Friday, 23 October 2026
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भारत में पुनर्जनन चिकित्सा पर मंथन: IANR और SRS का संयुक्त सम्मेलन नई दिल्ली में शुरू

स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा – “भारत पुनर्जनन चिकित्सा में वैश्विक अग्रणी बन रहा है”

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पुनर्जनन चिकित्सा, सेलुलर थेरपी और न्यूरोरेस्टोरेटोलॉजी में भारत की भूमिका पर वैश्विक विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं।

श्री जुएल ओराम, माननीय जनजातीय कार्य मंत्री, ने सम्मेलन का उद्घाटन किया, स्वास्थ्य सेवा में वैज्ञानिक नवाचार की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डालते हुए और भारतीय शोधकर्ताओं की सराहना करते हुए जिन्होंने पुनर्जनन चिकित्सा में भारत को वैश्विक नेता के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी से दिव्यांगों के लिए सेल थेरपी को आयुष्मान भारत में शामिल करने का अनुरोध करेंगे।

श्री जे.पी. नड्डा, माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, ने वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा, “भारत पुनर्जनन चिकित्सा में वैश्विक नेता के रूप में उभर रहा है, जहां इसके डॉक्टर स्टेम सेल और सेलुलर थेरपी नवाचार के अग्रिम पंक्ति में हैं। इस तरह के सम्मेलन ज्ञान, अनुभव और नीतिगत मार्गदर्शन को एक साथ लाते हैं जो युवा पेशेवरों को प्रेरित करते हैं और रोगियों के लिए वास्तविक समाधान प्रदान करते हैं। न्यूरोलॉजिकल और ऑर्थोपेडिक विकारों तथा विकलांगताओं के उपचार में हाल की प्रगति, जो सरकार का प्राथमिकता क्षेत्र है।”

*सेलुलर थेरपी और पुनर्जनन चिकित्सा पर ध्यान*
सम्मेलन सेलुलर थेरपी का उपयोग करके पुनर्जनन चिकित्सा पर केंद्रित है, जो क्षतिग्रस्त ऊतकों को पुनर्स्थापित करता है और न्यूरोलॉजिकल, ऑर्थोपेडिक तथा अन्य कठिन उपचार वाले विकारों से ग्रस्त रोगियों में कार्यात्मक पुनर्बहाली में सुधार लाता है। भारत में 2.68 करोड़ से अधिक दिव्यांग नागरिकों के साथ, प्रतिनिधियों ने जोर दिया कि ये थेरपी उन रोगियों की जीवन गुणवत्ता में व्यापक सुधार ला सकती हैं जिन्हें पहले असाध्य माना जाता था। न्यूरोलॉजिकल स्थितियों में विश्व स्तर पर सबसे अधिक वैज्ञानिक प्रकाशन भारत से हैं।

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सोसाइटी ऑफ रीजेनरेटिव साइंसेज का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. अलोक शर्मा ने कहा, “पुनर्जनन चिकित्सा में सेलुलर थेरपी का उपयोग हमारा कार्य उन रोगियों के लिए उपचार प्रदान करना है जिनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं है। भारत अनुसंधान में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है, और पीएम मोदी ने शुरू से ही इस पहल का समर्थन किया है, स्टेम सेल केंद्रों को बढ़ावा देकर और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करके। हम आयुष्मान भारत के तहत सेलुलर थेरपी को शामिल करने का आग्रह करते हैं ताकि सभी रोगी इन जीवन-परिवर्तनकारी उपचारों तक पहुंच सकें।”

IANR के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. होंग्युन हुआंग ने कहा, “हम भारतीय सरकार के समर्थन और हमारे प्रोफेसरों तथा तकनीकी टीमों के कठिन परिश्रम के लिए आभारी हैं। न्यूरल रिसर्च का उद्देश्य न्यूरोलॉजिकल कार्य को बहाल करना, रोगियों की कार्डियो-रिदम में सुधार लाना और उनकी समग्र जीवन गुणवत्ता को बढ़ाना है। हमारे निष्कर्ष पहले से ही महत्वपूर्ण सुधार दिखा चुके हैं, और निरंतर अनुसंधान तथा सहयोग के साथ, हम इन थेरपी को अधिक व्यापक रूप से उपलब्ध और प्रभावी बना सकते हैं।” उन्होंने उल्लेख किया कि पुनर्जनन चिकित्सा में भारत चीन से अधिक उन्नत है।

अमेरिका, चीन, पोलैंड, दक्षिण कोरिया, अर्जेंटीना, हांगकांग तथा अन्य देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। पहले दिन में क्लिनिकल न्यूरोरेस्टोरेशन के रुझान, स्टेम सेल हस्तक्षेपों तथा भारत में पुनर्जनन चिकित्सा को समर्थन देने वाली नीति ढांचों पर चर्चाएं हुईं। डॉ. अलोक शर्मा को वर्ष 2025 के लिए IANR के अध्यक्ष के रूप में नामांकित किया गया।

डॉक्टरों और रोगी प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से भारत सरकार से अपील की कि न्यूरोलॉजिकल, ऑर्थोपेडिक तथा अन्य असाध्य स्थितियों के लिए सेलुलर थेरपी को आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत शामिल किया जाए, जिससे सभी के लिए किफायती पहुंच सुनिश्चित हो।

सम्मेलन कल (18 अक्टूबर) जारी रहेगा, जिसमें पुनर्जनन और पुनर्स्थापना चिकित्सा में क्लिनिकल अनुवाद तथा नीति ढांचों पर थीमेटिक सत्र, पैनल चर्चाएं तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रस्तुतियां शामिल होंगी।

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Mansi Sharma

लेखक

Mansi Sharma is a journalist covering Global Affairs, and wellness, known for turning complex ideas into sharp, engaging narratives. Her work is driven by curiosity, depth, and a constant urge to question and explore. When she’s not writing, you’ll often find her diving into new ideas—preferably with a cup of coffee in hand, one sip at a time.

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