukhrob Abdulkhaev) को 9-1 से हराया था। सेमीफाइनल में उनका सामना ईरान के नासिर अलीज़ादेह (Naser Alizadeh) से हुआ, जहां उन्हें हार मिली। इसके बाद bronze medal bout में उन्होंने किर्गिस्तान के अताबेक अज़िसबेकोव को 2-1 से हराकर कांस्य पदक जीता था।
ग्रीको-रोमन रेसलिंग में बनाया खास रिकॉर्ड
सुनील कुमार की 2026 की उपलब्धि भारतीय ग्रीको-रोमन रेसलिंग के लिहाज से भी खास है। वे Asian Games में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान बन गए हैं।
इससे पहले भारत के Ravinder Singh और Sunil Kumar Rana ने 2010 ग्वांगझू एशियन गेम्स में ग्रीको-रोमन रेसलिंग में कांस्य पदक जीते थे।
Asian Games 2026 में भारत का बड़ा दिन
सुनील कुमार का कांस्य उस दिन आया जब भारत ने Asian Games 2026 में कई खेलों में पदक हासिल किए।
1. महिला कंपाउंड टीम ने जीता स्वर्ण
भारत की महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने 30 सितंबर को एशियाई खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीता। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराया। भारतीय टीम ने शुरुआत से बढ़त बनाए रखी।
इस जीत के साथ भारत ने पिछले एशियाई खेलों का महिला कंपाउंड टीम खिताब बरकरार रखा। भारत का 238 का स्कोर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने वाला रहा। सेमीफाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 234-233 से हराया था।
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2. मिश्रित कंपाउंड टीम का रोमांचक स्वर्ण
चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव ने मिश्रित कंपाउंड टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने दक्षिण कोरिया के योंगही चोई और पार्क जंगयून का सामना किया। चारों चरणों के बाद दोनों टीमें 157-157 से बराबर थीं।
इसके बाद निर्णायक शूट-ऑफ में भारत ने 20-19 से जीत दर्ज की। यह जीत इसलिए भी अहम रही क्योंकि मिश्रित कंपाउंड टीम स्पर्धा को लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक में शामिल किया जाना है। भारत ने इस स्पर्धा में ओलंपिक कोटा स्थान भी हासिल किया।
3. पुरुष कंपाउंड टीम ने भी जीता स्वर्ण
कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणि रत्नम ने पुरुष कंपाउंड टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। फाइनल में भारतीय टीम ने चीन को 238-237 से हराया। मुकाबले का फैसला केवल एक अंक से हुआ।
फाइनल से पहले भारत ने अंतिम-16 दौर में संयुक्त अरब अमीरात को 235-215 और क्वार्टर फाइनल में भूटान को 235-232 से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ 30 सितंबर को भारत ने कंपाउंड तीरंदाजी में तीन स्वर्ण पदक पूरे कर लिए।
4. नीरू धांडा और कायनन चेन्नई का निशानेबाजी में स्वर्ण
नीरू धांडा और कायनन चेन्नई ने ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 34 अंक हासिल किए, जो नया एशियाई खेल रिकॉर्ड रहा। कतर ने 32 अंकों के साथ रजत और चीन ने 23 अंकों के साथ कांस्य जीता।
भारत का स्कोर चार चरणों के बाद 6, 16, 26 और 34 रहा। यह एशियाई खेलों की ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक था। नीरू का यह प्रतियोगिता में तीसरा पदक रहा।
5. प्रिया घंघास ने मुक्केबाजी में जीता कांस्य
भारत की प्रिया घंघास ने महिलाओं की 60 किलोग्राम मुक्केबाजी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। एशियाई खेलों में पदार्पण पर प्रिया सेमीफाइनल तक पहुंचीं, जहां उनका सामना चीन की पूर्व विश्व चैंपियन यांग चेंग्यू से हुआ। यांग ने 4-1 के विभाजित निर्णय से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई।
इसके साथ प्रिया को कांस्य पदक मिला। 20 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज ने अपने पदार्पण पर पदक हासिल किया। मुक्केबाजी में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है। प्रिया का पदक एशियाई खेल 2026 में भारत की मुक्केबाजी पदक तालिका में जुड़ा।
6. कपिल पोखरिया को 90 किलोग्राम में कांस्य
भारत के कपिल पोखरिया ने पुरुषों के 90 किलोग्राम मुक्केबाजी वर्ग में कांस्य पदक जीता। सेमीफाइनल में उनका सामना उज्बेकिस्तान के तुराबेक खाबिबुल्लाएव से हुआ। खाबिबुल्लाएव ने 4-1 के फैसले से मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह बनाई।
चार निर्णायकों ने उज्बेक मुक्केबाज के पक्ष में 30-27 का फैसला दिया, जबकि पांचवें निर्णायक ने मुकाबला 29-28 से कपिल के पक्ष में देखा। इससे पहले कपिल ने क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम गिचाए को हराया था। सेमीफाइनल की हार के बावजूद उन्हें कांस्य पदक मिला।
7. लवलीना बोरगोहेन ने फाइनल में बनाई जगह
भारत की लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75 किलोग्राम श्रेणी के सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ लवलीना ने कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया। अब वह स्वर्ण पदक के लिए खिताबी मुकाबले में उतरेंगी।
लवलीना का सेमीफाइनल मुकाबला 30 सितंबर को निशियो व्यायामशाला में हुआ। भारतीय मुक्केबाज पहले भी बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीत चुकी हैं। टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था। एशियाई खेल 2026 में उनका फाइनल तक पहुंचना भारत के लिए महत्वपूर्ण परिणाम रहा।
8. महिला स्क्वैश टीम ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का किया
भारतीय महिला स्क्वैश टीम ने सिंगापुर को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और पदक सुनिश्चित किया। क्वार्टर फाइनल में तन्वी खन्ना ने ऑ योंग वाई इयान को 11-6, 4-11, 15-13, 11-1 से हराया। इसके बाद अनाहत सिंह ने ऑ योंग वाई यान को 11-7, 11-3, 11-4 से मात दी। भारत के 2-0 से आगे होने के कारण तीसरा मुकाबला नहीं खेलना पड़ा। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने कम से कम कांस्य पदक पक्का किया।
9. पुरुष स्क्वैश टीम भी सेमीफाइनल में
भारतीय पुरुष स्क्वैश टीम ने कुवैत को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और पदक सुनिश्चित किया। पहले मुकाबले में वीर चोत्रानी ने बदर अलमोगरेबी को 3-1 से हराया। उन्होंने 12-10, 8-11, 11-0, 11-5 से जीत दर्ज की।
इसके बाद अभय सिंह ने अम्मार अल्तमीमी को 11-3, 11-4, 11-8 से हराकर भारत को 2-0 की बढ़त दिलाई। तीसरे मुकाबले की जरूरत नहीं पड़ी। इस जीत के बाद भारत का सेमीफाइनल में मलेशिया से सामना होना है।
